Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 तीमुथियुस 1:1 2 तीमुथियुस 1:2 2 तीमुथियुस 1:3 2 तीमुथियुस 1:4 2 तीमुथियुस 1:5 2 तीमुथियुस 1:6 2 तीमुथियुस 1:7 2 तीमुथियुस 1:8 2 तीमुथियुस 1:9 2 तीमुथियुस 1:10 2 तीमुथियुस 1:11 2 तीमुथियुस 1:12 2 तीमुथियुस 1:13 2 तीमुथियुस 1:14 2 तीमुथियुस 1:15 2 तीमुथियुस 1:16 2 तीमुथियुस 1:17 2 तीमुथियुस 1:18



2 तीमुथियुस 1:18 – संदर्भ और मुख्य संदेश
पद का कहना सरल है: प्रभु उस दिन उस पर दया करे और इफिसुस में जो-जो सेवा उसने की है, वे सभी उसे याद किए जाएँ। यह महीन बात पौलुस केDSM-आंतरिक विचारों को दर्शाती है—वह अपने प्रशंसक सदस्य को याद दिलाते हैं कि परमेश्वर के प्रति विश्वास रखने वाले सेवक की स्मृतियाँ और ख्यातियाँ समय के साथ सुरक्षित रहती हैं। यह वाक्य प्रेरित पौलुस के अंत के समय की चिंता है कि प्रचार-कार्य और सहोदर-सेवा के परिणाम परमेश्वर के न्याय और दया के प्रकाश में सुरक्षित रहें।
केंद्रित अर्थ
यह वचन दो बातों को जोड़ता है: एक तो भविष्य की दया की उम्मीद, और दूसरा इफिसुस में किए गए सेवाओं की स्मृति। प्रेरित पौलुस चाहेंगे कि तेरे साथ खड़े विश्वासी इस बात को समझें कि यद्यपि उनका काम पथभ्रष्ट नहीं होता, पर वह दिन आते ही परमेश्वर की कृपा से स्मरण और मान्यता पाएगा।
2–3 प्रमुख विषय
अन्य पठन-योग्य संदर्भ
— यशायाह 49:24-25 में यह दर्शाया गया कि परमेश्वर अपने दीन-हीनों का मित्र और सहायता है; — रोम 8:28 में सभी चीजें मिलकर अच्छे के लिए काम करती हैं; — 2 तीमुथियुस 4:7-8 में पौलुस स्वयं अपनी सेवाओं के पूर्ण होने की प्रेरणा पाते हैं।
व्यावहारिक विचार
क्लोजिंग सार
यह वचन हमें याद दिलाता है कि क्रमशः हमारे कार्य और सेवाएं प्रभु के समक्ष दर्ज होती हैं, और उस दिन प्रभु की दया से उनके मूल्य की पुष्टि होगी। इफिसुस में हुई सेवाओं की स्मृति से प्रेरित होकर हम भी विश्वसनीयता, धैर्य और सेवा-भाव के साथ जीते रहें—क्योंकि परमेश्वर की दया अनंत है और उसका उद्देश्य पूरा होता है।
सूक्ष्म उद्धरण (जहाँ लागू)
इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से सीधे शब्दों के पूर्ण उद्धरण आवश्यक नहीं थे, अतः हमने उनके विशिष्ट वाक्यों को पूर्णरूप से उद्धृत नहीं किया है। उनकी विचारधारा के संकेत नीचे संक्षेप में समाहित हैं:
• Henry, Barnes, Clarke जैसे पवित्र-टीका का आधार: वे सभी यह मानते हैं कि दया और स्मरण का यह संयोजन प्रेरितों के कार्यों का मूल्यांकन प्रभु के न्याय-आधारित हृदय से होता है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में)
यशायह 49:24-25 – प्रभु की दया और उद्धार की गारंटी; रोम 8:28 – परमेश्वर का संचालन सभी चीज़ों को एक हेतु के लिए बनाता है; 2 तीमुथियुस 4:7-8 – विश्वास के साथ जीतना और पुरस्कार पाना।