1 यूहन्ना 1:8 बाइबल पद की व्याख्या
1 यूहन्ना 1:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं और हम में सत्य नहीं।
1 यूहन्ना 1:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 यूहन्ना 1:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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याकूब 3:2 (HINIRV) »
इसलिए कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं* जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य* है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है।

सभोपदेशक 7:20 (HINIRV) »
निःसन्देह पृथ्वी पर कोई ऐसा धर्मी मनुष्य नहीं जो भलाई ही करे और जिससे पाप न हुआ हो। (रोमि 3:10)

यूहन्ना के पहले पत्र, आदरणीय पाप-स्वीकार नहीं करना बनाम पाप की वास्तविकता
सीधे अर्थ का कथन: यदि हम कहें कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो हम अपने आप को धोखा देते हैं और हम में सत्य नहीं।
पृष्ठभूमि का संक्षेप
1 यूहन्ना 1–2 अध्याय में प्रेरित यूहन्ना उस भरोसे की पुष्टि करते हैं जो मसीही礼包 में है: यदि हमारे बीच प्रकाश है और हम lichamिक जीवन की कहानी नहीं बोलते, तो हमारे स्तर पर पवित्रता की गवाही दिखती है। यहाँ पाप की चर्चा एक परीक्षण के रूप में आती है—हम कितने ईमानदार हैं कि हम पाप करते हैं और उसे स्वीकारते हैं, और क्या परमेश्वर की कृपा और चंगाई को स्वीकार करते हैं।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमेटिक बिंदु
अन्य pás्टर्पथ (क्रॉस-रेफरेंसेस) और उनका छोटा परिचय
व्याख्या: क्रॉस-रेफरेंस बताती हैं कि पाप-स्वीकार न करना आत्म-भ्रम बन सकता है, पर सत्य को मानना ही परिवर्तन का मार्ग है।
कथन से सीख
यह वचन हमें यह सिखाता है कि ईमानदारी हमारी आध्यात्मिक चिकित्सा की शर्त है। यदि हम अपने भीतर पाप की कमी का दावा करते हैं, तो हम परमेश्वर की रोशनी से दूर हो जाते हैं। पर यदि हम पाप की वास्तविकता को मानकर उसे confess करते हैं, तो उसका समाधान और क्षमा उपलब्ध हो जाता है।
छोटा व्यवहारिक पाठ
नोट: इस पंक्ति के साथ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरी सार परिशिष्ट जरूरी संदर्भों से मिलते हैं। अगर उपलब्ध हो, तो उनके ठोस वाक्य उद्धरण स्पष्ट रूप से उद्धृत किए जाते हैं।