Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 5:9 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 5:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
विश्वास में दृढ़ होकर, और यह जानकर उसका सामना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुःख भुगत रहे हैं।
1 पतरस 5:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 5:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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याकूब 4:7 (HINIRV) »
इसलिए परमेश्वर के अधीन हो जाओ; और शैतान का सामना करो*, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।

प्रेरितों के काम 14:22 (HINIRV) »
और चेलों के मन को स्थिर करते रहे और यह उपदेश देते थे कि विश्वास में बने रहो; और यह कहते थे, “हमें बड़े क्लेश उठाकर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना होगा।”

इफिसियों 6:11 (HINIRV) »
परमेश्वर के सारे हथियार बाँध लो* कि तुम शैतान की युक्तियों के सामने खड़े रह सको।
1 पतरस 5:9 — संदर्भित स्थिति और संदेश
यह पद एक समूह-परिदृश्य में स्थित है जहाँ प्रेरित पतरस विश्वासियों को भरी हुई चुनौती के बीच दृढ़ रहने की विनती करते हैं—दुनिया के ठहराव और सतर्कता के बीच। वह यह कहकर उनका दिल मजबूत बनाते हैं कि वे एक भावनात्मक-आत्मिक संगति में हैं: जो लोग संसार में हैं, वे भी इसी तरह दुःख भोग रहे हैं। यह अवलोकन विश्वासी जीवन के वास्तविक अनुभव को पहचानता है—ख़ासकर तब जब समाज और शोक-समयों के बीच न्यूनतम उपकार मिलता है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से निकलते प्रमुख निष्कर्ष
पद यह स्पष्ट करता है कि विश्वास में ठहरना और एक-दूसरे के साथ एक-जुट रहते हुए संघर्षों का सामना करना ईश्वर की करुणा पर भरोसा करने का निष्कर्ष है। यह प्रेरित का आशय है कि मालिकाना नियंत्रण परमेश्वर के हाथ में है, पर भक्तों को भी समाज में एकता बनाए रखनी चाहिए ताकि वे दुख के समय एक-दूसरे के लिए सहारा बनें।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
संबंधित आयतों के संक्षिप्त संकेत
- यदा-तदा आत्मिक संघर्षों के बीच, विश्वासियों को आत्म-शक्ति और समुदाय से प्रेरणा मिलती है (यूहन्नाक 16:33 प्रकार के अनुभव)।
- पतरस के अन्य लेखों में कष्ट के बीच आशा और मर्यादा बनाए रखने की शिक्षा पर जोर है (1 पतरस 1:6-7; 4:12-13)।
- दुश्मनों के साथ वीरता और संयम की आवश्यकता पर जोर देते हुए, हमें परमेश्वर के प्रेम में टिके रहने को कहा गया है (रोम 8:35-39 का भाव)।
2-3 विश्वसनीय cross-references (संक्षेप में)
आज के संदर्भ में उपयोगी अनुप्रयोग
कथन-नोट: इस पाठ के शब्दों में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्वतंत्र उद्धरण उपलब्ध हों तो नीचे उद्धृत शब्द-चिह्नों के रूप में दी गई हैं:
— “...faith standing fast, and knowing that your brethren … endure the same affliction” (अनुरोधित सार हिंदी-परिष्कार के भीतर संक्षेप में अनुवादित).
उपयोगी संदर्भ: 1 पतरस 5:9; यूहन्ना 16:33; रोम 8:38-39. इन पाठों के साथ विश्वासनुशासन की दृढ़ता और समुदाय की भूमिका पर विचार करें ताकि आज के दुखों में भी ईश्वर की सुरक्षा स्पष्ट रहे.