Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
कुलुस्सियों 3:1 कुलुस्सियों 3:2 कुलुस्सियों 3:3 कुलुस्सियों 3:4 कुलुस्सियों 3:5 कुलुस्सियों 3:6 कुलुस्सियों 3:7 कुलुस्सियों 3:8 कुलुस्सियों 3:9 कुलुस्सियों 3:10 कुलुस्सियों 3:11 कुलुस्सियों 3:12 कुलुस्सियों 3:13 कुलुस्सियों 3:14 कुलुस्सियों 3:15 कुलुस्सियों 3:16 कुलुस्सियों 3:17 कुलुस्सियों 3:18 कुलुस्सियों 3:19 कुलुस्सियों 3:20 कुलुस्सियों 3:21 कुलुस्सियों 3:22 कुलुस्सियों 3:23 कुलुस्सियों 3:24 कुलुस्सियों 3:25



कुलुस्सियों 3:3 — मर चुके हो और मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है
पद के संदर्भ में पल्लियाई मसीही समुदाय को exhortation दी जा रही है कि वे विश्व से अपनी पहचान बदल दें। बाइबल के पाठ में पहले उन्होंने यह कहा कि अतीत के जीवन-शैली और पुराने शरीर के नियम-राष्ट्र से離 हो जाना चाहिए। द्वितीय भाग में वे कहते हैं कि उनका वास्तविक जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। इस छिपे हुए जीवन का आशय है: भौतिक दुनिया के मूल्य-मानक से मुक्त होकर अलौकिक, ईश्वरीय नये fashioned जीवन को धारण करना।
मुख्य अर्थ
इस verse में दो आयाम स्पष्ट होते हैं: पहला—हमारा पूर्व का जीवन मृत्यु को पहुँचा देता है; दूसरा—हमारा नया जीवन मसीह में शुरू होता है और परमेश्वर के भीतर सुरक्षित है। “तुम मर गए” का तात्पर्य है—जातीय-आत्म-संस्कृति, पाप-युग की आदतें और इस संसार के प्रभाव से हमारी पहचान मर चुकी है। “तुमारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है” से संकेत मिलता है कि असल जीवन अभी-अभी समाप्त हो नहीं हुआ; वह सिर्फ बदला हुआ है—यह अभी आकाशीय और दिव्यता में स्थित है, जो अभी दृश्य संसार से परे है, परन्तु उसी के आधार पर सक्रिय है।
दो-तीन प्रमुख विषय
अन्य संदर्भों से परिपूरक विचार
यह विचार 1) रोमियों 6 की तरह पाप पर हमारी मृत्यु और नए जीवन का उल्लेख करता है; 2) गलातियों 2:20 में स्पष्ट है कि क्रिस्त में जीना है—जिस तरह उसने हमें क्रूस पर मिटा दिया, वैसे ही हम भी नए जीवन में हैं; 3) याकूब 1:27 के आचरण-जीवन की चेतावनी, जो आंतरिक परिवर्तन के साथ सामाजिक-नैतिक कार्यों को जोडता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
जीवन के दैनिक निर्णयों में इस तथ्य को केंद्र में रखें कि वह वास्तव में मसीह के साथ परमेश्वर के भीतर है। पुराने पैमाने—दायित्वहीनता, ईर्ष्या, स्वार्थ—छूटें; नए जीवन के अनुरूप, सेवाभाव, पवित्रता और दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करें। व्यक्तिगत आशीर्वचन के बजाय समुदाय के लिए प्रेम, ईमानदारी और नम्रता बढ़ाएं।
छोटे Cross-reference स्पष्ट सार
1) रो 6:4—हमारा बपतिस्मा क्राइस्ट के मरने के साथ जुड़कर नये जीवन में उठना दर्शाता है। यह समर्थन देता है कि पुराने जीवन की समाप्ति और नया जीवन की शुरुआत साथ-साथ है।
2) गल 2:20—मसीह के साथ हमारा जीवन नवीन दिशा पाता है; अपने स्व-पथ से नहीं, बल्कि क्राइस्ट के हाथों पर निर्भर होकर।
3) याकुब 1:27—आत्मिक परिवर्तन के साथ व्यवहार और दयालुता का संयोजन आवश्यक है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
कुलुस्सियों 3:3 हमें समझाता है कि ईश्वर के राज्य में हमारा सबसे वास्तविक अस्तित्व अभी भी है, भले ही यह मौजूदा संसार दिखावे में ओझल हो। मरना और जीवित होना केवल प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन को पुनः परिभाषित करने की क्रिया है—हमारा असली जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में है, और वही हमें दिशा, प्रेरणा व सुरक्षा देता है।
संदर्भ उद्धरण (सीधे उद्धरण नहीं): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के दृष्टिकोण से यह विचार कि पुराने जीवन का अंत और नए जीवन का आरम्भ कैसे एक साथ काम करता है, को समेकित रूप से प्रस्तुत किया गया है।