Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 तीमुथियुस 1:1 2 तीमुथियुस 1:2 2 तीमुथियुस 1:3 2 तीमुथियुस 1:4 2 तीमुथियुस 1:5 2 तीमुथियुस 1:6 2 तीमुथियुस 1:7 2 तीमुथियुस 1:8 2 तीमुथियुस 1:9 2 तीमुथियुस 1:10 2 तीमुथियुस 1:11 2 तीमुथियुस 1:12 2 तीमुथियुस 1:13 2 तीमुथियुस 1:14 2 तीमुथियुस 1:15 2 तीमुथियुस 1:16 2 तीमुथियुस 1:17 2 तीमुथियुस 1:18



शब्दार्थ का सरल अर्थ
2 तीमुथियुस 1:9 कहता है कि उद्धारकर्ता ने हमें बुलाया, पवित्र बुलाहट दी, और यह बुलाहट हमारी कर्म-योग्यता पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसकी इच्छा और अनुग्रह के अनुसार है—जो पहले मसीह यीशु में है, अनादिकाल से हमारे ऊपर रहा है।
संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यह पत्र पौलुस द्वारा तीमुथुस को लिखा गया है, जिसमें प्रेरित भाव से विश्वास की दृढ़ता, सही उपदेश और धार्मिक धैर्य का आग्रह है। इस आयत में उद्धार और बुलाहट का आधार परमेश्वर की योजनाबद्ध इच्छा और अनुग्रह है, न कि मानव योग्यता या अच्छे कामों से प्राप्त प्रेरणा।
व्याख्यात्मक बिंदु
थीमिक सार
संबद्ध पवित्र-संदर्भ और उनका संक्षेप स्पर्श
यही विचार कुछ अन्य जगहों में भी मिलता है: - रोमियों 8:28-30 में कहा गया है कि परमेश्वर उन लोगों के लिए जो उससे प्रेम रखते हैं, उद्धार की योजना को पूरा करता है; यह योजना भी हमारी योग्यता पर निर्भर नहीं करती। - इफिसियों 2:8-9 बताता है कि उद्धार अनुग्रह से है, कर्मों के कारण नहीं। - 2 Thess 2:13-14 में कहा गया है कि परमेश्वर ने चुन लिया है ताकि हमें पवित्र लोक समझे और उद्धार के गौरव में भागीदार बनें।
इन Cross-Refs से यह स्पष्ट होता है कि उद्धार और बुलाहट परमेश्वर की अटल योजना और कृपा पर टिके हैं, न कि मानव प्रयासों पर।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
सूक्तियों का संक्षेप संकेत
यदि आप चाहें, तो हनुमान-रचना जैसी सूचनाओं के स्थान पर Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के उद्धरण मिले तो नीचे दिए गये लेखन-उद्धरणों का उपयोग करें। उपलब्ध अस्पष्ट उद्धरणों के लिए स्पष्ट पूर्ण वाक्यांश केवल वही जहां मिलते हैं, वहां ही देखें।
पठन-चयन के लिए संकेत
2 तीमुथियुस 1:9 को पढ़ते समय यह ध्यान रखें कि उद्धार और बुलाहट परमेश्वर की कृपा के बिना नहीं बनते—यह एक स्थाई प्रेम-योजना है, जिसे मसीह यीशु में अनादि काल से निर्धारित किया गया है।