Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 5:14 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 5:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
प्रेम से चुम्बन लेकर एक दूसरे को नमस्कार करो। तुम सब को जो मसीह में हो शान्ति मिलती रहे।
1 पतरस 5:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 5:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इफिसियों 6:23 (HINIRV) »
परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह की ओर से भाइयों को शान्ति और विश्वास सहित प्रेम मिले।

रोमियों 16:16 (HINIRV) »
आपस में पवित्र चुम्बन से नमस्कार करो: तुम को मसीह की सारी कलीसियाओं की ओर से नमस्कार।

1 पतरस 5:14 पर अंतर्दृष्टि: प्रेम से चुम्बन लेकर नमस्कार, और शांति का पुनःस्थापन
मूल सार: इस पद में प्रेरित पतरस विश्वासियों को एकजुट रहने, प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को अभिनंदन करने और मसीह में समान शांति में टिके रहने की प्रेरणा दे रहा है। यह एक सामान्य, दैनिक व्यवहार का निर्देश नहीं बल्कि समुदाय के भीतर विश्वास की निष्ठा और प्रेम का प्रदर्शन है, जो पवित्र आत्मा से संचालित होता है।
साहित्यिक संदर्भ (पाठ के बीच की राह)
यह पद 1 पतरस के अंत में है, जहाँ चर्च के सदस्यों के बीच आचरण, कठिनाइयों में धैर्य, और शांति के निर्माण पर बल दिया गया है। चुम्बन द्वारा नमस्कार करना आधुनिक संदर्भ में प्रेम और भाइचारे का दृश्य है—सहयोगियों के बीच गर्मजोशी और एक-दूसरे के लिए सम्मान। पतरस यह बताता है कि यह व्यवहार मसीह में बना रहने की निशानी है, न कि केवल सामाजिक अनुष्ठान।
धार्मिक-तत्वगत लाभ (थीोलॉजिक प्रतिनिधित्व)
- ईश्वर की करुणा से प्राप्त शांति: “तुम सब को जो मसीह में हो शान्ति मिलती रहे” का आशय है कि क्रूस के प्रभाव से बंधी एक नई शांति, जो संघर्षों के बावजूद स्थिर रहती है।
- भाईचारे की प्रकृति: प्रेम से नमस्कार करना एक गहरी खुली प्रार्थना है कि चर्च एक परिवार के रूप में एकजेह हो—एक दूसरे के दुख-दर्द में सहभागी और एकजुटता के प्रतीक।
अनुकरणीय पाठ—पवित्र-उद्धरण से संकेत
यहां उपलब्ध पवित्र-उद्धरण में सीधे किन्हीं पुराने टिप्पणीकारों के शब्द नहीं उद्धृत होते, परन्तु उनके दृष्टिकोण से संकेत मिलते हैं:
इन विचारों के आलोक में, वाक्य का सार यही है कि माता-पिता, नौजवान, और सभी सदस्य एक-दूसरे के प्रति सत्य प्रेम और सम्मान दिखाएं—क्योंकि यही विश्वास का वास्तविक पहचान-पत्र है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संदर्भ और उनका संक्षिप्त अर्थ)
– रोम 12:9-10: प्रेम में अग्नि-शुद्धता से दिखना और भाइचारे में प्रेम बने रहना; यह स्मरण कराता है कि प्रेम सक्रिय और व्यवहारिक होना चाहिए।
– जेम्स 3:18: शांति से रखे गए पुरुष-वचन और नम्रता के कर्म से शांति का फल मिलता है; यह पद उसी धारा को पुष्ट करता है।
– याकूब 3:18: धार्मिक जीवन में शांति और सरलता से रहने के बारे में मार्गदर्शन देता है, जो इस पंक्ति के उद्देश्य को ठोस बनाता है।
अपने जीवन के लिए प्रश्न (Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 पतरस 5:14 हमें याद दिलाता है कि चर्च का सार प्रेम से भरा नमस्कार और मसीह में बनी शांति है। यह न केवल सामाजिक शिष्टाचार है, बल्कि आत्मिक पदार्थ है—जो प्रेरितों के समुदाय को एकजुट करता है और विश्व के सामने क्राइस्ट-जीवन का सत्य प्रस्तुत करता है।