Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 7:1 नहेम्याह 7:2 नहेम्याह 7:3 नहेम्याह 7:4 नहेम्याह 7:5 नहेम्याह 7:6 नहेम्याह 7:7 नहेम्याह 7:8 नहेम्याह 7:9 नहेम्याह 7:10 नहेम्याह 7:11 नहेम्याह 7:12 नहेम्याह 7:13 नहेम्याह 7:14 नहेम्याह 7:15 नहेम्याह 7:16 नहेम्याह 7:17 नहेम्याह 7:18 नहेम्याह 7:19 नहेम्याह 7:20 नहेम्याह 7:21 नहेम्याह 7:22 नहेम्याह 7:23 नहेम्याह 7:24 नहेम्याह 7:25 नहेम्याह 7:26 नहेम्याह 7:27 नहेम्याह 7:28 नहेम्याह 7:29 नहेम्याह 7:30 नहेम्याह 7:31 नहेम्याह 7:32 नहेम्याह 7:33 नहेम्याह 7:34 नहेम्याह 7:35 नहेम्याह 7:36 नहेम्याह 7:37 नहेम्याह 7:38 नहेम्याह 7:39 नहेम्याह 7:40 नहेम्याह 7:41 नहेम्याह 7:42 नहेम्याह 7:43 नहेम्याह 7:44 नहेम्याह 7:45 नहेम्याह 7:46 नहेम्याह 7:47 नहेम्याह 7:48 नहेम्याह 7:49 नहेम्याह 7:50 नहेम्याह 7:51 नहेम्याह 7:52 नहेम्याह 7:53 नहेम्याह 7:54 नहेम्याह 7:55 नहेम्याह 7:56 नहेम्याह 7:57 नहेम्याह 7:58 नहेम्याह 7:59 नहेम्याह 7:60 नहेम्याह 7:61 नहेम्याह 7:62 नहेम्याह 7:63 नहेम्याह 7:64 नहेम्याह 7:65 नहेम्याह 7:66 नहेम्याह 7:67 नहेम्याह 7:68 नहेम्याह 7:69 नहेम्याह 7:70 नहेम्याह 7:71 नहेम्याह 7:72 नहेम्याह 7:73



नहेम्याह 7:42 — परिप्रेक्ष्य में यह संख्या क्यों मायने रखती है
यह वाक्य नहेम्याह की किताब में गिनती का एक हिस्सा है, जिसमें यह दिखाया गया है कि यहूदी नगर के पुनर्निर्माण के समय कौन-कौन लोग और किन जातियों के सदस्य लौटकर आये थे। शास्त्री मानते हैं कि यह संख्या एक भाग-गिनती है जो मंदिर-नगरी के पुनर्निर्माण के क्रम में हो रहा था; यह दर्शाता है कि समुदाय के विविध सदस्य और परिवार अपनी बस्तियाँ और पहचान बनाए रखने के लिए एकजुट थे। एक जनसंख्या-संरचना के तौर पर यह संख्या दर्शाती है कि मिसरे और अन्य क्षेत्रों से लौटे लोगों के साथ नगर की सामाजिक-धार्मिक संरचना कैसे पुनर्जीवित हो रही थी।
प्राथमिक संदर्भ और मूल संदेश
नहेम्याह 7 अध्याय, 11–73 आयतों में पार्थ-फिर से जनगणना और शहर-रक्षकों, लिपिकारों, और नगर-निगमन से जुड़े लोगों की सूची दी गई है ताकि पता चले कि कब तक कौन सदस्य लौट कर आया और नगर की प्रशासनिक-धार्मिक आवश्यकताओं को कैसे पूरा किया गया। 42वीं आयत में “हारीम की सन्तान एक हजार सत्रह” जैसी प्रविष्टियाँ बताती हैं कि नगर के भीतर विभिन्न समूहों के लोग एक संगठित समुदाय के रूप में स्थायित्व के संकेत दे रहे थे। यह संख्या सीधे-सीधे निजी परिवारों से जुड़ी है, पर इसका सामाजिक-धार्मिक तात्पर्य भी है कि समुदाय एक साथ मिलकर प्रभु-उपासना और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
मुख्य विचार और themes
पवित्रशास्त्र से सम्बद्ध cross-references
1) नहेम्याह 7:1—यह भी नगर की सुरक्षा-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के पुनःस्थापन का भाग है; यह दिखाता है कि किस प्रकार लौटे हुए लोग क्रमशः संगठन के हिस्से बनते हैं।
2) नहेम्याह 11:21—विभिन्न समूहों के नागरिकों के आवास-आवासीय व्यवस्था की दृष्टि से समाकलन का महत्व स्पष्ट है।
3) ऐस्र 1:11—यही विचार कि गिरोहबद्ध लौटे हुए लोगों की संख्या और उनकी स्थिति, सामाजिक-धर्मिक पुनःस्थापन में भूमिका निभाती है।
ग्रंथ-संदेश का सार और देह-आत्मा
यह आयत छोटे-छोटे समूहों की सामाजिक संरचना का संकेत देती है—हर परिवार, हर समूह की भागीदारी से नगर की सुरक्षा, री-स्थापना और परिशुद्ध उपासना सम्भव होती है। नहेम्याह के उद्गाटन में यह दिखाया गया है कि कैसे एक बड़े लक्ष्य के लिए समुदाय एकजुट होता है—यही विश्वास और प्रतिबद्धता का वास्तविक परीक्षण है।
व्यावहारिक देवotional संकेत
हमारी अपनी जीवन-यात्रा में भी बहु-परिवार, बहु-संस्कृति बनकर एक साथ रहते हैं। नहेम्याह 7:42 की तरह, अपने-अपने स्थानों से लौट कर अपने परिवार, अपने विश्वास, और अपने समुदाय के लिए जिम्मेदार होना हमारी पहली ज़िम्मेदारी है। परमेश्वर के सामने एकजुट होकर हमारी सेवाकार्य और प्रार्थना-आक्रमण मजबूत होते हैं।