Old Testament
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याकूब 1:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तितर-बितर होकर रहते हैं नमस्कार पहुँचे।
याकूब 1:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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याकूब 1:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 पतरस 1:1 (HINIRV) »
पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्तुस, गलातिया, कप्पदूकिया, आसिया, और बितूनिया में तितर-बितर होकर रहते हैं।

यहेजकेल 12:15 (HINIRV) »
जब मैं उन्हें जाति-जाति में तितर-बितर कर दूँगा, और देश-देश में छिन्न भिन्न कर दूँगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।

यूहन्ना 7:35 (HINIRV) »
यहूदियों ने आपस में कहा, “यह कहाँ जाएगा कि हम इसे न पाएँगे? क्या वह उन यहूदियों के पास जाएगा जो यूनानियों में तितर-बितर होकर रहते हैं, और यूनानियों को भी उपदेश देगा?
याकूब 1:1 का अर्थ—सीधी शुरुआत और दासभाव
इस पद में याकूब खुद को परमेश्वर के दास और प्रभु यीशु मसीह के दास के रूप में प्रस्तुत करते हैं, और वह बारह गोत्रों को, जो बिखरे हुए रहते हैं, नमस्कार भेजते हैं। इसका मतलब सरल है: प्रेरित लोग परमेश्वर के भय और यीशु मसीह के शिष्यत्व में एक साथ हैं, भिन्न-भिन्न समुदायों के बीच एकता और धैर्य बनाए रखने का आह्वान।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
याकूब नए नियम के शुरुआती वर्षों में लिखी गई चिट्ठी है। याकूब ने यह पत्र चलते-फिरते समुदायों के लिए लिखा था जो परीक्षणों से गुजर रहे थे—मानसिक संघर्ष, धर्मी आचरण और धैर्य की मांग। इस उद्घोषणा में, याकूब का उद्देश्य है कि विश्वास एक कार्य के बिना असत्य है; अतः दासत्व का भाव उनकी आस्था की शुरुआत होती है, न कि अहंकार।
Interpretive observations (अन्वय-विचार)
पाँच प्रमुख THEMATIC बिंदु
संदर्भ-वरीय विचार (Cross-references)
• रोम 12:4-5: एक शरीर के कई अंग, सभी एक-दूसरे के साथ जुड़े हैं—याकूब के समान अग्न्याय को एकता का चित्र देता है। व्याख्या-नोट: अंग-प्रत्येक का 역할 अलग है, पर सभी मिलकर कार्य करते हैं।
• 1 पतरस 1:1-2: दासत्व और पवित्र चरित्र की आह्वान, जो परीक्षणों में भी विश्वास को दृढ़ करता है। नोट: चयनित-उद्धार का उद्देश्य परमेश्वर की स्वीकृति है।
• entregue इब्र 3:14: हमारा हिस्सा उसके साथ स्थिर रहने से है; परखा जा सकता है कि क्या हम वास्तव में विश्वास के साथ स्थिर हैं।
पूर्व-प्रेरित विचार (Historical insights)
पब्लिक-डोमिन Commentary से संकलित सामान्य बोध यह है कि दासत्व यहाँ एक परिचयात्मक मंच के रूप में है, जिससे पाठक यह समझें कि विश्वास साक्ष्य-आधारित जीवन से प्रकट होता है, न कि केवल शब्दों से।
संक्षिप्त निष्कर्ष—व्यावहारिक takeaway
विश्वास को लोग-परिवर्तनशील बातों से परे धारण करें—आपसी शांति के साथ, धैर्य और विनय में यीशु मसीह के दास बनें; प्रत्येक चोट-खराश को भी सेवा के अवसर के रूप में लें; और समूह के भीतर एकता बनाए रखें ताकि परीक्षणों के समय भी आशा की रोशनी बनी रहे।
विराम उद्धरण (exact phrases from Henry, Barnes, Clarke): यदि उपलब्ध हों, वर्णित उद्धरण स्पष्ट रूप से उद्धृत होंगे—परन्तु इस पाठ में मौलिक अभिप्राय के साथ समेकित सार प्रस्तुत किया गया है; फिलहाल कोई विशिष्ट शाब्दिक उद्धरण नहीं डाले गए हैं।