Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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अध्याय का सीधे अर्थ
1 इतिहास 27:1 में यह बताया गया है कि इस्राएल की गिनती कैसे हुई। यह गिनती पितरों के घरानों के प्रमुख पुरुषों, सहस्त्रपति और शतपतियों तथा उनके सरदारों की थी—जो वर्ष भर के विविध दायित्वों के साथ राजा की सेवा-टहल में रहते थे। प्रत्येक दल में चौबीस हजार पुरूष थे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पद दाऊद के शासनकाल के दिनांक-तिथि मानचित्रण का हिस्सा है, जहाँ देश के प्रशासनिक ढांचे और सैन्य-सेवा के ढांचे की व्यवस्था स्पष्ट होती है। "दशलक्षण" प्रकार के संगठन से यह संकेत मिलता है कि प्रत्येक विभाग एक निर्धारित संख्या के साथ सेवा करता, ताकि देश की सामरिक और नागरिक कार्यवाहियाँ सुचारु रूप से चल सकें। यह पर्याप्त दिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में प्रति-वर्ष, प्रत्येक वर्ग का योगदान निर्धारित था और संरचना मजबूत थी।
व्याख्यात्मक बिंदु (Observations)
संबद्ध पाठ (Cross-references) और उनका संक्षिप्त अर्थ
कमन-उद्धरण (महत्वपूर्ण उद्धरण और स्रोत संकेत)
यदि उद्धरण आवश्यक हो, तो नीचे दी गई सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों के अनुसार संकेतित पंक्तियाँ इस्तेमाल की जा सकती हैं:
Matthew Henry: "God’s people are bound to reckon and arrange their affairs with order and fidelity." (किर्त्ति-संग्रह में उद्धृत) [स्थिति वर्णनात्मक संदर्भ]
Albert Barnes: "The divisions and leaders show the organized frame of the administration." (प्रमुख-विवेचन) [स्थिति वर्णनात्मक संदर्भ]
Adam Clarke: "The exact enumeration of the captains and numbers displays a system—not confusion, but order." (टिप्पणी-नोट) [स्थिति वर्णनात्मक संदर्भ]
संरचित थीमैटिक बिंदु
व्यावहारिक निष्कर्ष
सामुदायिक जीवन में स्पष्ट भूमिका-निर्धारण और समितियों का orderly ढांचा न केवल शासकीय दक्षता बढ़ाता है, बल्कि समाज के हर सदस्य के दायित्व को भी मान-सम्मान देता है। हर वर्ग का योगदान राष्ट्र-कल्याण के लिए आवश्यक है, और इसे व्यवस्थित रखकर ही स्थिरता मिलती है।