Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीनहेम्याह 2:17 बाइबल पद की व्याख्या
नहेम्याह 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब मैंने उनसे कहा, “तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएँ, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।”
नहेम्याह 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
नहेम्याह 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहेजकेल 5:14 (HINIRV) »
मैं तुझे तेरे चारों ओर की जातियों के बीच, सब आने-जानेवालों के देखते हुए उजाड़ूँगा, और तेरी नामधराई कराऊँगा।

नहेम्याह 1:3 (HINIRV) »
उन्होंने मुझसे कहा, “जो बचे हुए लोग बँधुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई*, और उसके फाटक जले हुए हैं।”

भजन संहिता 79:4 (HINIRV) »
पड़ोसियों के बीच हमारी नामधराई हुई; चारों ओर के रहनेवाले हम पर हँसते, और ठट्ठा करते हैं।
नहेम्याह 2:17 का स्पष्ट अर्थ
इस पद में नहेम्याह कहता है कि वे यरूशलेम की दुर्दशा और शहर के सुरक्षित बंद बंधन के अभाव को पहचाने जाते हैं, और फिर एक नयी योजना—यरूशलेम के फाटक और दीवारों को पुनः खड़ा करने की महत्ता को उजागर करते हैं। यह आह्वान है एक समुदायिक पुनर्निर्माण का, जहां आंतरिक एकता और धार्मिक कारण दोनों प्रेरक हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नहेम्याह यहूदियों के प्रवास के बाद मदीyat के राजा के समय यहूदियों की दुर्दशा देखकर आया था। यरूशलेम के शहर के फाटक जले पड़े थे और शहर सुरक्षित नहीं था; इसे फिर से बनाकर समुदाय की प्रतिष्ठा और देवत्व के साथ अपनत्व की गवाही देनी थी। यह स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर के सामने स्थितियाँ बदली जा सकती हैं जब उनका लोग संयुक्त होकर कदम उठाते हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
कथन के भीतर से निशान छोड़ती बातें
- नहेम्याह का बयान एक दृष्टिकोण देता है कि पुनर्निर्माण के लिए ठोस निर्णय और टीमवर्क जरूरी है।
- यह दिखाता है कि व्यक्तिगत आस्था सामुदायिक उन्नति के लिए क्रियात्मक योजना के साथ जुड़ती है।
सम्बद्ध पाठ और उनके संक्षिप्त प्रभाव
गहरा संबंध: प्रेरित होकर एक आस्था-कार्य-योजना, जैसे कि दाऊद की प्रतिज्ञाओं का पुनर्मूल्यांकन; राजा की देयताओं के साथ समुदायिक सहभागिता; और नये कानूनों की स्थापना जो भरोसे और सुरक्षा पैदा करें।
व्याख्या संदर्भ: यह दीवारों की पुनर्निर्माण परियोजना के माध्यम से यह दिखाता है कि समाज की प्रतिष्ठा कब और कैसे लौट सकती है, जब लोग एक साथ मिलकर अपने नुकसान से उबरने का हिम्मत दिखाते हैं।
छोटी थीम-सूची
क्रॉस रेफरेंसेज़ (संक्षेप में)
1) यशायाह/यिर्मयाह जैसे भविष्यवाणी-उद्धरण: दया और पुनर्निर्माण की आशा से प्रेरणा।
2) दबाव में भी विश्वासयोग्य नेतृत्व का मॉडल: एक समूह के भीतर योजनाओं को स्वीकृति और सहभागिता मिलती है।
3) नीतिगत और धार्मिक पुनर्स्थापना के मिलेजुले संदेश: समुदायिक धर्म-आचरण और सुरक्षित व्यवस्था के साथ संलग्नता।
व्यावहारिक निष्कर्ष
जब हम आत्म-चिन्ता और समाज-चिन्ता में संतुलन बनाते हैं, तो टूटे हुए हिस्सों को जोड़ना संभव होता है। हर व्यक्ति की भागीदारी से एक नया इतिहास बनता है—जो न केवल दीवारों की रचना है, बल्कि पूरे समुदाय के विश्वास की पुनःस्थापना है।