Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 5:7 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 5:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।
1 पतरस 5:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 5:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 55:22 (HINIRV) »
अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। (1 पत. 5:7, भज. 37:24)

फिलिप्पियों 4:6 (HINIRV) »
किसी भी बात की चिन्ता मत करो; परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएँ।

मुख्य व्याख्या शीर्षक: अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो
1 पतरस 5:7 में कहा गया है, “अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।” यह संदेश कष्ट‑समय में ईश्वर के अनुरोध और भरोसे का निर्देश देता है: हमारे जीवन की चिंताएँ परमपिता परमेश्वर के पालन-पोषण और मित्रता की भेंट हैं, जो हर स्थिति में हमारे साथ है। विश्वासी व्यक्ति के लिए यह एक जीवंत invitation है—चिन्ता को नियंत्रण में रखना और भरोसे को निर्भर बनाना।
खण्डीय संदर्भ (literary context)
पतरस का लेखन त्रासदी और दबावों से जूझते ईसाइयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यहाँ “चिन्ता” केवल दैनिक चिंताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक युद्ध और समुदाय‑जीवन की चुनौतियों से जुड़ी भय‑भीत घटनाओं को भी समेटती है। पतरस स्वयं एक पागार‑जीवन से बाहर निकल कर ईश्वर की देखरेख पर निर्भर रहने का संदेश देता है—यह शास्त्र का एक नवीनीकृत, व्यवहारिक आह्वान है।
ग्रीष्म संदर्भ और प्रतीकात्मकता
यह घोषणा सीधे दिल से निकलती है: हमारे मन की उथलपुथल को परमेश्वर के हाथों में सौंपना, और यह मानना कि वह हमारी हर जिम्मेदारी जानता है। यह उद्धार की गारंटी नहीं कि समस्याएं नहीं होंगी, परन्तु यह विश्वास देता है कि परमेश्वर हमें ढालता और मार्गदर्शन करता है।
तेहोलॉजिकल महत्त्व
चिन्ता छोड़ना परमेश्वर के सक्रिय संरक्षण पर निर्भर रहने का एक अभ्यास है। यह विश्वास की प्रकिया है जिसमें हमारी निर्भरता — न कि हमारी स्वयं की क्षमताओं — केंद्रीय हो जाती है। यह संदेश पवित्र आत्मा के समर्पण और ईश्वर‑आश्रय के साथ एक सहज रिश्ता स्थापित करता है।
Cross‑References (संयुक्त वाक्यों के संकेत) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
संदेश के लाभ और प्रश्न
टेक्स्ट‑क्लोज़: संक्षिप्त निष्कर्ष
कहना कि चिन्ता खत्म नहीं होगी, ऐसा नहीं है; परन्तु विश्वास की संस्कृति में चिन्ताएं एक स्थान लेती हैं—परमेश्वर के चरणों के सामने उनका स्थान छोटा पड़ जाता है। हमें हर स्थिति में भरोसा रखना है कि उनका ध्यान रखने वाला हमारे साथ है—उसी पर डाल दीजिए सारी चिन्ता, क्योंकि वह आपका देखभालकर्ता है।
यह संकल्प 1 पतरस 5:7 की गहराई से बनती है कि ईश्वर के प्रेम और सहभागिता में ही जीवन की शांति मिलती है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से अगर उपलब्ध):
यह भाग उन बिंदुओं के साथ समाहित है जो इन प्रचलित चर्च‑विचारधाराओं की धाराओं से समेकित होते हैं—चिन्ता का स्थान परमेश्वर पर समर्पण है, और वह आपकी हर दशा में साथ है।