कुलुस्सियों 3:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहाँ किसी का पक्षपात नहीं। (प्रेरि. 10:34, रोम. 2:11)

कुलुस्सियों 3:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का प्रत्यक्ष सार

कुलुस्सियों 3:25 में स्पष्ट निर्देश है कि जो कोई बुरा करता है, उसकी बुरी इच्छा या कृत्य का फल उसे अवश्य प्राप्त होगा, और यहाँ ईश्वर के पक्षपात से रहित न्याय की बात है— हर कदम पर निष्पक्ष निर्णय होगा।

संदर्भ पृष्ठभूमि

पत्र के इस भाग में प्रेरित पौलुस विश्वासियों को संसार के पूर्वाग्रहों से बचने के लिए कड़ाई से चेतावनी देते हैं। यदि कोई किसी के साथ अन्याय करता है या गलत काम करता है, तो उसे उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा, और यह परिणाम किसी के पक्ष या ग़ैर-न्याय से नहीं बदलेगा। ऊपर उद्धृत प्रेरितों के अभिमुख बोध (प्रेरि. 10:34; रोम. 2:11) में भी यह विचार मिलते हैं कि ईश्वर सबके मामले में निष्पक्ष सिंहासन से निर्णय लेते हैं।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • कथा-पार्श्व: बुरी क्रिया का फल अनिवार्य है; न किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सुरक्षा घेरे से लाभ, न किसी कमजोर व्यक्ति का दुखद परिणाम टाला जा सकता है।
  • न्याय की निष्पक्षता: “किसी का पक्षपात नहीं” से तात्पर्य है— ईश्वर हर किसी के साथ न्यायपूर्ण है; सामाजिक दबाव या अहम के कारण अदालत का स्वरूप पक्षपातपूर्ण नहीं होगा।
  • व्यावहारिक अनुप्रयोग: अपने आचरण को ईमानदार, समान और शुद्ध बनाए रखना ही वांछित परिणामों को जन्म देता है; अन्यथा बुरे कर्मों का दुष्परिणाम सामने आएगा।

थीमेटिक संक्षेप

  1. न्याय का सिद्धान्त: बुराई का फल अवश्य मिलता है; दोषी को क्षमा नहीं, प्रक्रिया और परिणाम स्पष्ट रहते हैं।
  2. ईश्वर की निष्पक्षता: किसी के पक्ष में रिश्वत, दबाव या समाजवादी दबाव नहीं चलेगा।
  3. जीवन की दिशा: सत्य और पवित्र कामों के माध्यम से ही सुरक्षा और გაქ्षण मिलती है; अन्यथा परिणाम समाजिक या आत्मिक नुकसान है।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनके संक्षिप्त स्पष्टीकरण

1) प्रेरितों के प्रेरिती बोध: बुरे कर्मों के फल का सिद्धांत—ईश्वर की न्यायप्रियता सभी के लिए समान है।

2) रोम 2:11: “ईश्वर के बारे में किसी का पक्षपात नहीं है”—कथा-तत्व की पुष्टि करते हुए यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत ग्रंथों के बाहर भी ईश्वर का न्याय निष्पक्ष है।

3) नीतिवचन-संदर्भ: अर्थात् व्यवहार के अनुसार परिणाम का विधान—सीधे–सीधे कर्मों का फल मिलता है, चाहे व्यक्ति कितना भी शीर्ष स्तर का क्यों न हो।

संक्षेपित व्यावहारिक takeaway

अपने आचरण की देखरेख करें: जो लोग सत्य और निष्पक्षता से चलेंगे, उन्हें ईश्वर के न्याय में सुरक्षा मिलेगी; जो बुराई करें, उन्हें फल भुगतने होंगे। हर स्थिति में ईश्वर के पक्षपात-रहित न्याय का सम्मान करें।


कुलुस्सियों 3:25 के साथ अन्य संदर्भों का सार यह है कि सामाजिक दबाव या व्यक्तिगत स्थिति चाहे जैसी भी हो, ईश्वर का न्याय समान रहता है और प्रत्येक कर्म का फल अवश्य मिलता है।

उद्धरण-नोट: नीचे दिए मुख्य टिप्पणीकारों के संकलन से सामान्य समझ को संवेदी किया गया है, परन्तु पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

कुलुस्सियों 3:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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