Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 थिस्सलुनीकियों 3:10 बाइबल पद की व्याख्या
1 थिस्सलुनीकियों 3:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हम रात दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुँह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।
1 थिस्सलुनीकियों 3:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 थिस्सलुनीकियों 3:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 कुरिन्थियों 13:9 (HINIRV) »
जब हम निर्बल हैं, और तुम बलवन्त हो, तो हम आनन्दित होते हैं, और यह प्रार्थना भी करते हैं, कि तुम सिद्ध हो जाओ।

2 तीमुथियुस 1:3 (HINIRV) »
जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने पूर्वजों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूँ, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में रात दिन तुझे लगातार स्मरण करता हूँ,

रोमियों 1:10 (HINIRV) »
और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में विनती करता हूँ, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सफल हो।
1 थिस्सलुनीकियों 3:10 पर टिप्पणी
सीधा अर्थ: प्रेरित पवित्र आत्मा से प्रेरित होकर थिस्सलूनिकी विश्वासियों के लिए पवित्र आशा और निगरानी के साथ बारम्बार प्रार्थना करते हैं कि उनका मुँह खुला हो और उनका विश्वास पूर्ण हो सके। ग्रंथकवाचक यह कहते हैं कि प्रेरितों का उद्देश्य है कि विश्वास की वृद्धि और स्थायित्व वे खुद से नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा के द्वारा प्राप्त करें।
प्रसंगगत पृष्ठभूमि
पहली थिस्सलनिकी समुदाय को पत्र के इस भाग में पौलुस अपने उत्साह का वर्णन करते हैं— वे शख्सियत में दूर रहते हुए भी भाइयों के विश्वास की घटी (उन्नति) पर दृष्टि बनाए रखते हैं। वे जानते हैं कि खतरे, धार्मिक भ्रम और परीक्षणों के बीच प्रेरित ने उन्हें न तो छोड़ना चाहा है और न ठहर कर बैठना, बल्कि उनके पोषण के लिए प्रार्थनाओं से भरा हुआ है। यह वाक्य यह दर्शाता है कि कैसे विश्वासियों की वृद्धि और जीना-सीखना एक-दूसरे के साथ जुड़ा हुआ है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
एवं विचार योग्य मौलिक बिंदु
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में)
- रोम 12:12: अनवरत आर्तना और आशा के साथ प्रतीक्षा करना। यह संकेत देता है कि निरपेक्ष विश्वास एक उत्साह और धैर्य लाता है।
- फिलि 1:9-11: प्रेम की गहराई और ज्ञान का बढ़ना, ताकि जीवन-यात्रा में नैतिक और आध्यात्मिक बोध बना रहे।
- इब्र 10:24: एक-दूसरे के प्रति प्रेम और उद्धार के आगे बढ़ने की प्रेरणा, ताकि विश्वास में परिपूर्णता हो।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारे लिए यह संदेश है कि चर्च में एक-दूसरे के विकास के लिए प्रार्थना की निरंतरता बनाए रखें, ताकि एक-दूसरे का विश्वास दृढ़ और पूर्ण हो सके। यह जीवन के हर क्षेत्र में एक-दूसरे को साहस और आशा देता है—खासकर कठिन समय में।
पूर्ववर्ती टिप्पणीकारों के शब्द (संक्षेप)
मार्थेहनी की धारा से प्रेरित विचार: विश्वास की वृद्धि का स्रोत परमेश्वर की कृपा है, और हमारी प्रार्थनाएं इस कृपा को सक्रिय करने का उपकरण हैं।
आदम क्लार्क के विचारों के उसी दिशा में: इस प्रसंग में प्रेरित दिखाते हैं कि विश्वास का विकास समुदाय की सामंजस्य से जुड़ा है, और कैसे प्रार्थना उस सामंजस्य को बढ़ाती है।
संभावित संयोगी उद्धरण (यदि उपलब्ध):
“We pray night and day, that we may see your face, and may complete that which is lacking in your faith.”
ध्यान दें: उपरोक्त उद्धरण वास्तव में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पूर्ण उद्धरण नहीं हैं; यह केवल संदर्भ-उद्धरण की शैली के अनुसार संरचित सार है। यदि आप पूर्ण पाठ उद्धरण चाहते हैं, तो संबंधित टिप्पणीकारों के प्रकाशित संस्करण देखे जा सकते हैं।