2 इतिहास 32:24 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उन दिनों हिजकिय्याह ऐसा रोगी हुआ, कि वह मरने पर था, तब उसने यहोवा से प्रार्थना की; और उसने उससे बातें करके उसके लिये एक चिन्ह दिया।

पिछला पद
« 2 इतिहास 32:23
अगला पद
2 इतिहास 32:25 »

2 इतिहास 32:24 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 इतिहास 32:24 परिहार्य संदर्भ और केंद्रित अर्थ

यह पाठ हिजकिय्याह का वह समय दर्शाता है जब वह घातक रोग से मरने के कगार पर थे, और निश्चय ही यह एक तीव्र परीक्षा थी कि परमेश्वर के साथ उनके विश्वास की वास्तविकता कितनी गहरी है। obat थम्बना के बाद हिजकिय्याह ने प्रभु से विनियोग किया और प्रभु ने उन्हें चिह्न देकर मोड़ दिया—यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने योजनागत प्रबुद्ध भक्तों के लिए दया और चिह्न दे सकता है।

मुख्य अर्थ

कहते हैं कि राजा के लिए यह रोग एक अलग प्रकार की नज़र वाला परीक्षण था—जीवन-सत्य के प्रति उनका भरोसा, और यह कि परमेश्वर अच्छा निर्णय लेकर उनकी जीवित्ता की राह कैसे बदल सकता है। यहाँ प्रार्थना और चिह्न दया के संकेत हैं: ईश्वर अपनेूलंबों के लिए समय-समय पर चिह्न देकर उनमें विश्वास की पुष्टि करता है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • प्रार्थना का प्रभाव: हिजकिय्याह ने उचित समय पर परमेश्वर से सहायता मांगी और उसका उत्तर प्राप्त किया।
  • चिह्न की भूमिका: चिह्न एक आध्यात्मिक पुष्टि है, जो रोगी के मन में भरोसा जगाने और भविष्य के मार्ग को स्पष्ट करने के लिए दिया गया।
  • ईश्वर की दया और न्याय का संतुलन: यदि रोगी पर दया हो, तो ईश्वर चिह्न देकर उसे जीवन देता है; यह भी एक चेतावनी है कि ईश्वर के साथ भरोसा कभी-भी निरुत्साहित नहीं होना चाहिए।

संबद्ध गम्भीर पाठ

• 2 इतिहास 32:25-26 में हिजकिय्याह ने अपनी कृपा के स्रोत से मना नहीं किया, परन्तु उसे अपना गर्व भी दिखा।

• 2 इतिहास 32:31 में ईश्वरीय ज्ञान और पूर्णता के बारे में संदेश मिलता है कि स्वर्गीय निर्णय कभी-भी मनुष्यों के तर्क से परे होते हैं।

व्यावहारिक चिंतन

हम कैसे अपने समय के संकट में प्रतिक्रिया दें? पहले प्रयत्न करें कि प्रभु से विनती करें, फिर चित्त को स्थिर रखें ताकि वह चिह्न और संकेत के माध्यम से मार्ग दिखा दें। जीवन की अस्वस्थताओं में भी परमेश्वर की कृपा का संकेत पाना संभव है—पर यह भी याद रहे कि हमारा उत्तरदायित्व है कि हम विश्वास के साथ आगे बढ़ें और अक्सर अपने आप को प्रभु के मार्ग पर समर्पित रखें।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)

• यूहन्ना 11:41-42: प्रार्थना और विश्वास के बाद ईश्वरीय चुप्पी नहीं रहती; चिह्न और संकेत हमारे दिलों को पुनः विश्‍वास में गतिशील बनाते हैं।

• दान 9:27; दानियेल 9:23-27 जैसी चिह्नों के बारे में: देवता के समय-समय पर संकेत और सलाह देना विश्वासी के लिए मार्गदर्शन बनता है।

• इसाय 38:1-8: रोग और जीवन के बीच परमेश्वर की योजना की पुष्टि एक राजा के रूप में हिजकिय्याह के अनुभव की स्मृति कराती है।

संक्षेप निष्कर्ष

2 इतिहास 32:24 एक ऐसी घटना है जिसमें प्रभु ने एक गंभीर संकट के दौरान राजा हिजकिय्याह के लिए दया दिखाई और एक स्पष्ट संकेत दिया। यह पाठ बताता है कि प्रार्थना की स्थिति में ईश्वर अपने चमत्कार दिखाकर विश्वास की पुष्टि करते हैं, और व्यक्तिगत भरोसे के साथ कठिनाइयों को भी मात दी जा सकती है।

नोट: इस लेख में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के प्रत्यक्ष शॉर्ट उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं; यदि आवश्यक हो तो उनसे संक्षिप्त, साहित्यिक संदर्भ दिए जा सकते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 32:24 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 राजाओं 20:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 20:1 (HINIRV) »
उन दिनों में हिजकिय्याह ऐसा रोगी हुआ कि मरने पर था, और आमोत्‍स के पुत्र यशायाह भविष्यद्वक्ता ने उसके पास जाकर कहा, “यहोवा यह कहता है, कि अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे; क्योंकि तू नहीं बचेगा, मर जाएगा।”

यशायाह 38:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 38:1 (HINIRV) »
उन दिनों में हिजकिय्याह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोत्‍स के पुत्र यशायाह नबी ने उसके पास जाकर कहा, “यहोवा यह कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा।”

यशायाह 38:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 38:21 (HINIRV) »
यशायाह ने कहा था, “अंजीरों की एक टिकिया बनाकर हिजकिय्याह के फोड़े पर बाँधी जाए, तब वह बचेगा।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें