Old Testament
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1 थिस्सलुनीकियों 3:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए जब हम से और न रहा गया, तो हमने यह ठहराया कि एथेंस में अकेले रह जाएँ।
1 थिस्सलुनीकियों 3:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 थिस्सलुनीकियों 3:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रेरितों के काम 17:15 (HINIRV) »
पौलुस के पहुँचाने वाले उसे एथेंस तक ले गए, और सीलास और तीमुथियुस के लिये यह निर्देश लेकर विदा हुए कि मेरे पास अति शीघ्र आओ।

1 थिस्सलुनीकियों 3:5 (HINIRV) »
इस कारण जब मुझसे और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले* ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।

1 थिस्सलुनीकियों 2:17 (HINIRV) »
हे भाइयों, जब हम थोड़ी देर के लिये मन में नहीं वरन् प्रगट में तुम से अलग हो गए थे, तो हमने बड़ी लालसा के साथ तुम्हारा मुँह देखने के लिये और भी अधिक यत्न किया।
1 थिस्सलुनीकियों 3:1 — संदर्भ और संकल्पना
पद का संदर्भ यह है कि प्रेरित पॉल ने थिस्सलुनीका के विश्वासियों के लिए अपनी चिंता और प्रेम की गहराई से राहत पाने के लिए साथी भाइयों के साथ एक साथ रहने की इच्छा जताई। किन्तु परिस्थितियाँ और मिशन के आवश्यक परामर्श ने उन्हें एथेंस में एकाकी रहने का फैसला लेने को प्रेरित किया। यह कदम विश्वासियों के निर्माण के लिए आवश्यक आध्यात्मिक नैतिकता और आत्म-समर्पण की तस्वीर प्रस्तुत करता है: प्रियजनों के लिए प्रार्थना, सतर्कता और एक-दूसरे के साथ दृढ़ता।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य एक प्रावधान है, न कि बेकार निष्क्रियता का उल्लेख। पॉल की गहराई से भरी चिंता, उनके साथी के बिना भी, थिस्सलुनीका के विश्वासियों की स्थिरता और आशा के लिए है। उन्होंने यह ठहराया कि एथेंस में रहना उचित है ताकि वे एक साथ प्रार्थना करें, शिक्षा दें और नई चरों से टकराते समय समुदाय को मजबूत करें।
मुख्य विषय
संदर्भित आयतों से सम्बद्ध विचार
1) रोम 15:23-24— विश्वस्तों की मदद की आकांक्षा और यात्रा की परिकल्पना में सहयोग की भूमिका।
2) आशा 3:7-9— पॉल की अनुभूति कि विश्वासियों की बुलाहट के लिए उनका व्यक्तिगत अनुपस्थिति भी एक सहभागी भूमिका है।
3) मरकुस 6:31— आराम और विश्राम के साथ, सेवा के लिए समय-व्यवस्था की आवश्यकता का संकेत; एक टीम के रूप में काम करना।
व्यावहारिक विचार
किसी मिशन के बीच में व्यक्तिगत उपस्थिति का अभाव असुविधा के कारण हो सकता है, पर यह परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक उपकरण हो सकता है। हमारे जीवन में भी—परिवार, चर्च, या टोली के सदस्य एक-दूसरे के लिए प्रार्थना, शिक्षा और प्रोत्साहन कैसे उपलब्ध कराते हैं—यह एक महत्वपूर्ण परीक्षण है।
संक्षिप्त समरी
पॉल का निर्णय कि एथेंस में अकेले रहना उचित है, थिस्सलुनीकियों के लिए प्रेम, प्रार्थना और सतर्कता से भरे संदेश का भाग है। यह एक प्रेरक उदाहरण है कि समुदाय बनाए रखने के लिए बाहर की परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन हों, उद्देश्य और एकता की दिशा में कर्मठता जीवन्त रहती है।
क्रॉस-रेफरेंस सारांश
- रोम 12:4-5: एक शरीर में विभिन्न अंगों का एक साथ कार्य करना—प्रत्येक प्रतिभा का एक अलग योगदान।
- गल 6:2: एक दूसरे के बोझ उठाना—परस्पर उत्तरदायित्व।
- हैं 13:7: कटुताओं के बीच भी प्रेम और विश्वास का स्थायित्व।
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट विचारों से प्रेरित विश्लेषण का संगम है, किन्तु नया, सक्रिय हिन्दी प्रेषण प्रस्तुत करती है।