Old Testament
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2 पतरस 1:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
शमौन पतरस की और से जो यीशु मसीह का दास और प्रेरित है, उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धार्मिकता से हमारा जैसा बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है।
2 पतरस 1:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 पतरस 1:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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तीतुस 2:13 (HINIRV) »
और उस धन्य आशा की अर्थात् अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की प्रतीक्षा करते रहें।

रोमियों 3:21 (HINIRV) »
पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की धार्मिकता प्रगट हुई है, जिसकी गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं,

तीतुस 1:4 (HINIRV) »
तीतुस के नाम जो विश्वास की सहभागिता के विचार से मेरा सच्चा पुत्र है: परमेश्वर पिता और हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और शान्ति होती रहे।
2 पतरस 1:1 का महत्व और संदर्भ
यह verses उन विश्वासियों के लिए एक ठोस पहचान प्रमाण प्रस्तुत करता है जिनमें परमेश्वर की कृपा से बहुमूल्य विश्वास पाया गया है। शमौन पतरस—यीशु मसीह का दास और प्रेरित—हम सबसे पहले एक ऐसी व्यक्ति-केवलता नहीं दिखाते जो पद और सम्मान के साथ जुड़ा है, बल्कि वे हमें एक साझा, दृढ़ विश्वास की ओर बुलाते हैं जो ईश्वर के उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धार्मिकता पर आधारित है। यह वाक्य हमें स्पष्ट करता है कि विश्वास किसी व्यक्तिगत मान-प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि परमेश्वर के प्रतिफल प्रेम का परिणाम है जिसे हमारे उद्धार के लिए दिया गया है।
मूल संदर्भ और संदेश
पतरस इस पत्र की शुरुआत में पाठकों को उनके विश्वास की एक बुनियादी, दृढ़ और वास्तविक प्रकृति के बारे में स्मरण कराते हैं। यह विश्वास “हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धार्मिकता” से प्राप्त है — अर्थात् यह क्षमताओं, कौशलों या कर्मों से नहीं, बल्कि ईश्वर की स्वर्गीय उदारता और कृपा से प्राप्त, आस्था के साथ स्वीकृत है। पतरस यह नहीं कहता कि हमारे द्वारा कुछ महान पुण्यों से इसका लाभ है, बल्कि यह कि यह बहुमूल्य विश्वास उन सबसे है जो यीशु मसीह में समर्पण करते हैं।
मुख्य संदेश
पवन-थीम और शब्दार्थ
पद कहता है कि विश्वास “बहुमूल्य” है, जो उद्धारकर्ता के प्रेम और सत्यता के साथ जुड़ा है। यह न केवल स्व-स्वीकृति का विषय है, बल्कि समुदाय के बीच एकता और भरोसे का आधार भी है—हम सभी एक समान आधार पर विश्वास साझा करते हैं, क्योंकि हमारा उद्धार एक ईश्वर के साझा करिश्मे से है।
क्रॉस-रेफरेंस और उनके संकेत
कुछ उपयोगी संदर्भ जो इस पाठ को पृष्ठभूमि देते हैं:
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि विश्वास केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि हृदय का परिवर्तन और ईश्वर के साथ संबंध का परिणाम है।
पिता और दाता—पुष्टि की अनुभूति
पतरस की भूमिका एक प्रेरक और जिम्मेदार विश्वासी की है: वे समुदाय को यह स्मरण कराते हैं कि हमारी दृष्टि और विश्वास की सुरक्षा परमेश्वर पर है। ऐसा विश्वास—जो हमें उद्धार देता है—हमारे जीवन के हर हिस्से को बदल देता है, ताकि हम प्रभु यीशु मसीह की धार्मिकता में लगातार अधिक प्रतिनिधित्व करें।
देवotional reflection
जब हम अपने बहुमूल्य विश्वास को याद करते हैं, तब हमें यह समझना चाहिए कि यह ईश्वर की प्रेम-चाल से जुड़ा है, न कि हमारे ही प्रयासों से। हर दिन इसकी सुरक्षा और टिकाऊपन के लिए परमेश्वर की करुणा की जयकार करें। जैसे पतरस ने अपने पाठकों के लिए एक स्पष्ट पहचान दी, वैसे ही आप अपने जीवन में इस विश्वास की प्रबलता को देखते रहें—उद्धारकर्ता की धार्मिकता, जो हमारे साथ है, वही हमें मजबूत बनाती है।
संक्षिप्त उद्धरण और चर्चित विचार
आमतौर पर Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरे उदाहरणों से इस पाठ पर केंद्रित विचार मिलते हैं। नीचे उनकी एक-एक पंक्ति से छूटे हुए शब्द नहीं हैं, परन्तु उनका मूल अर्थ हमने समाहित किया है:
“यह विश्वास बहुमूल्य है”—Matthew Henry से प्रेरित अवधारणा के अनुरूप।
“हमारा उद्धार ईश्वर की धार्मिकता के कारण है”—Albert Barnes के पवित्र-नज़रिए से संकेतित।
“धार्मिकता वह सुरक्षा है जो ईश्वर के साथ जुड़ाव से उत्पन्न होती है”—Adam Clarke के विवेचन में मिलती जुलती बात।
नोट: उपरोक्त पंक्तियाँ पाठ के सामान्य प्रभाव के अनुरूप हैं, और विस्तृत उद्धरण केवल संकल्पनात्मक हैं ताकि हिंदी पाठक आसानी से अर्थ समझ सकें।