Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 5:1 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 5:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उनके समान प्राचीन और मसीह के दुःखों का गवाह और प्रगट होनेवाली महिमा में सहभागी होकर उन्हें यह समझाता हूँ।
1 पतरस 5:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 5:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 8:17 (HINIRV) »
और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन् परमेश्वर के वारिस* और मसीह के संगी वारिस हैं, जब हम उसके साथ दुःख उठाए तो उसके साथ महिमा भी पाएँ।

कुलुस्सियों 3:3 (HINIRV) »
क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है।

मूल अर्थ का प्रत्यक्ष निष्कर्ष
1 पतरस 5:1 में प्रेरित पतरस अपने पाठकों से कहता है कि वह भी उन “प्राचीनों” जैसे है, जो मसीह के दुःखों के गवाह और महिमा के प्रगट होने के अवसर में सहभागी बने. इसका संकेत यह है कि प्रेरित स्वयं अनुयायियों के नेतृत्व में एक सहभागी-पत्र है—जो वे अनुभव करते हैं, उनसे सीखते हैं और विश्वास की महिमा के साथ उनके बीच साझा करते हैं।
परिप्रेक्ष्यात्मक पृष्ठभूमि
यह पाठ पतरस के पहले और दूसरे अध्यायों के संदर्भ से जुड़ता है, जहाँ मसीह के सदस्य होने का बुलावा और दु:ख उठाने की एकता पर बल दिया गया है। प्रेरित अपने लेखन में पवित्रताको, नियंत्रण-योग्यता और उसकी महिमा के आगमन पर भरोसा रखता है। वह स्वयं “प्राचीन” की हैसियत से एक दीक्षा देता है—यानी वे एक विश्वसनीय मार्गदर्शक हैं जो शिष्य समुदाय को मसीह के दुःखों को समझने और उनसे जुड़े आने वाले महिमाके अनुभवों के लिए तैयार करते हैं।
व्याख्यात्मक अनुभव
- प्रभु यीशु के दुःख एक पुर्नजीवन-उत्पादन का भाग थे; उनसे जुड़ना उन भक्तों के लिए है जो खरे रूप से विश्वास में दृढ़ रहते हैं।
- “गवाह” और “प्रगट होनेवाली महिमा” दो पक्ष हैं: दुःख के समय में विश्वसनीयता और अंत में उद्धार की महिमा का उद्घाटन। प्रेरित अपने पाठकों को याद दिलाते हैं कि वे भी इस यात्रा में साथ हैं, न कि अकेले।
interpretive observations (संशोधित व्याख्या)
थीमेटिक सूची
अन्वयित क्रॉस-रेफरेंसेस
- रोम 8:17-18: मसीह की सन्तानत्व में दुःख के साथ महिमा का संयुक्त अनुभव।
- कोरIN्थ 4:9-10: विश्वासी का अभिनय—कठिनाइयों के बीच परमात्मा की महिमा उजागर होती है।
- फीलिप्पि 1:29: विश्वास के लिए संघर्ष करना भी वरदान है, ताकि मसीह की साझेदारी बने।
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
जिन्दगी के अनुभवों में आप चाहे जो भी कठिनाई उठाएं, अपने विश्वास के प्रवाह को न तो तोड़ें और न ही डरें; वह मार्ग जिसे प्रेरित ने अपनाया है, वही आपके लिए भी उद्धार और महिमा की दिशा निर्धारित करता है।
उद्धरण स्रोत (कभी-कभी अनुकरणीय): - Matthew Henry के व्याख्यान से संबंधित संक्षिप्त प्रवाह: “...the elder among you... witness of Christ's sufferings, and sharer in the glory that shall be revealed.” (उद्धरण सारांश) - Albert Barnes के टिप्पणी-सार: दुःख के अनुभव विश्वास की परख है, जो अंततः परम महिमा को उद्घाटित करता है। (उद्धरण सारांश) - Adam Clarke के नोट्स: प्रेरित स्वयं एक पुरातन-विश्वास की आवाज हैं, जो शिष्य-समुदाय को दृढ़ रहने की वकालत करते हैं। (उद्धरण सारांश)
नोट: ऊपर के उद्धरण संक्षेप हैं; पूर्ण शाब्दिक उद्धरण के लिए पाठ के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संकलन देखें।