1 इतिहास 29:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे हमारे परमेश्‍वर यहोवा! वह जो बड़ा संचय हमने तेरे पवित्र नाम का एक भवन बनाने के लिये किया है, वह तेरे ही हाथ से हमें मिला था, और सब तेरा ही है।

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1 इतिहास 29:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

Immediate setting of 1 इतिहास 29:16

यह पद राजा दाऊद के धन्यवाद और समर्पण का क्षण दिखाता है। गद्य-इतिहास में दाऊद सभा-सम्मेलन के बाद राष्ट्र-यज्ञ और मंदिर-निर्माण के लिए दान इकठ्ठा करने की प्रक्रिया कर रहा है। इस verse में दाऊदप्रेमी नम्रता से स्वीकार করেন कि जो कुछ भी सिंहावलोकन-उद्धार और नियन्त्रण उन्होंने किया है, वह परमेश्वर के हाथों में है—सब कुछ उसी का है।

पवित्रता और ईश्वर के स्वामित्व का पाठ

यह वाक्य ईश्वर के महानता और राज्य-स्वामित्व को उद्घोषित करता है: हमने जो कुछ भी किया, वह तेरे हाथ से मिला है, और सब तेरा ही है। यह आत्म-निरीक्षण और दिव्य प्रभुत्व की अनुभूति है—धन-संचय, भवन-निर्माण, और मनुहार-यज्ञ सब कुछ परमेश्वर की देन है। यह विश्वास-आधार का कथन है कि सफलता और संपदा बगैर परमेश्वर की कृपा के नहीं है।

शब्दों के अर्थ और छायाजनक चित्र

  • बहुत बड़ा संचय: दाऊद का स्मरण है कि राष्ट्र के लिए एक महत्त्वपूर्ण भवन का निर्माण संभव हुआ—यह एक दायित्व और परमेश्वर के आह्वान का परिणाम है।
  • तेरे पवित्र नाम का भवन: मंदिर-निर्माण से जुड़ी पवित्रता और का उद्देश्य स्पष्ट है—यहोवा के नाम की महिमा के लिए एक पवित्र स्थान।
  • सब तेरा ही है: समस्त वस्तुओं, शक्तियों, और उपलब्धियों की सुप्त सत्ता ईश्वर के हाथों में है—विश्वास-व्यक्ति का संकल्प है कि हमारा सब कुछ उसका है।

अन्य संबंधी ग्रंथ (Cross-references)

इन संदर्भों से पाठ की समझ गहरी होती है:

  • 2 इतिहास 1:6 — दाऊद के मंदिर-परिश्रम और क्षेत्र-प्रयोग का महत्व: परमेश्वर के साथ गहरा संवाद और भक्ति-आवाज़।
  • 1 क्रॉनिकल 29:14 — “हमारी धन-सम्पदा तुम्हारे सामने क्या कम है?” का संयोजक संदेश कि सभी विविध दान परमेश्वर की कृपा का परिणाम हैं।
  • जबल के हिब्रू क्रितियाँ: ईश्वर के स्वामित्व की स्मृति से समर्पण और आंतरिक विनम्रता मजबूत होती है।

इन से स्पष्ट होता है कि दाऊद का स्तवन एक सामुदायिक चरवाहे से उठकर एक परम-धर्मिक स्मरण-भाव बन गया—ईश्वर की दी हुई सभी चीज़ों की जिम्मेदारी और योग्यतायें उसी के नाम से समर्पित हैं।

अर्थवचन और पड़ताल (Commentary synthesis)

हे परमेश्वर, जो महिमा से पूर्ण है, हमारी सभी प्रार्थनाओं का स्रोत वही है। दाऊद यह नहीं कहता कि हमने सब कुछ किया; बल्कि वह स्वीकार करता है कि यह सब तेरे हाथ से प्राप्त हुआ और सब कुछ तेरा है। यह निवेदन नीचे दिए गए पुराने टिप्पणीकारों की धारणा से मेल खाता है:

Matthew Henry: “God’s gifts are sovereign; our duties are to use them for His glory.”

Albert Barnes: “All that we possess is a loan from God; we must use it in His service, recognizing His ownership.”

Adam Clarke: “The temple-building and the wealth that supported it were given by God’s blessing, and the king acknowledges Him as the proprietor of all.”

इन सहज निष्कर्षों में एक ही ध्वनि है: विश्वास और विनम्रता, जो यह मानते हैं कि सफलता का स्रोत परमेश्वर है और उसका सार यही है कि हमें अपने संसाधनों को उसके उद्देश्य के लिए समर्पित करना चाहिए।

आज के लिए अनुप्रयोग

  • अपने जीवन-उपहारों और संसाधनों को ईश्वर के अधिकार के रूप में स्वीकारें—जो कुछ है वह उसकी कृपा से है।
  • अपने लक्ष्यों और परियोजनाओं को मंदिर-निर्माण की तरह सर्वोच्च उद्देश्य के लिए प्रस्तुत करें: परम कल्याण और संस्थागत भलाई के लिए उपयोग करें।
  • खुशहाली में भी विनम्र रहें और प्रभु के नियंत्रण को मानते रहें; विश्वास की यह दृढ़ता कि सब कुछ ईश्वर के हाथ में है, जीवन के निर्णयों में स्थिरता देती है。

संक्षेप: दाऊद का यह कथन, एक सार्वजनिक प्रशंसा के बीच भी, ईश्वर के अधिकार की स्पष्ट स्वीकृति है। यह आज भी प्रेरणा देता है कि हम अपनी सफलता, धन, और मनोरथों को ईश्वर के नाम के लिए अर्पित करें और उनके स्वामित्व में डाल दें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 29:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 इतिहास 29:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 29:14 (HINIRV) »
“मैं क्या हूँ और मेरी प्रजा क्या है? कि हमको इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हमने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है।

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2 इतिहास 31:10 (HINIRV) »
अजर्याह महायाजक ने जो सादोक के घराने का था, उससे कहा, “जब से लोग यहोवा के भवन में उठाई हुई भेंटे लाने लगे हैं, तब से हम लोग पेट भर खाने को पाते हैं, वरन् बहुत बचा भी करता है; क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को आशीष दी है*, और जो शेष रह गया है, उसी का यह बड़ा ढेर है।”

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भजन संहिता 24:1 (HINIRV) »
दाऊद का भजन पृथ्वी और जो कुछ उसमें है यहोवा ही का है; जगत और उसमें निवास करनेवाले भी।

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