Old Testament
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1 थिस्सलुनीकियों 3:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
कि कोई इन क्लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं।
1 थिस्सलुनीकियों 3:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 थिस्सलुनीकियों 3:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रेरितों के काम 14:22 (HINIRV) »
और चेलों के मन को स्थिर करते रहे और यह उपदेश देते थे कि विश्वास में बने रहो; और यह कहते थे, “हमें बड़े क्लेश उठाकर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना होगा।”

रोमियों 5:3 (HINIRV) »
केवल यही नहीं, वरन् हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज,

प्रेरितों के काम 21:13 (HINIRV) »
परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, “तुम क्या करते हो, कि रो-रोकर मेरा मन तोड़ते हो? मैं तो प्रभु यीशु के नाम के लिये यरूशलेम में न केवल बाँधे जाने ही के लिये वरन् मरने के लिये भी तैयार हूँ।”
सीधा अर्थ—यह उद्धरण क्या कहता है
1 थिस्सलुनीकियों 3:3 में पवित्र लेखक स्पष्ट रूप से बतलाते हैं कि यथार्थ विश्वासियों को क्लेशों से डगमगा नहीं जाना चाहिए। प्रेरित पौलुस कहते हैं कि उनके भाइयों को यह ठहराकर भेजा गया है कि वे क्लेशों के कारण टिके रहें, क्योंकि यह संघर्ष उनके विश्वास की परीक्षा के लिए चुना गया भाग है, न कि उनके लिए संकेत कि वे असफल हो रहे हैं।
प्रे context: स्थिति और उद्देश्य
यदि आप पहली थिस्सलुनीकियों की पृष्ठभूमि देखें, तो पौलुस ने तेजस्वी उद्धार का संदेश सुनाने के बाद कई नैतिक-आत्मिक चुनौतियों का सामना किया था। इस पत्र में वे मसीही समुदाय को धैर्य, विश्वास और प्रेम के मार्ग पर पुनः आमंत्रित करते हैं। इस वचन में अभियुक्तों का उद्देश्य क्लेशों के दौरान स्थिर रहने के लिए प्रेरित करना है—यानी कठिनाईयों में भी हिम्मत न टूटे, क्योंकि इन परिस्थितियों में परमप्रभु का उद्देश्य और उनकी उपलब्धियाँ सुरक्षित रहती हैं।
interpretive observations — विश्लेषण
विषय-वस्तु संक्षेप
Related passages (संक्षिप्त व्याख्या)
• रोमियों 5:3–4: धैर्य से गुण बनते हैं, और सभी परीक्षण प्रेमपूर्ण आशा को मजबूत करते हैं।
• याकूब 1:2–4: क्लेशों में प्रसन्न रहने का आह्वान, ताकि आपकी आस्था परिक्षित हो और पूर्णता प्राप्त करे।
• 2 तीमुथियुस 3:12: श्रीमसि के कारण सभी विश्वासियों को भी क्लेश उठाने होंगे; यह पक्का तथ्य है कि सुसमाचार का भागी बनना जोखिम से जुड़ा है।
पंथन-सार (संक्षेप)
यह वचन हमें बतलाता है कि क्लेश अपने साथ परीक्षण लाते हैं किन्तु परमेश्वर की योजना में वे भक्तों को स्थिर रखने के साधन होते हैं। मानसिक और आध्यात्मिक स्थिरता के लिए विश्वास, प्रार्थना और एक दूसरे की सहायता आवश्यक है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
इसके संदर्भ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण नीचे दिये गये हैं:
Matthew Henry: “We are set for these trials, that we might not fall in them, but be established to endure.”
Albert Barnes: “The trials here referred to are not to destroy, but to prove and strengthen the faith.”
Adam Clarke: “The apostle would have them endure present afflictions with patience, as certainties of God’s holy will.”
ध्यान दें: ऊपर उद्धृत बहरहाल शाब्दिक उद्धरण पृथक रूप में दिए गए हैं; मूल टिप्पणीकारों के विचारों के सार इन्हीं पंक्तियों से प्रेरित हैं।