1 इतिहास 1:24 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

शेम, अर्पक्षद, शेलह,

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1 इतिहास 1:24 पद-दर-पद बाइबल टीका

पठन-संदर्भ: 1 इतिहास 1:24 (HINIRV)

यह परिच्छेद परम historiques के आरम्भिक शृंखला का भाग है, जहाँ मानव-परिवार की पंक्तियाँ और पूर्वजों के नाम क्रमबद्ध रूप से दिए जाते हैं। यहाँ तीनों पिताओं के बेटों के नाम-एक साथ संकलित रहते हैं, ताकि यह दिखे कि परमेश्वर की योजना कितनी विस्तृत और सूक्ष्म है—हर नाम एक पेड़ के पत्ते के समान जो कुल मिलाकर प्रभु की विधान-सूची बनाते हैं।

देह-प्रकाश और परमेश्वर की योजना

इस समयावधि में जो प्रमुख संदेश उभरता है, वह यह कि परमेश्वर अपने लोगों की पहचान, उनके वंश और इतिहास को महत्व देता है। “शेम, अर्पक्षद, शेलह” जैसे नामों के उल्लेख से यह संकेत मिलता है कि पूर्वजों की स्मृति जीवित रहती है और सभ्यता के हर चरण में ईश्वर की योजना गतिशील है। यह स्पष्ट करता है कि विश्वास का यह इतिहास केवल जाति-परंपरा नहीं, बल्कि यह परमेश्वर के वायदे और उनकी सत्यता के अनुरोधों का एक अभिलेख है।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता

  • — एक प्रमुख पूर्वज-नाम और आदिम परिवार की पहचान; यह पैतृक लाइन के संकुल को दर्शाता है।
  • अर्पक्षद— एक रेखांकित नाम जो कहता है कि वंशावली किस प्रकार आगे बढ़ती है, और कैसे प्रत्येक पीढ़ी इतिहास की क्रमबद्धता में जुड़ती है।
  • शेलह— यह भी एक पंक्ति का हिस्सा है जो नए दायरे की शुरुआत को दर्शाता है; यह बताता है कि पुराने वंश के साथ नया क्रम जुड़ता है।

अन्य संबंधित आयतन (Cross-references)

1) उत्पत्ति 10–11 अध्याय: मानव-वंश की विभाजन और राष्ट्रों के गठन का चेतन इतिहास, जहाँ नामों के क्रम से प्रभु की योजना प्रकट होती है। यह समझाता है कि वंशावली कैसे विश्व-दृष्टि बनाती है।

2) दानिय्येल 7:14: प्राचीन नामों के पीछे आशा की दृष्टि—कथन कि परमेश्वर का राज्य अनंत अधिकार के साथ बढ़ता है।

3) रोम 15:12: जेरूसलम के बाहर भी नये समुदायों में विश्वास फैलना—वंश-संस्कार से परमेश्वर के पुत्रों की एकता की परमांगिता।

पवित्रता और विश्वास पर आज की उपयोगिता

आज के पाठ से सीखने योग्य है क्रम और वंशावली का सम्मान, क्योंकि हर कदम में प्रभु की योजना रहती है। अपने परिवार और समुदाय के इतिहास को समझना विश्वसनीयता बनाता है—हम जानते हैं कि हमारा वर्तमान एक दायित्व है जिसे ईश्वर के वचनों और वायदे से जोड़ना है। विश्वास केवल अतीत के आधार पर नहीं चलता, बल्कि भविष्य की आशा बनता है जब हम परिवार-वंश को परमेश्वर کے पथ पर चलाने में एक साहचर्य बनाते हैं।

संक्षिप्त सार

1 इतिहास 1:24 एक परिचय है—पूर्वजों के नामों के क्रम से यह दिखाता है कि कैसे परमेश्वर इतिहास के हर अक्षर को अपने उद्देश्य के अनुरूप जोड़ता है। यह पाठ हमें स्मरण, आस्था और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करता है।

मुख्य उद्धरण (स्रोत-विशिष्ट): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकलित विचारों से संक्षिप्त मिसालें यदि उपलब्ध हों, तो वे इस पन्ने में प्राकृतिक रूप से समाहित हैं ताकि पाठक को गहरा बोध हो सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 1:24 समानांतर पद और संबंधित वचन

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शेम की वंशावली यह है। जल-प्रलय के दो वर्ष पश्चात् जब शेम एक सौ वर्ष का हुआ, तब उसने अर्पक्षद को जन्म दिया।

लूका 3:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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और वह याकूब का, और वह इसहाक का, और वह अब्राहम का, और वह तेरह का, और वह नाहोर का, (उत्प. 21:3, उत्प. 25:26, 1 इति. 1:28,34)

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