Old Testament
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नहेम्याह 2:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब राजा ने जिसके पास रानी* भी बैठी थी, मुझसे पूछा, “तू कितने दिन तक यात्रा में रहेगा? और कब लौटेगा?” अतः राजा मुझे भेजने को प्रसन्न हुआ; और मैंने उसके लिये एक समय नियुक्त किया।
नहेम्याह 2:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहेम्याह 2:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नहेम्याह 13:6 (HINIRV) »
परन्तु मैं इस समय यरूशलेम में नहीं था, क्योंकि बाबेल के राजा अर्तक्षत्र के बत्तीसवें वर्ष में मैं राजा के पास चला गया। फिर कितने दिनों के बाद राजा से छुट्टी माँगी,

नहेम्याह 5:14 (HINIRV) »
फिर जब से मैं यहूदा देश में उनका अधिपति ठहराया गया, अर्थात् राजा अर्तक्षत्र के बीसवें वर्ष से ले उसके बत्तीसवें वर्ष तक, अर्थात् बारह वर्ष तक मैं और मेरे भाइयों ने अधिपतियों के हक़ का भोजन* नहीं खाया।

नहेम्याह 2:4 (HINIRV) »
राजा ने मुझसे पूछा, “फिर तू क्या माँगता है?” तब मैंने स्वर्ग के परमेश्वर से प्रार्थना करके, राजा से कहा;
नीहेम्याह 2:6 पर टिप्पणी (HINIRV)
वर्षा–भर की पथ-चलों के बीच यह वाक्य राजा और रानी के सम्मुख नेहेम्याह के संदेश को पक्का कर देता है कि वह अपने उद्देश्यों के अनुसार भेजे जाने के लिए प्रशासनिक अनुमति प्राप्त कर चुका है। संदर्भ-समझ के लिए नेहेम्याह 2 अध्याय में नेहेम्याह ने यरूशलेम के क्षत-विक्षत नगर को पुनर्निर्माण के लिए योजना प्रस्तुत की और ईश्वर की प्रेरणा से मार्गदर्शन प्राप्त किया। अब वह यह संकेत देता है कि राजा ने उसे सुरक्षित रूप से जाने और लौटने के लिए समय दिया है, जिससे आगे की कुंजी योजनाओं के लिए असमंजस्य नहीं रहता।
केन्द्रीय अर्थ
इस वाक्य में प्रमुख बात यह है कि परमेश्वर की योजना में अवसर उसके विश्वासपात्र सेवकों के लिए मानवीय प्राधिकार के भीतर भी खुलते हैं। नेहेम्याह के लिए राजा की अनुमति एक सांसारिक कदम है, पर यह ईश्वरीय योजनाओं के अनुरूप यात्रा-कार्य को आगे बढ़ाने का संकेत है। वह समझता है कि परमेश्वर ने उसे योजनाबद्ध समय पर भेजने की अनुमति दी है, और वह उसी समयानुसार कदम उठाने के लिए तैयार है।
मुख्य विषय
संबद्ध अंश
1)नीहेम्याह 2:7–8 — नेहेम्याह राजा से अनुरोध के साथ-साथ साहसपूर्वक यात्रा और सहायता के लिए धन और लेखन-पत्र की व्यवस्था भी प्राप्त करता है। यह दिखाता है कि सपने केवल व्यक्तिगत नहीं होते; वे समुदाय और प्रतिष्ठान के सहयोग से पूर्ण होते हैं।
2)नीहेम्याह 2:9 — यात्रा के लिए अनुमति मिलते ही नेहेम्याह को सुरक्षा-प्रबंध और ईश्वर की मदद के साथ आगे बढ़ना दिखता है, जो उद्धारक योजना की सुरक्षा-चक्र को दर्शाता है।
3)एतिहासिक संदर्भ — बाईबल के अन्य पात्रों के समय-निर्णय और राजा-प्रशासन के साथ विश्वास-योग्य संबंध, जैसे दानिएल के समतुल्य समय-निर्णय, हमें यह सिखाते हैं कि परमेश्वर के काम के लिए समय का चयन मानवीय निर्णय के साथ मेल खाता है।
व्यावहारिक विचार
ईमानदारी से योजना बनाएं और अवसर मिलते ही कदम उठाएं, पर हर कदम ईश्वर के मार्गदर्शन की दावत के साथ हो। नेहेम्याह ने जिस स्पष्ट समय-सीमा की मांग की, वह बताती है कि हम अपने उद्देश्यों के लिए विवेक और नीति से काम लें, ताकि अवसर कभी-कभी बनने पर भी जोखिम में न पड़े।
संक्षेप
यह वाक्य दर्शाता है कि परमेश्वर की बड़ी योजना में मानव-प्राधिकार भी एक उपकरण के रूप में काम करते हैं। नेहेम्याह की तैयारी और राजा की प्रसन्नता से स्पष्ट होता है कि यात्रा-कार्य के लिए समय-निर्धारण और सहयोग दोनों आवश्यक हैं; ईश्वर की दिशा में आगे बढ़नाconfidence और अनुशासन के साथ संभव हो सकता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित)
नोट: नीचे के उद्धरण केवल ओरिजिनल टिप्पणीकारों के पुराने पाठ से मिलते हैं; यदि लिए गए हों, तो संक्षेप उद्धरण दिए जाएंगे:
“तीरथ–यात्रा के लिए समय तय होना चाहिए” (Henry/Clarke, संदर्भ-सीमा में प्रस्तुत चरणों के अनुरूप)
क्रॉस-रेफरेंस:
कृपया ध्यान दें: नीचे उद्धृत एकाधिक विशुद्ध उद्धरण केवल इतिहासिक पाठ से संकलित हो सकते हैं; पूर्ण पंक्तियाँ यहाँ नहीं दी जा रही हैं।