Old Testament
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1 थिस्सलुनीकियों 1:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्सलुनीकियों की कलीसिया के नाम जो पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्ति तुम्हें मिलती रहे।
1 थिस्सलुनीकियों 1:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 थिस्सलुनीकियों 1:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 1:7 (HINIRV) »
उन सब के नाम जो रोम में परमेश्वर के प्यारे हैं और पवित्र होने* के लिये बुलाए गए है: हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे। (इफि. 1:2)

2 थिस्सलुनीकियों 1:1 (HINIRV) »
पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्सलुनीकियों की कलीसिया के नाम, जो हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह में है:

प्रेरितों के काम 18:5 (HINIRV) »
जब सीलास और तीमुथियुस मकिदुनिया से आए, तो पौलुस वचन सुनाने की धुन में लगकर यहूदियों को गवाही देता था कि यीशु ही मसीह है।
1 थिस्सलुनीकियों 1:1 पर टिप्पणी — संदर्भ और प्रवाह
पोलूस, सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्सलुनीकियों की कलीसिया को लिखे गए इस सलामी वाक्य का उद्देश्य है कि पाठक समझें कि यह पत्र परमेश्वर के परिवार के बीच एक संयुक्त, प्रेरित और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के नाम पर हार्दिक संबोधन है। यह नहीं सिर्फ एक formal greetings है, बल्कि यह तीन प्रेरितों की एकता, परमेश्वर के पिता और प्रभु यीशु मसीह के आधिकारिक संबोधन की पुष्टि, और वे जो अनुग्रह और शान्ति चाहते हैं, उनके लिए आश्वासन का उद्घाटन है।
मूल संदेश का सार
यह verse तीनों प्रेरितों की “ओर से” बोलने की स्पष्टता देता है—यह उनके आपसी सहयोग और नेतृत्व की मान्यता है, तथा थिस्सलुनीकियों के लिए पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह में अनुग्रह और शान्ति की दुआ है। इसमें समुदाय के साथ एकस्प्लिकेटेड पवित्रता और कलीसिया की पहचान का संकेत है: वे परमेश्वर में बंधे हैं और यीशु मसीह में उनके रिश्ते को मानते हैं।
मुख्य थीम्स
कनिष्ठ cross-references और उनका छोटा महत्व
१) रोमियों 1:7 — “पिता-तुल्य प्रेम” की स्वीकृति और ईमानदार कलीसियाई पहचान।
2) कोरिन्थियों 1:3 — अनुग्रह और शान्ति का दोनों-तीन गुंजायमान स्वरूप: परमेश्वर हमारे पिता और प्रभु यीशु मसीह से।
3) यूहन्ना 1:16 — अनुग्रह पर अनुग्रह का पुरुषार्थ, नए जीवन के लिए प्रियस्थापन।
आवश्यक पाठ-गठन और स्पष्ट अर्थ
यह आशीर्वचन सीधे कलीसिया के पहचान-खण्ड को पुष्ट करते हैं: थिस्सलुनीकियों के विश्वासियों के साथ एक पवित्र रिश्ता—पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह में—जिसमें अनुग्रह और शान्ति की असामान्य उपलब्धि अनुभव होती है। प्रेरितों की ओर से यह एक आधिकारिक, pastoral शुभकामना है, जो समुदाय के लिए ईमानदार आग्रह और उत्तरदायित्व का संकेत देती है।
व्यावहारिक reflection
हम भी अपने समुदाय के साथ इसी आत्मीयता की माँग करते हैं: क्या हमारा सेवार्थ और चर्च के साथ हमारा लगाव—परमेश्वर के पुत्र के नाम पर—अनुग्रह और शान्ति को बनाये रखता है? आज के संदर्भ में एक प्रेरित संदेश है—एकता में सहभागिता, प्रभु यीशु के नाम पर एकता और विश्वास के साथ जीवन दें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 थिस्सलुनीकियों 1:1 में तीन प्रेरित एक साथ लिखते हैं—यह कलीसिया के प्रति एकजुट प्रेरित-कार्य और परमेश्वर के पिता और मसीह यीशु के नाम से अनुग्रह-शान्ति की अभिलाषा की स्पष्ट पुष्टि है। यह आगे आने वाले संदेशों के लिए आधार बनाता है: विश्वास की साक्ष्यता, प्रेम का फल और जीवन-स्थिरता की प्रेरणा।
नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के छोटे उद्धरण यदि उपलब्ध हों, तो इन्हें केवल आवश्यकतानुसार कृपापूर्वक उद्धृत किया गया है।