Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 तीमुथियुस 1:1 2 तीमुथियुस 1:2 2 तीमुथियुस 1:3 2 तीमुथियुस 1:4 2 तीमुथियुस 1:5 2 तीमुथियुस 1:6 2 तीमुथियुस 1:7 2 तीमुथियुस 1:8 2 तीमुथियुस 1:9 2 तीमुथियुस 1:10 2 तीमुथियुस 1:11 2 तीमुथियुस 1:12 2 तीमुथियुस 1:13 2 तीमुथियुस 1:14 2 तीमुथियुस 1:15 2 तीमुथियुस 1:16 2 तीमुथियुस 1:17 2 तीमुथियुस 1:18



अर्थ का सीधे शब्दों में सार
2 तीमुथियुस 1:2 में संदेश है—प्रिय पुत्र तीमुथियुस, परमेश्वर पिता और हमारे प्रभु मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह, दया और शान्ति प्राप्त होती रहे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पत्र पौलुस का प्रिय शिष्य तीमुथियुस को लिखा गया निजी संदेश है, जो विशुद्ध रूप से भरोसे, धैर्य और प्रेरणा की सांस लेता है। पत्रिका के दौरान पलटते समय, बार-बार यह उल्लेख आता है कि परमेश्वर की कृपा और यीशु मसीह की उद्धार-कार्य उनके जीवन के केंद्र में है। इस परिचय-पंक्ति में पिता-प्रभु का संबोधन एक दृढ़ सम्बन्ध दर्शाता है—यही आधार है जिस पर तीमुथियुस को प्रेरित किया जाएगा और परीक्षणों के समय में साहस दिया जाएगा।
व्याख्यात्मक अवलोकन
• अनुग्रह: विश्वास-जीवन की शुरुआत और निरंतरता के लिए परमेश्वर की कृपा आवश्यक है; यह अकेले हमें प्रभु के साथ खड़ा रखती है।
• दया: व्यवहारिक संवेदना और ईश्वर-प्राप्त अधिकार के साथ दूसरों के प्रति प्रेम और क्षमा को दर्शाती है।
• शान्ति: अंदर की स्थिरता और परमेश्वर के नियंत्रण के अनुभव से आता है, भले बाहरी अवस्थाएँ कैसी भी हों।
सूत्रधर्मी उद्धरण (संयोजन किया गया पाठ)
यह उद्घोषणा एक पिता की तरह धीरज और आत्म-विश्वास का संचार करती है—परमेश्वर के साथGST और यीशु मसीह की मान्यता में टिके रहने की प्रेरणा।
क्रॉस-रेफरेंस और उनसे जुड़ी सरल व्याख्या
संक्षिप्त थीम कवरेज
व्यावहारिक takeaway
अपने कार्य-यात्रा में आप भी किसी विश्वासी मित्र, गुरु, या छोटे-से समूह से प्रेरणा पाएँ। परमेश्वर की कृपा, उसकी दया, और उसकी शान्ति को अपने व्यक्तिगत और पवित्र कार्यों के केंद्र में रखें; यही जीवन की स्थिरता और दृढ़ विश्वास की कुंजी है।
नोट: लागू उद्धरणों का उल्लेख
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से प्रेरित रोशनी मिलाकर संकलित है। इनमें से किसी भी विशेष वाक्य की संक्षिप्त प्रतिलिपि यहाँ सीधे उद्धृत नहीं की गई है, पर उनके भाखा-आँखों से प्रेरित व्याख्या समाहित की गई है।