Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 थिस्सलुनीकियों 2:1 2 थिस्सलुनीकियों 2:2 2 थिस्सलुनीकियों 2:3 2 थिस्सलुनीकियों 2:4 2 थिस्सलुनीकियों 2:5 2 थिस्सलुनीकियों 2:6 2 थिस्सलुनीकियों 2:7 2 थिस्सलुनीकियों 2:8 2 थिस्सलुनीकियों 2:9 2 थिस्सलुनीकियों 2:10 2 थिस्सलुनीकियों 2:11 2 थिस्सलुनीकियों 2:12 2 थिस्सलुनीकियों 2:13 2 थिस्सलुनीकियों 2:14 2 थिस्सलुनीकियों 2:15 2 थिस्सलुनीकियों 2:16 2 थिस्सलुनीकियों 2:17



2 थिस्सलुनीकियों 2:8 – स्पष्ट अर्थ
यहोवा के प्रकोप-प्रधान दुष्ट आत्म-गढ़न को प्रभु यीशु की केवल मुँह की फूँक से वह अधर्मी प्रगट और मार डालेगा; उसके आगमन के तेज से वह भस्म होगा। यह आयत दुष्टता के अंत और प्रभु के राज्य के आरम्भ के स्पष्ट क्रम को दिखाती है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पत्र 2 थिस्सलुनीकियों में प्रेरित Paul ने चर्च को आश्वस्त किया कि अंत के समय परमेश्वर द्वारा आने वाले अंधविश्वास, दमन और विरोध का प्रगाटन स्पष्ट होगा, परन्तु प्रभु के प्रकट होने से वे सब नष्ट हो जाएँगे। इस आयत में “अधर्मी” से वह शक्तिशाली प्रतिरोधक एकता बुझाता है जो परमेश्वर के विरुद्ध उठती है; उसका विनाश केवल मसीह के शब्द से होगा। (पढ़ें: 2 थिस्सलुनीकियों 2:3-4; 2:9-12)
Interpretive observations
केंद्रीय विचार
अनुष्ठान-जनित संदर्भ
क्रॉस-रेफरेंसेज: आयुध-नियमन के लिए नीचे तीन संकेत दिए जाते हैं—
इन संदर्भों से समझ आता है कि परमेश्वर की विच्छेदक क्रिया दुष्ट के विरुद्ध एकतरफा है, जो अंत में मसीह के समर्थित शब्द से प्रकट होती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमको निम्न बातों पर दृष्टि बनाए रखना चाहिए: समय के बारे में आश्वासन में संयम रखें; चर्चित विश्वास पर स्थिर रहें; प्रभु के शब्द की शक्ति पर भरोसा करें, क्योंकि अंतिम जीत उसका है।
संक्षिप्त संदर्भ-आख्यान
यह आयत विश्वासियों को यह स्मरण कराती है कि दुष्ट व्यवस्था की वर्तमान शक्ति अस्थायी है और अन्ततः प्रभु की आयरिशी चेतना से नष्ट हो जाएगी।
ध्यान दें: संदर्भ-उद्धरण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार-भाष्य से समेकित विचार एक साथ मिलकर एक सम्मिलित परिचर्चा बनाते हैं—परन्तु मूल उद्धरणों के लिए नीचे “नोट” देखें।
उद्धरण संकेत: अगर संबंधित लेखन से स्पष्ट शब्द-उद्धरण उपलब्ध हों, तो वे नीचे सीधे दिया जाएगा। (यह भाग अभिलेख-संदर्भ के अनुसार समाहित किया गया है)