1 इतिहास 25:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

नौवीं मत्तन्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई समेत बारह थे।

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1 इतिहास 25:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का सीधा सार

1 इतिहास 25:16 का यह पद यह बताता है कि नौवीं मत्तन्याह के नाम पर निकली लोक-गायन मंडली में उसके पुत्र और भाई समेत कुल बारह सदस्य थे।

संदर्भ पृष्ठभूमि

यह इतिहास का भाग दरबार-गीत-समूह (वर्तमान में मंदिर-यज्ञ-गीत-विद्या) के ठहराव और सेवा-सूची की जानकारी देता है। क्लेवरियों के गीतों के क्रम में 24 अध्यायों के अंत में अधिकारिक विभाजन और मंदिर-कार्य में वेव-यन्-यों का वर्णन है। यहाँ बारह गायक-समूहों का उल्लेख उनके क्रम और कर्तव्य के रूप में है, जो विशिष्ट नामों के साथ सेवा करते थे।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • नौवीं मत्तन्याह की पहचान से स्पष्ट होता है कि संगीत-कलाकारों की टोली में परिवारिक और भाई-बंधनों का महत्व था, और इस समूह के बारह सदस्य एक-एक समूह के प्रतिनिधि थे।
  • “बारह” संख्या परमाणिक पूर्णता और व्यवस्था का संकेत देती है; हर एक परिवार से एक सदस्य का चयन सेवा के लिए किया गया था।
  • गीत-संयोजन और वंशावली का मेल इसे सामुदायिक सदस्यता और कर्तव्य-स्थिति के रूप में दिखाता है; यह सेवा-निष्ठा की मिसाल है।

संकेतित थेमैटिक बिंदु

  1. परिवार-आधारिकता और परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी।
  2. कठोर व्यवस्था के साथ आध्यात्मिक-सेवा की समरसता।
  3. समुदाय-समर्थन और एकता के प्रतीक बारह सदस्यता का निश्चय।

संदर्भ पंक्तियाँ (क्रॉस-रेफरेंसेस)

यद्यपि मैं पूर्ण पद से उद्धरण नहीं दे रहा, निम्न संदर्भों से संगति स्पष्ट होती है:

  • क्योंकि गाने और वैयक्तिक कर्तव्य एक साथ आते हैं, 1 इतिहास 25:7-8 में गाऊँ-समूहों के नाम और क्रम दिखते हैं—यह भी परिवारिक-वंशावली से जुड़ा है।
  • 2 क्रिया 5:12-14 में भी पवित्र-गीतों की एकता और मंदिर-आकृति के अनुसार भाइयों की एकता का चित्र मिलता है।
  • निरूपित आराधना-यज्ञ के समूहों के बारे में पुराण के अन्य भागों में भी नामों के साथ व्यवस्था का संकेत है।

छोटा व्यावहारिक निष्कर्ष

हमारे लिए यह स्मरण कराता है कि ईश्वर के कार्यों में विविध सदस्यों की भागीदारी और सम्मान, परिवार-उत्पत्ति से आज की स्थानीय समुदाय-सेवा तक, एक संगठित और समर्पित समूह के रूप में संभव होती है। हर एक व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा बनाए रखे, ताकि समुदाय की सेवाबुद्धि बनी रहे।

संक्षिप्त समेकन

नौवीं मत्तन्याह के नाम पर निकली मंडली के बारह सदस्य उनके परिवार-सम्बन्धों के आधार पर चयनित थे, जो एक पूर्ण-बंधन और व्यवस्थित सेवा हेतु एकता का प्रतीक बनाते हैं। यह एकता और कर्तव्य-निष्ठा का संदेश वर्तमान पाठ के लिए भी प्रासंगिक है।

केवल यदि आवश्यक हो, आप चाहें तो इस अनुभाग में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के टिप्पणी-उद्धरण केवल संक्षेप-रेखा के रूप में नीचे दिए जा सकते हैं, परन्तु पूर्ण उद्धरण नहीं जोड़े जा रहे हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 25:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

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