1 इतिहास 2:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

छठा ओसेम और सातवाँ दाऊद उत्‍पन्‍न हुआ। (लूका 3:31-32)

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1 इतिहास 2:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

आइए 1 इतिहास 2:15 का संदर्भ और अर्थ समझें

इस पद में यह संकेत मिलता है कि दाऊद के वंशावली इतिहास में खास तौर पर छठे ओसेम और सातवें दाऊद का उल्लेख है। “छठा ओसेम” से आशय यह है कि ओसेमों की रेखा में छठे पुत्र या क्रम अनुसार किसी विशिष्ट ओसेम से दाऊद उत्पन्न होता है; यह पुराने नियम में वंशावली के क्रम को स्पष्ट करते हुए मसीह के विराट वंश के प्रमाण के रूप में है। परिणामस्वरूप यहां लेखन यह दिखाता है कि दाऊद के अतिरिक्त भी पितृणाम इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण लिंक मौजूद है, जो प्रभु ईसा के मनुष्यजात के दायरे को फैलाता है।

मध्य मार्ग का अर्थ

पद-शैली के अनुसार यह एक वंशावली-संकेत है—यानी यह नहीं कि दाऊद तुरंत जन्म लेते हैं, बल्कि यह बताता है कि दाऊद किस क्रम में “उत्पन्न” होते हैं। यह भी स्पष्ट करता है कि ईश्वर के वादे और मसीह के उद्धार के इतिहास में दाऊद का स्थान कितना केंद्रीय है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • वंशावली की महत्ता: परमेश्वर का क्रम और योजनाबद्ध इतिहास, जिसे पवित्र ग्रंथों में बार-बार दोहराया गया है।
  • नैतिक और राजसी उत्तरदायित्व: दाऊद का वंश वैवरण के साथ जुड़ता है—राजनीतिक सत्ता और धार्मिक नेतृत्व के बीच का संतुलन दर्शाते हुए।
  • ख़ास कड़ी: मसीह की उपलब्धि को पूर्व-घोषणा के रूप में दाऊद के वंश से जोड़ना—यहोवा की योजनाओं की निरंतरता।

संबद्ध पाठ

ग़ौरतलब cross-references:

  • लूका 3:31-32: यीशु के वंश का उल्लेख, जहाँ यह दिखता है कि मसीह दाऊद के वंश से है। (संकेत के अनुसार यह पाठ शास्त्र में उद्धृत है.)
  • 2 शमूएल 7 और 1 इतिहास 17:12-14: दाऊद के घराने की प्रतिज्ञा और यरु又लम में उसकी राजकीय प्रमाणित भूमिका।

संकेतार्थ: यीशु के वंश को दाऊद की परंपरा से जोड़ना पुराने-नए नियम के बीच एकीकृत कहानी बनाता है—जो प्रतिज्ञाओं के सत्य होने का प्रमाण देता है।

व्यावहारिक विचार

हम देख सकते हैं कि परमेश्वर क्रमबद्ध योजना बनाते हैं और समय पर पूरी करती है। हमारा जीवन भी घटनाओं के क्रम में आता है; विश्वास रखें कि परमेश्वर के वचन की हर धारा हमारी आलोचना नहीं, बल्कि उद्धार के मार्ग का हिस्सा है। वहाँ जब हम अतीत की भारत-वृत्तियों को देखते हैं, तो ईश्वर की स्थिरता और भरोसेमंद योजना स्पष्ट होती है।

छोटी समापन-रेखाएं

1 इतिहास 2:15 एक स्मारक है कि दाऊद और उसके वंश की भूमिका इतिहास के क्रम में एक स्थिर कथानक है—जो मसीह, यीशु के आगमन की तैयारी और आशा को पुष्ट करता है।

एहसास और उद्धरण

इस प्रकार के वंश-वृक्षीय उल्लेखों पर प्रसिद्ध पूर्व-गुणी टिप्पणीकारों के संक्षिप्त निष्कर्षों से हम देखते हैं कि वंशावली का उद्देश्य केवल नाम-गणना नहीं, बल्कि दायित्व और उद्धार के संबंधों को दर्शाना है।

याद रखने योग्य बिंदु: इस पाठ के साथ जुड़ी किसी भी प्रत्यक्ष पूर्ण उद्धरण को यहाँ नहीं दिया गया है; केवल संदर्भ-उद्धरण दिए गए हैं ताकि पाठ की संरचना स्पष्ट रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 2:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 17:12 (HINIRV) »
दाऊद यहूदा के बैतलहम के उस एप्राती पुरुष का पुत्र था, जिसका नाम यिशै था, और उसके आठ पुत्र थे और वह पुरुष शाऊल के दिनों में बूढ़ा और निर्बल हो गया था।

1 शमूएल 16:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:10 (HINIRV) »
इस प्रकार यिशै ने अपने सात पुत्रों को शमूएल के सामने भेजा। और शमूएल यिशै से कहता गया, “यहोवा ने इन्हें नहीं चुना।”

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