Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
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अर्थ का स्पष्ट सार
लेव्यव्यवस्था 24:21 के अनुसार, किसी पशु का मार डालना अगर बदला मांगता है, तो बदला देना चाहिए; परन्तु मनुष्य के मार डालने वाले के लिए उसी तरह का दंड देना उचित माना गया है। यह कानून मानव जीवन की अटल मान्यता को दर्शाता है कि जीवन एक अनमोल अधिकार है और हिंसा का प्रतिकार उचित न्याय के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह कविता सारस्वत कानूनों के समूह में है जो พระवर्त्तमान सामाजिक-न्याय व्यवस्था का भाग है। परमेश्वर ने इस समय के लिए सामाजिक सुरक्षा और निष्पक्ष दंड-प्रणाली स्थापित की ताकि समुदाय में शांति बनी रहे। सही दंड-प्रणाली के बिना समुदाय में अराजकता फैल सकती थी। यह नियम उन परिस्थितियों के लिए है जहाँ हिंसा का प्रतिशोध लिया जाता है और यह व्यक्तिगत बदले की भावना को सीमित करता है—हथियार उठाने से पहले अदालत के निर्णय की अपेक्षा की जाती है।
व्याख्यात्मक बिंदु
संयुक्त टिप्पणी — प्रसिद्ध टिप्पणीयों के संकलन (संक्षेप)
इस वाक्य पर दार्शनिक और धार्मिक पंक्तियों के आधार पर प्रमुख विद्वानMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke ने अलग-अलग किन्तु सामंजस्यपूर्ण बिंदुओं को प्रस्तुत किया है:
Matthew Henry का कहना है कि हर हत्या का दंड सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि समाज में भय और सुरक्षा बनी रहे; यह दंड संतुलन बनाकर अन्याय को रोकता है।
Albert Barnes ने यह रेखांकित किया कि यह नियम उन मामलों पर लागू है जहाँ तुरंत बदला लेने की प्रवृत्ति उठती है; कानून ने ऐसी प्रवृत्ति को नहीं बढ़ने दिया।
Adam Clarke ने इसे मनुष्य के जीवन की एक असीमित मूल्यशीलता के रूप में समझाया और यह भी जोड़ा कि पशु-हत्या के लिए दंड भिन्न हो सकता है क्योंकि यहाँ चोट भिन्न प्रकार की सामाजिक मिसाल बनी।
विवेकपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसे
बाइबल के अन्य संदर्भ जो इस विचार को स्पष्ट करते हैं:
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारे सामाजिक जीवन में जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है। यह वचन एक स्पष्ट स्मृति कराता है: हिंसा से बचना है और सक्षम संस्थागत न्याय के अंतर्गत ही दंड देना है। व्यक्तिगत बदले की भावना से बचते हुए—जहाँ जरूरी हो—न्याय की आधुनिक इकाइयों के साथ चलना चाहिए।
कथन-उद्धरण (संरक्षित)
कथन-उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्पष्ट शब्द अगर किसी स्थान पर उपलब्ध हों तो वे नीचे दिए गए पाठ के भीतर संक्षेप में उद्धृत किए गए हैं।