Old Testament
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1 थिस्सलुनीकियों 3:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस कारण जब मुझसे और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले* ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।
1 थिस्सलुनीकियों 3:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 थिस्सलुनीकियों 3:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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याकूब 1:13 (HINIRV) »
जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है।

मत्ती 4:3 (HINIRV) »
तब परखनेवाले ने पास आकर उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियाँ बन जाएँ।”

2 कुरिन्थियों 2:11 (HINIRV) »
कि शैतान* का हम पर दाँव न चले, क्योंकि हम उसकी युक्तियों से अनजान नहीं।
1 थिस्सलुनीकियों 3:5 पर विमर्श — क्यों यह वाक्य मायने रखता है
यह वाक्य हमें यह सिखाता है कि विश्वासी के जीवन में विश्वास और परीक्षा एक साथ चलते हैं। प्रेरित पवित्र लेखन में यह दिखता है कि परमेश्वर की सुगंठन—हमारे लिए तैयारी और हमारी आस्था की जाँच—दोनों आवश्यक हैं ताकि विश्वास मजबूत हो सके और हमारा कार्य व्यावहारिक रूप से परखा जा सके। 3:5 में पाठक को यह याद दिलाया गया है कि यदि हमने भरोसे के साथ धैर्य नहीं रखा, तो हमारे उद्धार की राह और प्रेरितों के परिश्रम का उद्देश्य खतरे में पड़ सकता है।
पारस्परिक संदर्भ और मूल संदर्भ
पत्र ने थिस्सलुनीकियों की सामुदायिक प्यास और धर्मी जीवन के लिए प्रेरितों के संदेश का संदर्भ दिया। वे विशिष्ट उदाहरण के रूप में उन दुखों और प्रतिरोधों का सामना कर रहे थे जिनसे एक समुदाय के रूप में वे गुजर रहे थे। यहां “परीक्षा करनेवाले” का मतलब बाहरी दबाव, दुष्ट शक्तियों के प्रश्न और भीतर से उठने वाले संदेह भी हो सकते हैं। प्रेरित पॉल संकेत देते हैं कि वे अपने मिशन के प्रति जोखिम में नहीं हैं; बल्कि यह देखकर कि उनके विश्वास का हाल सुखद है या नहीं, वे जानना चाहते थे कि क्या उनकी कड़ी मेहनत व्यर्थ न हो जाए।
मुख्य संदेश
इस पदवाक्य का केंद्रबिंदु है—भरोसे के साथ चलना, और कठिनाई में भी पारस्परिक देखभाल निभाना। जब अग्नि परीक्षा के समय संतानों का विश्वास स्थिर रहता है, तब यह दिखाता है कि प्रभु के समान आचरण और उत्साह प्रेरणा बनते हैं जिसने community को एक साथ बाँध कर रखा। यदि परीक्षा के समय हमारा दृष्टिकोण भय से भरा हो जाए या आशा टूट जाए, तो प्रेरितों की कड़ी मेहनत और उनके उपदेशों का प्रभाव कम हो सकता है।
पवित्रशास्त्रीय थिम्स के साथ जोड़
प्रत्यक्ष क्रॉस-रेफरेंसेज
1) रोमियों 5:3-4 — परीक्षण और धैर्य के साथ चरित्र बनना; 2) याकूब 1:2-4 — trials से स्थिरता बढ़ती है; 3) मार्गगीत 6:12 — यातनाओं के समय प्रार्थना और विश्वास का महत्व।
संक्षेप में, ये संदर्भ बताते हैं कि वास्तविक जीवन में विपत्ति परमेश्वर की योजना के अनुसार आती है ताकि हमारी आस्था और चरित्र विकसित हो सके।
देवotional विचार
जब आप कठिन समय से गुजरते हैं, तब याद रखें कि आपका विश्वास एक सिद्धांत नहीं, बल्कि कार्रवाई का रास्ता है। प्रभु हमारी परिश्रमों को व्यर्थ नहीं जाने देता। अपनी चिंताओं को ईश्वर के साथ साझा करें, समुदाय के साथ प्रोत्साहन लें, और अपने कार्यों को भक्ति के साथ रखें। परमेश्वर हम सभी की परीक्षा को एक अवसर के रूप में देखते हैं ताकि हम उसकी महिमा दिखाएं।
इन पंक्तियों के लिए संक्षेपित पाठ
“इस कारण जब मुझसे और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।”