Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 5:5 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 5:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे नवयुवकों, तुम भी वृद्ध पुरुषों के अधीन रहो, वरन् तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बाँधे रहो, क्योंकि “परमेश्वर अभिमानियों का विरोध करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।”
1 पतरस 5:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 5:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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याकूब 4:6 (HINIRV) »
वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, “परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर नम्रों पर अनुग्रह करता है।”

नीतिवचन 3:34 (HINIRV) »
ठट्ठा करनेवालों का वह निश्चय ठट्ठा करता है; परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। (याकूब. 4:6, 1 पतरस. 5:5)

रोमियों 12:10 (HINIRV) »
भाईचारे के प्रेम* से एक दूसरे पर स्नेह रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
1 पतरस 5:5 — नया अधिकारी और दीनता का आह्वान
परिचयात्मक सेटिंग: इस पद में पतरस कलीसिया के नेता-प्रवर्तकीय भूमिका की बात कर रहा है—नवयुवकों को वृद्धों के अधीन रहने और सभी को एक-दूसरे की सेवा के लिए दीनता से काम करने की प्रेरणा दी जा रही है। यह सामुदायिक जीवन का नीतिगत सार है: उठना-गिरना नहीं, बल्कि एक दूसरे को विनम्रता तथा सेवाभाव से बाँधना। परमेश्वर अभिमानियों का विरोध करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है—यह परमेश्वर के चरित्र का निर्णायक नियम है, जो हर भागीदार के लिए एक समान मानक है।
कौन सा विश्वास दर्शाता है
इस वाक्य में भगवान की दया और शिक्षा की दोहरी दिशा दिखती है। पहला, न्यायपूर्ण भक्ति वह उनिहीं को सम्मान देता है जो विनम्र रहते हैं; दूसरा, वह उन पर अनुग्रह लुटाता है जो दीनता से रहते हैं। यह कहना नहीं कि ताकतवरों को भुला दें, बल्कि बताता है कि किस प्रकार समाज और चर्च में वास्तविक प्रभाव दीनता से आता है—सेवा, सहनशीलता और एक दूसरे के लिए सम्मान।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
अन्य संबंधित कथन
यहीं के समान संदेश अन्य शास्त्रग्रंथों में भी है जहाँ विनय और सेवाभाव को उच्च माना गया है। उदाहरणार्थ, याकूब 4:6 कहता है कि परमेश्वर दीनों के पक्ष में है, और यीशु स्वयं मत्ती 23:12 में कहते हैं, जो ऊँचा होगा उसे नीचे किया जाएगा।
प्रसंग-संबंध
1 पतरस 5:1-4 में वरिष्ठों की जिम्मेदारी और उनके पद-प्राप्त अधिकार का व्यवस्थित आह्वान है, और अब 5:5 में युवा-फेहरिस्त को यह याद दिलाया गया है कि हर सदस्य एक-दूसरे के साथ विनम्र रहे। यह तीन-आयामी समुदाय-जीवन प्रकट करता है: नेतृत्व, अनुचरण और सेवाभाव।
आज का प्रयोग
आज के चर्च और समुदाय के लिए यह संदेश ताजगी भरा है:
छोटे cross-refs (संकेतित विचार)
- अभिमान के विरुद्ध विनम्रता पर: याकूब 4:6; मत्ती 23:12
- दीनता और सेवा के अर्थ पर: मत्ती 20:26-28; फिलिप्पयों 2:3-4
समाप्ति सार: परमेश्वर का अनुग्रह दीनों के साथ है; उसकी महिमा तब उजागर होती है जब हम एक-दूसरे की सेवा में अपने ego को छोड़ दें और नम्रता से चलें।
मुख्य बिंदु