Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 तीमुथियुस 1:1 2 तीमुथियुस 1:2 2 तीमुथियुस 1:3 2 तीमुथियुस 1:4 2 तीमुथियुस 1:5 2 तीमुथियुस 1:6 2 तीमुथियुस 1:7 2 तीमुथियुस 1:8 2 तीमुथियुस 1:9 2 तीमुथियुस 1:10 2 तीमुथियुस 1:11 2 तीमुथियुस 1:12 2 तीमुथियुस 1:13 2 तीमुथियुस 1:14 2 तीमुथियुस 1:15 2 तीमुथियुस 1:16 2 तीमुथियुस 1:17 2 तीमुथियुस 1:18



2 तीमुथियुस 1:10 का संदर्भ: उद्धारक की प्रकाशना और जीवन की सुसमाचार-योजना
यह पद उन दिनों की आवश्यक्ता का उद्घाटन करता है जब पवित्र शास्त्र की गवाही सुसमाचार के प्रकाश से मृत्यु पर परास्ती और जीवन के अमर गुणों को दिखाती है। पंक्ति कहती है कि हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु के प्रगट होने से मृत्यु का नाश हुआ, और एक ऐसी जीवनधारा खुली जिसे अमरता के संकेत के रूप में सुसमाचार द्वारा प्रकाशित किया गया।
यूहिदृष्टि: ईश्वर और विश्वास के बारे में जो यह पाठ बताता है
पहचान स्पष्ट है: उद्धारकर्ता मसीह यीशु का प्रगट होना—ईश्वरीय योजना का पूर्ण प्रकाशन—मृत्यु का नाश और जीवन-आनंद की उद्घोषणा दोनों का स्रोत है। यह दिखाता है कि परमेश्वर ने दोहरे कार्य में यथार्थ प्रस्तुत किया: (1) मृत्यु के बन्धन को तोड़ा गया और (2) अनंत जीवन का मार्ग खोला गया। यह केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, वरन् पवित्र योजनाओं की मानवीय इतिहास पर पहुँच है।
शब्दों और विचारों की स्पष्टता
पर इस वचन में खास बिंदु यह है कि उद्धारकर्ता के प्रगट होने से "मृत्यु का नाश" और "जीवन और अमरता" प्रकाशमान हुआ। यहाँ मृत्यु केवल शारीरिक समाप्ति नहीं, बल्कि पाप-आधारित बंधन की समाप्ति है; जीवन और अमरता ईश्वर के निरंतर अस्तित्व तथा उद्धार के आश्वासन से जुड़ा है।
संदर्भित पाठ और जुड़ाव
इन cross-references में दिखता है कि मृत्यु पर विजय का राज स्वर्गीय उपहार है जिसे सुसमाचार के द्वारा मानवीय जीवन में पहुँचा दिया गया है।
पाठ का विकसित व्याख्या: पुराने टिप्पणीकारों के प्रकाश से योग
मैथ्यू हेनरी का संकेत इस प्रकार है कि उद्धारकर्ता का प्रगट होना परमेश्वर की चेतना का ठोस सत्य है जो मसीह की एकता और प्रकाशित ज्ञान को दर्शाता है. बेट्स-एल्यबर्ट बेर्न्स कहते हैं कि मृत्यु के नाश का अर्थ है दुष्परिणामों का अंत, और जीवन-यात्रा का शुरू होना। एडम क्लार्क इस वाक्य को इस रूप में देखते हैं कि यह उद्धार की योजना का पूर्णता-प्रकाश है, जिससे विश्व में सत्य का प्रकाश प्रकट होता है।
संक्षेप में, यह तीनों टिप्पणीकार हैंडलिंग का मिलाजुला धागा प्रस्तुत करते हैं: मृत्यु का नाश ईश्वरीय न्याय के साथ जुड़ा हुआ है, जीवन-अमरता का प्रकाश सुसमाचार के द्वारा और प्रगटि का लक्ष्य स्पष्ट रूप से यीशु के उपस्थिति में पूरा होता है।
आज के संदर्भ में आवेदन
संक्षेप: इस वचन-भाषण में यीशु के प्रगट होने से मृत्यु का नाश और जीवन/अमरता के प्रकाश का उद्घाटन होता है—जो विश्वासियों के लिए सदा उत्साह का कारण है और सुसमाचार की केंद्रीय शक्ति को दर्शाता है।