Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36
सीधे अर्थ का संक्षिप्त निष्कर्ष
गिनती 19:1 में यहोवा मूसा और हारून से बोले कि चीतों के लिए एक शुद्ध आहुति और पवित्र मट्टी से संतुलित कड़ाई के साथ एक पवित्र शव-चिंतन हो। यह कानून-नियम का भाग है जो निर्दोष होने के लिए शुद्धता की विधा और विधिक पूजा-प्रक्रिया को स्थापित करता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह भाग_numbers में शुद्धता के संस्कारों के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में आता है। अशुद्ध शरीरों के स्पर्श से दूरी बनाए रखना और पवित्रता की मांग करना इस समय के इस्राएल लोगों के दैनिक धार्मिक जीवन का केंद्रीय पहलू था। यह निर्देश सीधे यहूदियों के सामुदायिक नैतिक-धार्मिक जीवन को दिशा देता है, ताकि वे पवित्र परमेश्वर के सामने निर्बल-निशुद्धता के शिकार न हों।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
प्रमुख विचारों का संक्षेप
अनुशंसी cross-references
1) उत्पत्ति 17:1 — परमेश्वर के साथ सीधा संबंध और पवित्रता की आवाज़। यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों से कैसी सरल और स्पष्ट आस्थागत मांग रखता है।
2) लैव्यवस्था 11:44 — पवित्र रहने के लिए यहूदी समुदाय के लिए नैतिक जिम्मेदारी की व्यापकता दर्शाता है।
3) पवित्रता के समय के नियमों पर ईसाई अनुभव: 1 कुरिन्थियों 6:19–20 के सन्दर्भ में शुद्धता के विचारों का अधिकारिक अनुप्रयोग देखने को मिलता है।
कथनात्मक निष्कर्ष
गिनती 19:1-2 के माध्यम से यहोवा ने एक व्यवस्थित और पवित्र समाज की रूपरेखा दी। पवित्रता केवल बाहरी क्रिया नहीं, आत्मिक निष्ठा और परमेश्वर के नियमों के साथ भरोसे का जीवन है। इस संदेश को समझकर हम अपने दैनिक व्यवहार में सत्य और पवित्रता के मानक बनाए रखेंगे।