1 इतिहास 29:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर राजा दाऊद ने सारी सभा से कहा, “मेरा पुत्र सुलैमान सुकुमार लड़का है, और केवल उसी को परमेश्‍वर ने चुना है; काम तो भारी है, क्योंकि यह भवन मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा परमेश्‍वर के लिये बनेगा।

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1 इतिहास 29:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

1 इतिहास 29:1 में दाऊद का घोषणा—"मेरा पुत्र सुलैमान सुकुमार लड़का है, और केवल उसी को परमेश्वर ने चुना है; काम तो भारी है"—यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के लिये भवन निर्माण का काम दिव्य चुनाव और आस्तिक जिम्मेदारी का संगम है। दाऊद अपने उत्तरदायित्व को उद्धृत करते हुए सुलैमान की नियुक्ति की पुष्टि करते हैं, ताकि आगे की सभा निर्देशनित रूप से एक ठोस योजना बनाकर चलें। यह वाक्य यह दर्शाता है कि परमेश्वर के महान कार्य के लिए न सिर्फ उत्साह चाहिए बल्कि योग्य और चुने हुए व्यक्ति की आवश्यकता है, और यह चयन ईश्वर की योजना की सीमा-रेखा बनाता है।

साहित्यिक संदर्भ

यह पाठ 1 इतिहास के बहुविकल्पी इतिहास-गोष्ठी में दाऊद के अंतिम चरणों का भाग है, जहाँ वह अपने उत्तराधिकार के साथ-साथ मंदिर-योजना की नींव रखते हैं। अपने समय की राजनीतिक-धार्मिक प्रक्रिया में, दाऊद सभा को यह याद दिलाते हैं कि यह भवन निर्माण परमेश्वर के लिये है, न मानव के लिये। यह उद्घोषणा बाद में सुलैमान के नेतृत्व में मंदिर निर्माण के जोखिम-योग्य, अत्यावश्यक और देव-निर्दिष्ट निर्देशन को प्रेरित करती है।

तीसरी-चर्चा: थियोलॉजिकल महत्व

  • युद्धोत्तर शांति और पूजा-स्थल: मंदिर निर्माण का उद्देश्य केवल आश्रय नहीं, बल्कि परमेश्वर के सामने भी एक पवित्र स्थान बनना है जहाँ ישראל की चौकसी व आराधना और विधान की स्थिरता जुड़ी रहती है।
  • चयन और दायित्व: सुलैमान का चयन यह संकेत है कि परमेश्वर सम्बद्ध दायित्वों को सक्षम और विश्वसनीय नेतृत्व के मार्फत ही पूरा कराता है।
  • निष्ठा और विनम्रता: दाऊद की यह प्रसिद्ध उद्गार सभा के सामने स्पष्ट करता है कि वे अपने पुत्र की क्षमता एवं परमेश्वर की योजना के प्रति आस्था से चलते हैं, न मनुष्य की महिमा से प्रेरित होकर।

बाइबिल क्रॉस-रेफरेंस और उनके सार्थक संदर्भ

- निर्भरता के साथ मंदिर-निर्माण पर विचार: पूर्वी आश्रयस्थल से लेकर मंदिर तक का ढांचा यह दिखाता है कि परमेश्वर के लिये भवन बनाते समय मानवीय कर्तव्य और आस्था एक साथ चलती है।

- चयन और नेतृत्व: परमेश्वर की योजना में चयन एक महत्वपूर्ण तत्व है; यह पाठ दिखाता है कि किस प्रकार राजा दाऊद अपने उत्तराधिकारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत भी स्थापित कर जाते हैं।

- आराधना-स्थल की पवित्रता: मंदिर निर्माण का उद्देश्य परमेश्वर की महिमा और लोक-आराधना के केंद्र का निर्माण है।

विचारोन्मुख प्रश्न

1) क्यों दाऊद ने स्पष्ट किया कि भवन भगवान के लिये है, न मानव के लिये? 2) सुलैमान के चयन से दाऊद ने किस प्रकार पिता-सभा को एकता और दिशा दी? 3) आपके जीवन में वार्तालाप और योजना के समय, परमेश्वर के उद्देश्य को प्राथमिकता कैसे दी जाती है?

निष्कर्ष

यह पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर के महान कार्य – मंदिर जैसे पवित्र धरोहर – केवल उत्साह से नहीं, बल्कि चुने हुए नेतृत्व और पूर्ण समर्पण से संभव होते हैं। दाऊद की यह पुष्टि कि यह काम परमेश्वर के लिये है, हमें प्रेरित करती है कि हम भी अपने कार्यों को परमेश्वर की महिमा के लिये समर्पित करें और विश्वास रखें कि वह अपनी योजना में सत्यनिष्ठ और योग्य नेतृत्व प्रदान करते हैं।

हिंस्मिक टिप्पणियाँ

इस टिप्पणी में हमने Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संकलन से मिली सूक्ष्म ध्वनि को एकीकृत किया है। ये विद्वान पारंपरिक दृष्टिकोणों को संक्षेप में प्रस्तुत करते हैं कि मंदिर-निर्माण का कार्य ईश्वर की योजना के साथ जुड़ा है, चयन और जिम्मेदारी का महत्व है, और आराधना-स्थल की पवित्रता का उद्देश्य चरितार्थ होता है।

उद्धरण चिन्हित आवश्यक उद्धरण:

“Eternal purposes require human agents prepared for service.” (Matthew Henry के संदर्भ से सामान्य सार) • "The selecting of Solomon shows the necessity of a capable instrument under divine appointment." (Albert Barnes संदर्भ से संक्षेप) • "It was not a light work, but the business of the temple, for the LORD." (Adam Clarke संदर्भ से संक्षेप)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 29:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 इतिहास 22:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 22:5 (HINIRV) »
और दाऊद ने कहा, “मेरा पुत्र सुलैमान सुकुमार और लड़का है, और जो भवन यहोवा के लिये बनाना है, उसे अत्यन्त तेजोमय और सब देशों में प्रसिद्ध और शोभायमान होना चाहिये; इसलिए मैं उसके लिये तैयारी करूँगा।” अतः: दाऊद ने मरने से पहले बहुत तैयारी की।

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1 राजाओं 3:7 (HINIRV) »
और अब हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! तूने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना-जाना नहीं जानता।

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2 इतिहास 13:7 (HINIRV) »
उसके पास हलके और ओछे मनुष्य इकट्ठा हो गए हैं और जब सुलैमान का पुत्र रहबाम लड़का और अल्हड़ मन का था और उनका सामना न कर सकता था, तब वे उसके विरुद्ध सामर्थी हो गए।

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