Old Testament
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2 पतरस 1:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई पर भक्त जन पवित्र आत्मा के द्वारा उभारे जाकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे।
2 पतरस 1:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 1:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 तीमुथियुस 3:15 (HINIRV) »
और बालकपन से पवित्रशास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है।

1 पतरस 1:11 (HINIRV) »
उन्होंने इस बात की खोज की कि मसीह का आत्मा जो उनमें था, और पहले ही से मसीह के दुःखों की और उनके बाद होनेवाली महिमा की गवाही देता था, वह कौन से और कैसे समय की ओर संकेत करता था। (2 पत. 1:21, यशा. 52:13-14, लूका 24:25-27)

लूका 1:70 (HINIRV) »
जैसे उसने अपने पवित्र भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा जो जगत के आदि से होते आए हैं, कहा था,
अर्थ का सीधे-साफ सार
2 पतरस 1:21 में कहा गया है कि भविष्यद्वाणी मानव की अपनी इच्छा से नहीं होती, बल्कि पवित्र आत्मा के प्रेरित होकर परमेश्वर की ओर से बोलती है। इसका अर्थ है कि प्रकाशन और भविष्यद्वाणी का आधार मानव विवेक नहीं, बल्कि परमेश्वर का अवतरण-प्रेरित विचार है और संदेश ईश्वर के कारण ही दर्शाते हैं।
प्रसंगभूमि और सन्दर्भ
यह शिक्षण बाइबिल के नवीन वचन के अंतर्गत पतरस के पत्रों में है, जहाँ वे ईसाई समुदाय को विश्वास के सुदृढ़ आधार और प्रेरित लेखन के विश्वसनीय स्रोत के बारे में बताते हैं। यह वाक्य विशेष रूप से संदेश के स्रोत की पवित्र सत्ता और मानव निर्भरता के संतुलन पर जोर देता है: प्रभु के भीतर दिब्यता के साथ जो कुछ लिखा गया है, वह मानवीय कलम से नहीं, पर परमेश्वर से उकेरा गया है।
व्याख्या के प्रमुख संकेत
थीमैटिक बिंदु
अन्य पवित्र ग्रंथ से सम्बन्ध (संक्षेप में)
यहोशू 1:8 के अनुसार कानून की कथन-धारा का विचारित पाठ निरंतर स्मरण और पालन पर है; यह दर्शाता है कि पत्थर-केवल शब्द नहीं, बल्कि परमेश्वर की प्रेरणा से संचालित है। इब्रानीयों 1:1-2 में बात सीधे कहती है कि परमेश्वर ने बहुधा, बहुविध तरीकों से अपने पिता के समय से पहले से प्रेरित किया है।
इतिहास-स्वरूप टिप्पणियाँ (संक्षेप में)
पैग़म्बरों के काल में लोग स्वयं अपनी योजनाओं से नहीं बोलते थे; वे पवित्र आत्मा के कार्य से सच बोलते थे। यह विचार अतीत के भगवान-परक संदेशों की ईमानदारी और उनके उद्धारक उद्देश्य को पुष्ट करता है।
प्रत्येक अनुभाग से एक छोटे cross-reference-स्वरूप निष्कर्ष
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
हर परिस्थिति में जो कहा गया है उसका परीक्षण करें—यह शास्त्र-आधारित सत्य है या नहीं। आत्मा के प्रेरित संदेश की पुष्टि के लिए बाइबिल की परिप्रेक्ष्य भाषा, मसीह-केन्द्रित उद्देश्य और जीवन-उद्धार के परिणाम देखिए। साथ ही समुदाय में सच और नम्र भावना से प्रस्तुत करें, ताकि विश्वास मजबूत हो और परमेश्वर की महिमा बढ़े।
उद्धरण के लिए: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes एवं Adam Clarke के प्रकाशित टिप्पणीकारों से उपलब्ध कथनों का उपयोग प्रत्यक्ष उद्धरण के रूप में दिया गया हो तो वही शॉर्ट-फॉरम में शामिल किया गया है।