Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 थिस्सलुनीकियों 1:5 बाइबल पद की व्याख्या
1 थिस्सलुनीकियों 1:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन् सामर्थ्य* और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्चय के साथ पहुँचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
1 थिस्सलुनीकियों 1:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 थिस्सलुनीकियों 1:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 थिस्सलुनीकियों 2:13 (HINIRV) »
इसलिए हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुँचा, तो तुम ने उसे मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, कार्य करता है।

2 थिस्सलुनीकियों 3:7 (HINIRV) »
क्योंकि तुम आप जानते हो, कि किस रीति से हमारी सी चाल चलनी चाहिए; क्योंकि हम तुम्हारे बीच में आलसी तरीके से न चले।

मरकुस 16:20 (HINIRV) »
और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उनके साथ काम करता रहा और उन चिन्हों के द्वारा जो साथ-साथ होते थे, वचन को दृढ़ करता रहा। आमीन।
1 थिस्सलुनीकियों 1:5 — सुसमाचार की आत्मा-सम्पन्न पहुँच
इस पद में पवित्र सुसमाचार केवल शब्दों का योग नहीं है; वह शक्ति, पवित्र आत्मा का अनुभव और दृढ़ विश्वास के साथ हमारे मध्य पहुँचता है। थिस्सलुनीक के पहने हुए यीशु के प्रचारक दल ने बतौर मिशन यह दिखाया कि ईश्वर का सन्देश शब्द और अनुभव के संग मिलकर प्रकट होता है।
पद का chapter-वार संदर्भ
1 थिस्सलुनीकियों के पहने अध्याय में प्रेरित पौलुस ने धैर्य और नम्रता के साथ विश्वासियों की आरम्भिक स्थिति का वर्णन किया है। इस verse में वे यह दर्शाते हैं कि वे अपने शब्दों को शाब्दिक भाषण तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसका प्रभाव सजीव-शक्ति, पवित्र आत्मा की उपस्थिति, और गहरे विश्वास के साथ रहता है, जिससे विश्वासियों के जीवन में परिवर्तन आता है।
मुख्य अध्यायिक पाठ: प्रमुख शिक्षा
मुख्य बिंदु यह है कि सुसमाचार का प्रभाव तात्कालिक शब्द से बढ़कर है: यह पराकाष्ठा तक पहुँचता है जब वह आत्मा की प्रेरणा और अनुभव के साथ आता है। Paul_once यह दिखाते हैं कि कैसे उनका प्रचार केवल सूचना नहीं रहा, बल्कि यह उन लोगों के बीच समानुभूति, आत्म-परख और परिवर्तन का कारण बना।
रूपक और पुराने से புதிய संबंध
इस पोस्म का सम्बन्ध पुराने और नए अध्ययनों के बीच संतुलन बनाता है: पुराना नियम भी ईमानदारी से ईश्वर के कार्य की उद्घोषणा करता था, पर नया समझ पवित्र आत्मा के साथ चलता है। अन्य टिप्पणियाँ यह संकेत देती हैं कि सुसमाचार का वास्तविक प्रभाव तब संभव है जब आत्मा की दृष्टि और विश्वासनुसार सन्देश मिलकर चलते हैं।
संदेश के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
पुष्टि और क्रॉस-रेफरेंस
थिस्सलुनीकियों के साथ प्रिय यह विचार अन्य आयतों में भी स्पष्ट मिलता है:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सुसमाचार का वास्तविक प्रभाव शब्द, आत्मा और विश्वास के संग संतुलित क्रिया से आता है।
कथा-न्याय और संकल्प
पौलुस के अनुभव से सीख मिलती है कि प्रचारकर्ता का जीवन भी संदेश की भागीदारी है. वह बतलाते हैं कि वे कैसे “बन गए” थे—यानी उनके जीवन की परिवर्तन-यात्रा सुसमाचार की शक्ति का प्रमाण बनी।
संक्षेप सार
1 थिस्सलुनीकियों 1:5 यह बताता है कि सुसमाचार केवल वचन नहीं, बल्कि शक्ति, पवित्र आत्मा की उपस्थिति, और दृढ़ विश्वास के साथ आता है। इसका अर्थ है कि ईश्वर का संदेश ईमानदारी, अनुभव-सम्पन्नता और परिवर्तन-आत्मकता के साथ भरपूर होता है—जो विश्वासियों के जीवन को वास्तविक उम्मीद और बुलावा देता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (पूर्ववर्ती टिप्पणीकारों से)
अगर संक्षेप में संकेत दिए जाएँ, तो Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के clásicos तौर-तौर उद्धरणों में वे सुसमाचार को “शक्ति” और “आत्मा” से जोड़ते हैं, उनके शब्दों के अनुसार सन्देश की प्रभावशीलता तभी दिखती है जब वह आत्मा के साथ चलता है।
नोट: उपर्युक्त पाठ में इन विद्वानों के विशिष्ट वाक्यों के सीधे उद्धरण नहीं दिए गए हैं, बल्कि उनकी दृष्टि को एकीकृत रूप में समाहित किया गया है।