Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीनहेम्याह 2:1 बाइबल पद की व्याख्या
नहेम्याह 2:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अर्तक्षत्र राजा के बीसवें वर्ष के नीसान नामक महीने में, जब उसके सामने दाखमधु था, तब मैंने दाखमधु उठाकर राजा को दिया। इससे पहले मैं उसके सामने कभी उदास न हुआ था।
नहेम्याह 2:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
नहेम्याह 2:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 7:1 (HINIRV) »
इन बातों के बाद अर्थात् फारस के राजा अर्तक्षत्र के दिनों में, एज्रा बाबेल से यरूशलेम को गया। वह सरायाह का पुत्र था। सरायाह अजर्याह का पुत्र था, अजर्याह हिल्किय्याह का,

नहेम्याह 1:11 (HINIRV) »
हे प्रभु विनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सफल कर, और उस पुरुष को उस पर दयालु कर।” मैं तो राजा का पियाऊ था।

नहेम्याह 1:1 (HINIRV) »
हकल्याह के पुत्र नहेम्याह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलेव नामक महीने में, जब मैं शूशन नामक राजगढ़ में रहता था,
नहेम्याह 2:1 का संदर्भ और उसका प्रभाव
पंक्ति-योजना: यह पद नहेम्याह के साथ उस समय के राजकुमार के महत्त्वपूर्ण अवसर की चिट्ठी खोल देता है। अर्तक्षत्र राजा के बीसवें वर्ष के नीसान नामक महीने में, जहाँ दाखमधु राजा के सामने था, नहेम्याह ने राजा को दाखमधु दे दिया। यह वही अवसर है जब वह पहले कभी उदास नहीं दिखा था, पर अब उसका चेहरा उदास हो गया था और राजा ने उसे इस परिवर्तन के कारण गौर किया।
तत्व-निर्देशन: परमेश्वर और विश्वास से क्या संकेत मिलते हैं
यह पाठ सीधे दिखाता है कि परमेश्वर की योजना में जोखिम और अवसर साथ आते हैं। नहेम्याह का उदास चेहरा सामान्य दिखने वाला दृश्य बन जाता है, पर राजकुमार के सामने उसका भाव-उन्मुख होना यह संकेत देता है कि वह अपने नगर की दुर्दशा और इस्राइल के संकट के बारे में गहराई से सोच रहा था। यह भी दिखाता है कि विश्वास भय या दबाव के समय कैसे व्यक्त होता है—सत्यापित विश्वास की गर्मी और परमेश्वर के लिए सामर्थ्य माँगना।
महत्त्वपूर्ण शब्दों/छवियों की स्पष्टता
संबंधित उद्धरणीय विचार (Cross-references)
यहां कुछ संबंधित पंक्तियाँ हैं जो नहेम्याह 2:1 के संदर्भ को और गहराई से जोड़ती हैं, बिना पूर्ण पाठ उद्धृत किए:
आध्यात्मिक पाठ की व्याख्या: विश्वास और निर्भयता
नहेम्याह की स्थिति से प्रेरणा मिलती है कि कठिन समय में भी ईश्वर पर निर्भर रहने वाले लोग डर का सामना करते हैं, पर उसे जीतने के लिए प्रार्थना, रणनीति और धैर्य आवश्यक होता है। राजा के सामने उदास चेहरा उभरना एक संकेत है कि वह अपने प्रयासों के प्रति ईमानदार है और नगर की स्थिति को लेकर स्पष्ट निर्णय ले सकता है।
बोध-प्राप्ति: आज की प्रासंगिक शिक्षा
आज भी किसी भी समुदाय की स्थिरता के लिए नेताओं को स्पष्ट, नम्र और सत्यापित संकल्प दिखाने की आवश्यकता है। कठिन समय में अपनी आस्था को भीतर तक झकझोरे बिना, एहसानमंद तैयारी से सामने आना चाहिए—ताकि मार्गदर्शक ईश्वरीय सहायता मिल सके। साथ ही, अपने समुदाय के दर्द को δημόिक रूप से न छुपाने की जरूरत है ताकि उपयुक्त सुधार संभव हो सके।
नोट्स: लेखक-प्रत्यक्ष उद्धरण
इस पाठ के सीधे उद्धरण Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से क्रमशः प्रकाशित टिप्पणी में नहीं मिलते, क्योंकि यह प्रस्तुति एक नया, हिंदी-हिंदुईकरणी पाठ प्रस्तुत कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उनके संकेतों के अनुरोध के अनुसार छोटे-छोटे, सटीक लाइन-उद्धरण नीचे दिये जा सकते हैं, परंतु किसी भी पूर्ण वाक्य का पाठ नहीं किया गया है।