तीतुस 1:4 बाइबल पद की व्याख्या
तीतुस 1:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तीतुस के नाम जो विश्वास की सहभागिता के विचार से मेरा सच्चा पुत्र है: परमेश्वर पिता और हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और शान्ति होती रहे।
तीतुस 1:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
तीतुस 1:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 तीमुथियुस 1:2 (HINIRV) »
प्रिय पुत्र तीमुथियुस के नाम। परमेश्वर पिता और हमारे प्रभु मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और दया और शान्ति मिलती रहे।

यहूदा 1:3 (HINIRV) »
हे प्रियों, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्त परिश्रम से प्रयत्न कर रहा था, जिसमें हम सब सहभागी हैं; तो मैंने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्न करो जो पवित्र लोगों को एक ही बार सौंपा गया था।

2 पतरस 1:1 (HINIRV) »
शमौन पतरस की और से जो यीशु मसीह का दास और प्रेरित है, उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धार्मिकता से हमारा जैसा बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है।
Ungai: तीतुस 1:4 का अर्थ और संदर्भ
इस पद में पवित्रता और विश्वास के भागीदारी में एक पवित्र संबंध का संकेत है: पौलुस तीतुस को "विश्वास की सहभागिता के विचार से" उसका सच्चा पुत्र बताकर परमेश्वर पिता और हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु की ओर से अनुग्रह और शांति की आशीष देता है। यह संदेश दिखाता है कि प्रेरित-पुत्र-कार्य के पीछे एक व्यक्तिगत, नरमी भरा जुड़ाव है—एक पिता की तरह मार्गदर्शन और एक उद्धारकर्ता की कृपा की पुष्टि।
संदर्भ-नीरन्तर (पृष्ठभूमि)
गीता-नामी “टीटो” के नाम से लिखा गया यह पत्र मसीह के संदेश को क्रियान्वित करने हेतु विश्वासी-नेता तीतुस के लिए है। यह वेदे के समय की चर्चाओं में विश्वास, नैतिकता और भ्रम के बीच ठोस व्यवस्था की जरूरत को दर्शाता है। यहाँ "विश्वास की सहभागिता" से तात्पर्य उन साझा विश्वासों और एक-दूसरे के लिए खड़े रहने से है जो चर्च में एकजुटता बनाते हैं।
interpretive observations
एक छोटा थीम-सूचि
संबद्ध आयतें (संकेतक टिप्पणी)
1) इफिसियों 4:3 — एकता के बारे में: चर्च में एकता का उद्देश्य प्यार और प्रेरित Truth के साथ।
2) इब्रानियों 3:14 — विश्वास की सहभागिता बनाए रखना: साथ चलना और स्थिर रहना आवश्यक है।
3) 1 Kor 1:9 — ईश्वर की बुलाहट और सहभागिता: ईश्वर हमारे साथ है और विश्वास की भागीदारी को संजोता है।
उल्लेखित उद्धरण और स्रोत
इस पंक्ति के व्याख्यान के लिए मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से समेकित प्रेरणा ली गई है। अगर उद्धृत किया गया है, तो नीचे उनके स्पष्ट शब्दों के छोटे अंश दिए जाएंगे:
– मैथ्यू हेनरी से संकल्प-उद्धरण: "..."
– ऐल्बर्ट बार्न्स से संकल्प-उद्धरण: "..."
– एडम क्लार्क से संकल्प-उद्धरण: "..."
कृपया ध्यान दें कि पूर्ण शब्द-वार उद्धरण पंक्तियाँ आवश्यक होने पर दी जाती हैं।
प्रायोगिक निष्कर्ष
इस संदेश से स्पष्ट होता है कि विश्वास-समुदाय में नेतृत्व केवल अधिकार नहीं, बल्कि पिता-भाव से किया गया मार्गदर्शन है—ताकि चर्च में कृपा और शांति बनी रहे। तीतुस के लिए यह प्रेरणा है कि वह गॉड-फादर और उद्धारकर्ता यीशु के प्रतीक में अपने विश्वास-कार्य को सुसंगत बनाए रखे।
छोटे cross-references के साथ संक्षेप स्पष्टीकरण
- एकता के लिए प्रेरणा: विश्वास की सहभागिता चर्च को एकजुट रखती है; यह अलगाव के खिलाफ एक सुरक्षा है।
- मार्गदर्शन और कृपा: पिता-आशीष से मिलने वाली कृपा-शांति, प्रेरित-प्रणालियों में स्थिरता लाती है।
- उद्धारकर्ता पर निर्भरता: यीशु मसीह की ओर से दी जाने वाली शांति, जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा बनती है।
संक्षेप में, तीतुस 1:4 पिता-सम्बन्ध की गर्माहट के साथ विश्वास की सहभागिता के सार को उजागर करता है—जहां अनुग्रह और शांति दोनों परमेश्वर से मिलते हैं और चर्च की राह को मार्गदर्शित करते हैं।