Old Testament
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कुलुस्सियों 2:20 का अर्थ: संसार की पुरानी शिक्षा से मरना
सीधे शब्दों में कहा जाए तो पादरेशदुनिया की आचार-व्यवस्था और वर्तमान जीवन के तौर-तरीकों के प्रति बहिर्गामीता दूर करना है; मसीह के साथ संसार की “आदि शिक्षा” से आपका मर जाना मतलब है कि आप उस सांसारिक ढांचे के अनुसार नहीं जीते जो दिखावे, उसे-लोगों की मान्यताओं और मानव-परंपराओं पर टिका हो। यह पंक्ति कहती है कि क्रिस्टन होने के नाते अब आपका जीवन पहले की तरह संसार की विधियों पर निर्भर नहीं रहता; आप मसीह के साथ नई पृथक-सी दिशा में चले गए हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
कलुसियों के पत्र में प्रेरित पौलुस चर्च के भीतर हो रही धार्मिक-योजनाओं और विश्वसनीयता की जाँच करते हैं। यहाँ उनका उद्देश्य यह दिखाना है कि मसीह में विश्वास रखने पर शारीरिक-धार्मिक कर्मकांड और जड़-परंपराओं से होने वाली आत्मिक निर्भरता गिरती है। आप कौन-सी पुरानी शिक्षा से मर गए हैं? वह संसार की मान्यताएं, परंपराएँ और जीवन की रवायतें जो समकालीन रीति-रिवाजों पर आधारित थीं।
interpretive observations
- मसीह के साथ मरना एक आध्यात्मिक स्थिति है, न कि केवल धार्मिक नियमों का त्याग। यह संसार के मूल्य-मानदंडों के अनुरूप नहीं बढ़ना है।
- तात्पर्य यह है कि आप पुराने जीवन के “जीवन-विधियों” से मुक्त हो चुके हैं, ताकि नया जीवन ईश्वर-केन्द्रित हो।
- यह नतीजा है कि आप अब सांसारिक पदार्थों, आत्म-शेखियों और दिखावे के अधीन नहीं रहते, बल्कि आत्मिक निर्णयों में परमेश्वर की इच्छा के अनुसार चलते हैं।
सूझ-बूझ के छोटे बिंदु (कथन-सार)
अन्य आयाम और क्रॉस-रेफरेन्स
1) रोमियों 6:6—कल्पना कि हमारा पुराना स्व-लोकांतन मर गया ताकि हम नया जीवन पाएँ; यह जड़-व्यवस्था से छुटकारे की दशा को पुष्ट करता है।
2) गलातियों 6:14—क्रूस के साथ नये जीवन की महिमा; संसार की शिक्षाएं अब हमारे लिए विश्वसनीय नहीं रहतीं।
3) 1 कुरिन्थियों 2:12—परन्तु आत्मा के द्वारा मिलने वाला ज्ञान जो आँखों से नहीं देखा जा सकता।
महत्वपूर्ण उद्धरण (सूक्ष्म संदर्भ)
मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बर्केज़, एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों से संक्षिप्त विचार:
हेनरी के अनुसार प्रयुक्त विचार: “आप संसार में जीवन बिताने की उसकी बंधन-शृंखलाओं से मुक्त हो चुके हैं,” जो धारणा इस पाठ के साथ संगत है।
बARNES के अनुसार: “मसीह के साथ मरना” का अर्थ है पुराने जीवन के नियमों से परे एक नई पहचान बनना।
एडम क्लार्क के अनुसार: यह प्रवचन बताता है कि विश्वसनीय परिवर्तन भीतर से आता है, न कि दिखावा से।
व्यावहारिक निष्कर्ष
आप अपने जीवन में यह देखें कि किन शिक्षाओं ने आपको संसार के हिसाब से चलने के लिए बाध्य किया था। अब यदि आप मसीह के साथ जीते हैं, तो निर्णयों में ईश्वर की इच्छा प्राथमिक हो। धार्मिक रीति-रिवाजों के बजाय प्रेम, सत्य और पवित्र जीवन की दिशा में आगे बढ़ें।