Old Testament
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पाठ का तात्कालिक संदर्भ
कुलुस्सियों 4:15 में पौलुस कुलुस्सा के भाइयों के प्रति संदेश देता है कि लौदीकिया के भाइयों को और नुमफास और उसकी घर की कलीसिया को नमस्कार कहना। यह वाक्यह एक व्यक्तिगत, सामुदायिक संपर्क और चर्चीय संबंधों की गर्मजोशी को दर्शाता है। पौलुस धार्मिक समुदायों के बीच पारिवारिक प्रेम और एकता की महत्ता को रेखांकित कर रहे हैं, ताकि विश्वासी एक-दूसरे के साथ जुड़े रहें और एक दूसरे के लिए समर्थन बनें।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाले संदेश
यह छोटे-से वाक्यांश भी अस्पष्ट नहीं करता कि चर्चीय भाइचारे का व्यवहार परमेश्वर के राज्य का एक हिस्सा है। भरोसा हमें दिखाता है कि ईश्वर के लोग एक दूसरे के साथ सम्मान, प्रेम और सहयोग का व्यवहार करें। नमस्कार कहना, एक प्रकार से शुभसूचना और एक दूसरे के साथ एकता की अभिव्यक्ति है। यह परस्पर संबंध केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समुदाय-निर्माण का एक सूत्र है जिसे आत्मिक उन्नति और सन्तुष्टि के लिए आवश्यक माना गया है।
महत्वपूर्ण शब्द व चित्रों की स्पष्टता
अन्य पाठों के साथ सम्बन्ध
यह पाठ आधुनिक चर्च के लिए तीन प्रकार के cross-references देता है—1) स्थानीय चर्च की संयुक्तता, 2) रिश्तेदारों के बीच सम्मान और प्रेम, 3) घर-घर चर्चित जीवन को प्रोत्साहन।
आज के समय के लिए अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में हम अपने स्थानीय संघों में एक दूसरे के प्रति नम्रता और सम्मान से व्यवहार करें। अपने चर्च के सदस्य, नए और पुराने दोनों के लिए, एक दूसरे के घरों में मिलने, प्रार्थना में साथ रहने, और एक दूसरे के लिए प्रायः सहायता उपलब्ध कराने की भावना पैदा करें। यह छोटे-छोटे कृत्य भी समुदाय की स्थिरता और आध्यात्मिक वृद्धि को स्थापित करते हैं।
पारिवारिक-युग्मित दृष्टिकोण: प्रसिद्ध टिप्पणीकारों की झलक
एAdam Clarke, Matthew Henry और Albert Barnes ने इस प्रकार के दृश्य में स्थानीय चर्च समुदाय के अनुकूल और प्रेमपूर्ण सम्बन्धों की महत्ता पर बल दिया है। Clarke कहते हैं कि यह नमस्कार एक समुदाय की प्रार्थना-सम्बद्धता और मिलन-भावना की अभिव्यक्ति है; Henry इसे पारिवारिक स्वरूप में समुदाय के साथ जुड़ाव के रूप में देखते हैं; Barnes इसे व्यवहारिक सहिष्णुता और परस्पर सहायता के रूप में उद्धृत करते हैं।
यद्यपि हम पूर्ण उद्धरण नहीं दे रहे, ये विचार इस पाठ की निश्चयात्मक समझ को समृद्ध करते हैं कि चर्च एक परिवार है जहां हर सदस्य दूसरे के लिए ढाल बने।