Old Testament
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याकूब 1:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
याकूब 1:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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याकूब 1:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यूहन्ना 15:7 (HINIRV) »
यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो माँगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।

यिर्मयाह 29:12 (HINIRV) »
तब उस समय तुम मुझको पुकारोगे और आकर मुझसे प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूँगा।

याकूब 1:5 का अर्थः बुद्धि माँगने की सिखावनी
सीधे शब्दों में कहा जाए तो यह वाक्य कहता है: यदि किसी में बुद्धि की कमी हो, तो परमेश्वर से माँगिए; वह उदारता से देता है और बताने में उधार मान नहीं करता।
पद का संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यह याकूब के शुरुआती दांव-पेच वाले अध्याय में है, जहाँ विश्वास की कसौटी पर परिस्थिति-परिस्थितियों के बीच रहने वाले ईमानदार जीवन पर जोर है। प्रभु से बुद्धि माँगना एक सक्रिय विश्वास की अभिव्यक्ति है—हम जानते हैं कि कठिन समय में विवेक और सही निर्णय लेना परमेश्वर ही से संभव है।
व्यावहारिक अनुवाद और व्याख्या
कथन दो हिस्सों में बँटा है: (1) कमी के पल में आश्रय—बुद्धि की कमी होना सामान्य मानवीय स्थिति है; (2) माँगने की विधि—परमेश्वर से माँगना, जो उदारता से देता है, बिना किसी उलंघन के। यह सिर्फ ज्ञान की इच्छा नहीं, बल्कि जीवन के निर्णयों में सत्य-प्रकाश की मांग है।
Interpretive observations
2-3 प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में)
नीतिभिन्नियाँ: यह वाक्य अन्यत्र भी यह सिखाता है कि परमेश्वर को हमारी माँगें सरल और सच्ची होनी चाहिए (उधार-प्रश्न के साथ). साथ ही, भय-रहित विश्वास और निर्भय प्रार्थना से we receive wisdom (याकूब 1:6-8 का संदर्भ)—जो कड़े समय में स्थिरता देता है।
प्रेरणा: नीतिशास्त्र में समान विचार: परमेश्वर निंदित नहीं करता, वह देता है; इसका आशय है कि जो भी वास्तविक इच्छा से मांगता है, उसे मार्गदर्शन मिलता है।
स्थिति-आधारित निष्कर्ष
इस वचन का केंद्र संदेश यह है कि बुद्धि केवल अक्ल से नहीं मिलती, बल्कि परमेश्वर के प्रकाश से आती है। संकट के समय में भी यदि हम नम्रता से मांगते हैं, और विश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं, तो परमेश्वर हमें वह ज्ञान देता है जो निर्णयों को संतुलित करता है—तिरे से दूर रहने की बजाय विवेकपूर्ण कदम उठाने में मदद।
छोटी सी विषयसूची
उद्धरण संदर्भ (सार-संकेत)
डायरेक्ट उद्धरण: "पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी" — Y1:5 (हिंदी निष्पादन परिप्रेक्ष्य).
अनुद्विधीय सार: यह शिक्षा एक मजबूत धार्मिक-नैतिक धारा बनाती है कि जीवन के कठिन समय में भी परमेश्वर के सामने निर्भयता और नम्रता से माँगना उचित और लाभदायक है, ताकि निर्णय सही बनें और जीवन की दिशा स्पष्ट रहे।