1 पतरस 5:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे नवयुवकों, तुम भी वृद्ध पुरुषों के अधीन रहो, वरन् तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बाँधे रहो, क्योंकि “परमेश्‍वर अभिमानियों का विरोध करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।”

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1 पतरस 5:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 पतरस 5:5 — नया अधिकारी और दीनता का आह्वान

परिचयात्मक सेटिंग: इस पद में पतरस कलीसिया के नेता-प्रवर्तकीय भूमिका की बात कर रहा है—नवयुवकों को वृद्धों के अधीन रहने और सभी को एक-दूसरे की सेवा के लिए दीनता से काम करने की प्रेरणा दी जा रही है। यह सामुदायिक जीवन का नीतिगत सार है: उठना-गिरना नहीं, बल्कि एक दूसरे को विनम्रता तथा सेवाभाव से बाँधना। परमेश्वर अभिमानियों का विरोध करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है—यह परमेश्वर के चरित्र का निर्णायक नियम है, जो हर भागीदार के लिए एक समान मानक है।

कौन सा विश्वास दर्शाता है

इस वाक्य में भगवान की दया और शिक्षा की दोहरी दिशा दिखती है। पहला, न्यायपूर्ण भक्ति वह उनिहीं को सम्मान देता है जो विनम्र रहते हैं; दूसरा, वह उन पर अनुग्रह लुटाता है जो दीनता से रहते हैं। यह कहना नहीं कि ताकतवरों को भुला दें, बल्कि बताता है कि किस प्रकार समाज और चर्च में वास्तविक प्रभाव दीनता से आता है—सेवा, सहनशीलता और एक दूसरे के लिए सम्मान।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • — आत्म-न्यूनीकरण, ईमानदारी से अपने स्थान को समझना, और दूसरों के लिए सेवा में लगे रहना।
  • अभिमान ( pride )— अपने आप को ऊँचा समझना, अन्य की योग्यता और स्थिति को कम आंकना। परमेश्वर उसी का विरोध करता है जो अहंकारी है।
  • वृद्ध और नवयुवक— चर्च की संरचना में विविध आयु-स्तर, जिनमें एक-दूसरे के अनुभव और ऊर्जा का संतुलन चाहिए।

अन्य संबंधित कथन

यहीं के समान संदेश अन्य शास्त्रग्रंथों में भी है जहाँ विनय और सेवाभाव को उच्च माना गया है। उदाहरणार्थ, याकूब 4:6 कहता है कि परमेश्वर दीनों के पक्ष में है, और यीशु स्वयं मत्ती 23:12 में कहते हैं, जो ऊँचा होगा उसे नीचे किया जाएगा।

प्रसंग-संबंध

1 पतरस 5:1-4 में वरिष्ठों की जिम्मेदारी और उनके पद-प्राप्त अधिकार का व्यवस्थित आह्वान है, और अब 5:5 में युवा-फेहरिस्त को यह याद दिलाया गया है कि हर सदस्य एक-दूसरे के साथ विनम्र रहे। यह तीन-आयामी समुदाय-जीवन प्रकट करता है: नेतृत्व, अनुचरण और सेवाभाव।

आज का प्रयोग

आज के चर्च और समुदाय के लिए यह संदेश ताजगी भरा है:

  • सबसे पहले, छोटे-बड़े सभी के लिए दीनता एक व्यवहारिक नियम बनी रहे: संचार में नम्रता, गलतियों को स्वीकार करना, और सेवा के अवसर ढूंढ़ना।
  • पद-प्रतिष्ठा से ऊपर परमेश्वर का अनुग्रह स्थान पाए—जो बाह्य प्रभाव से नहीं, हृदय की विनम्रता से मापा जाता है।
  • सहयोग और एकता के लिए युवा-वरिष्ठ दोनों को मिलकर प्रयास करना; अनुभव और ऊर्जा के मिलन से समुदाय सुदृढ़ होगा।

छोटे cross-refs (संकेतित विचार)

- अभिमान के विरुद्ध विनम्रता पर: याकूब 4:6; मत्ती 23:12

- दीनता और सेवा के अर्थ पर: मत्ती 20:26-28; फिलिप्पयों 2:3-4

समाप्ति सार: परमेश्वर का अनुग्रह दीनों के साथ है; उसकी महिमा तब उजागर होती है जब हम एक-दूसरे की सेवा में अपने ego को छोड़ दें और नम्रता से चलें।

मुख्य बिंदु

  1. हर सदस्य एक-दूसरे के प्रति विनम्र रहे।
  2. परमेश्वर दीनों को अपने अनुग्रह से सम्मानित करते हैं।
  3. युवा और वृद्ध एक साथ मिलकर चर्च को सेवा के द्वारा बनाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 पतरस 5:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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याकूब 4:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
याकूब 4:6 (HINIRV) »
वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, “परमेश्‍वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर नम्रों पर अनुग्रह करता है।”

नीतिवचन 3:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 3:34 (HINIRV) »
ठट्ठा करनेवालों का वह निश्चय ठट्ठा करता है; परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। (याकूब. 4:6, 1 पतरस. 5:5)

रोमियों 12:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 12:10 (HINIRV) »
भाईचारे के प्रेम* से एक दूसरे पर स्नेह रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।

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