Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
फिलेमोन 1Verse
फिलेमोन 1:1 फिलेमोन 1:2 फिलेमोन 1:3 फिलेमोन 1:4 फिलेमोन 1:5 फिलेमोन 1:6 फिलेमोन 1:7 फिलेमोन 1:8 फिलेमोन 1:9 फिलेमोन 1:10 फिलेमोन 1:11 फिलेमोन 1:12 फिलेमोन 1:13 फिलेमोन 1:14 फिलेमोन 1:15 फिलेमोन 1:16 फिलेमोन 1:17 फिलेमोन 1:18 फिलेमोन 1:19 फिलेमोन 1:20 फिलेमोन 1:21 फिलेमोन 1:22 फिलेमोन 1:23 फिलेमोन 1:24 फिलेमोन 1:25
फिलेमोन 1:13 का सरल मतलब
य verse का सन्देश है कि प्रेरित पौलुस चाहता था कि यूनीस नामक कैदी के बदले वह अपने हाथों से उसे मुक्त कर दे, ताकि वह उसी कैद में हो कर कलीसिया के लिए सुसमाचार के कारण अपनी सेवा दे सके। सरल भाव यह है कि मैं तुम्हारे लिए वह कठिनाई उठाने को तैयार था ताकि सुसमाचार की रुचि तुम्हारे बीच रहे और तुम प्रेरित हो कर आगे बढ़ो।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
फिलेमोन पत्र जोकि पौलुस द्वारा लिखा गया एक व्यक्तिगत पत्र है, वह आश्वासन और भाईचारे की गहरी भावना प्रस्तुत करता है। फिलेमोनियुस का मुख्या विषय है— दास ओनेसिमस की वापसी और परमेश्वर की प्रेरणा से भाइयों के बीच मेलजोल बनाए रखना। यहाँ पौलुस एक व्यक्तिगत अनुरोध कर रहा है ताकि उसे अपने साथी दास के रूप में रखने की अनुमति मिले ताकि वह कैद के दौरान भी सुसमाचार की सेवा करे।
मुख्य interpretive observations
संक्षिप्त थीमैटिक लिस्ट
अन्य संबद्ध आयतन
1) प्रेरितों के काम— कैद के समय मित्रता और सहायता के उदाहरण दिखाते हैं कि गरिमा और प्रेम कैसे प्रदर्शनित होते हैं।
1 पतरस 2:16 के विचार से: स्वतंत्रता भीतर की आस्था से जानी जाती है, न कि बाह्य स्थिति से।
गलातियों 5:13 के संदर्भ से: स्वतंत्रता के साथ सेवा करें—परंतु एक दूसरे के प्रेम के साथ।
व्यावहारिक takeaway
हम भी अपने कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर के उद्देश्य के प्रति समर्पित रहें। जब भी अवसर मिले, अपने प्रयासों को सुसमाचार की सेवा के लिए नियत करें—यही आत्म-समर्पण है जो प्रभु के सामर्थ्य को प्रकट करता है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (पश्चात-पाठ के लिए) यदि उपलब्ध हो, तो नीचे दिये गए बुद्धिजीवी टिप्पणियाँ आपके लिए उद्धृत हैं:
मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क के धार्मिक टिप्पणीकारों के प्रसंगों से समनिष्ठ अवलोकन: उनकी रचना में प्रायः समान विचार मिलते हैं कि कैद के समय भी ईश्वर के संदेश की सेवा सबसे बड़ी सेवा है और प्रेम की पराकाष्ठा दिखती है।
टिप्पणी: यदि किसी टिप्पणीकार के मूल वाक्यों का सटीक पाठ उद्धृत किया गया हो, उसे यहाँ संक्षेप में उल्लेख किया गया है।