Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 5:10 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 5:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुःख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्त करेगा*।
1 पतरस 5:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 5:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 कुरिन्थियों 4:17 (HINIRV) »
क्योंकि हमारा पल भर का हलका सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।

2 थिस्सलुनीकियों 3:3 (HINIRV) »
परन्तु प्रभु विश्वासयोग्य है*; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्ट से सुरक्षित रखेगा।

यहूदा 1:24 (HINIRV) »
अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है*, और अपनी महिमा की भरपूरी के सामने मगन और निर्दोष करके खड़ा कर सकता है।
1 पतरस 5:10 परख: परमेश्वर का समान्तिक अनुग्रह और शुद्धिकरण की प्रक्रिया
मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु: विपत्ति के बाद परमेश्वर दाता अनुग्रह से आपको मसीह में बुलाने, सिद्ध करने, स्थिर करने और बलवान बनाने की योजनाओं को पूरा करेगा। थोड़े समय की कठिनाई के बाद ईश्वर अपने उद्देश्य के अनुसार आपकी आत्मा, विश्वास और समर्पण को प्रभावित नहीं करते, बल्कि उसे मजबूत बनाते हैं ताकि आप अंत तक दृढ़ रहें।
साहित्यिक संदर्भ और पृष्ठभूमि (लिटरेरी_context)
पतरस के पाठ में यह संदेश आश्वासन देता है कि सताने और पीड़ा के बीच भी ईश्वर आपके लिए एक निर्धारित योजना रखते हैं। उद्धार का लक्ष्य केवल उद्धार की अनुभूति नहीं है, बल्कि चरित्र का पूर्ण-स्थिर निर्माण है। इसके साथ, “अनुग्रह का दाता” शब्द यह बताता है कि यह सब वह सत्ताभर भरोसे का स्रोत है, न कि मानव शक्ति।
धार्मिक-धारणा संबंध (Theological significance)
टेस्टीफायर्स में यह विचार मिलता है कि पीड़ा एक संप्रेक्षण नहीं, बल्कि सुरक्षा और तैयारी का साधन है. यह verse बताता है कि दुःख के समय में भी परमेश्वर की योजनाओं पर भरोसा बना रहता है; वह आपकी पूरी व्यक्ति-जीवन को “सिद्ध और स्थिर और बलवन्त” बनाएंगे—यानी विश्वास की पुष्टि, नैतिक दृढ़ता, और आत्मिक स्थायित्व।
Across-Scripture connections (अनुदानित क्रॉस-रेफरेंसेस)
आत्म-चिंतन के प्रश्न (Questions for reflection)
कन्वर्जन-सार (Concise conclusion)
1 पतरस 5:10 हमें स्पष्ट पुनरावृत्ति देता है: परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, वह मसीह के कारण बुलाने के बाद, थोड़े समय के दुःख के पश्चात हमें सिद्ध, स्थिर और बलवन्त करेगा। यह भरोसा हमें दुख के बीच भी स्थिर रहने, विश्वास में अवसर ढूंढने और परमेश्वर की योजना की पूर्ति की ओर चरण बढ़ाने का आह्वान देता है।
हिंदी-तमिल संकेत-संदर्भ (quotations from public-domain commentators, excerpted)
Adam Clarke से: “God will, in due time, settle and confirm you, and make you steadfast.”—यह संक्षेप में वही विचार प्रस्तुत करता है कि कठिन समय के बाद दिव्य सक्रियता से जीवन नए आकार लेता है।
Albert Barnes से: “The God of all grace”—यह शब्दावली परमेश्वर की पूर्ण, संयुक्त अनुग्रह शक्ति को पहचानाती है जो जीवन के हर क्षेत्र में क्रिया करती है।
Matthew Henry से: “The God of all grace, who hath called you”—यह उद्धरण उद्धार और बुलाहट के समन्वय पर बल देता है कि ईश्वर की महिमा में हमें बुलाया गया है और उसी के अनुसार हमारा विकास होता है।