Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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2 इतिहास 11:3 पर टिप्पणी (HINIRV)
इस प verse में यरूबाबाम के वर्षों के समय यहूदा और पूरे इस्राएल के समुदाय को चेतावनी दी जा रही है कि दक्षिणी व आसपास के क्षेत्र के राजा नेक काम करें ताकि वे धार्मिक और सामाजिक एकता बनाए रखें। पंक्ति में संदर्भ है कि यहूदा के राजा सुलैमान के पुत्र रहूबाम से और यहूदा व बिन्यामीन के सब इस्राएलियों से कहो—यानी रहूबाम ने उत्तर (इस्राइल के सातों आदर्श राज्यों) के बजाय यहूदियों और उनके नजदीकी भाई-बंधुओं तक चेतावनी पहुँचाने के लिए कहा। यह वाक्यांश एक संरचनात्मक टिप्पणी है: आगे की नीति और निर्णयों के संदर्भ में श्रोताओं को निर्देशित करना कि वे एक दूसरे के साथ एकजुट रहें और परमेश्वर की मार्गदर्शक व्यवस्था के अनुसार चलें।
केंद्रीय अर्थ
यह verse एक प्रेरक उद्घोषणा है जिसमें यहूदियों और बिन्यामीन के सभी इस्राएलियों से आग्रह है कि वे एक-दूसरे के साथ एकजुट रहें, विशेषकर शासकों के विभाजन के समय। रहूबाम को संदेश भेजने वाले के रूप में यहूदाम के राजा के रूप में—जो दक्षिणी दो राज्यों की सत्ता के प्रतिरूप हैं—वह यह स्पष्ट करता है कि चूंकि प्रदर्शन और सत्ता के विभाजन ने इस्राइल को कमजोर किया है, इसलिए एकता ही रक्षा का आधार है।
मुख्य विषय
समानार्थक पाठ से जुड़ाव
इस पाठ को इतिहास के अन्य हिस्सों से जोड़ा जा सकता है जहाँ एकता और नीति के बारे में स्पष्ट निर्देश मिलते हैं। उदाहरणतः नीचे दिए कुछ संदर्भ हैं:
व्यावहारिक विचार
आज के पाठकों के लिए यह संदेश है कि विभाजन के दौर में भी एक दूसरे के साथ सम्मान, करुणा और सहानुभूति बनाए रखें। पारिवारिक, सामुदायिक या क्षेत्रीय स्तर पर एकता का प्रयास हर निर्णय में प्रतिबिंबित हो। आपसी समझ, गलतफहमियों की मरम्मत और एक ही परमेश्वर के उद्देश्य के लिए मिलकर चलना प्रत्येक समुदाय की सुरक्षा और विकास का आधार है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त अर्थ सहित)
1) 2 इतिहास 10–11: शासन के विभाजन के समय एकता की जरूरत का पुनः संकेत है; यह पाठ यह भी दिखाता है कि किन कारणों से विभाजन स्थिर नहीं रहता।
2) 2 इतिहास 12: परमेश्वर के न्याय और अनुग्रह की गति—कभी-कभी एकता के बिना अस्थिरता आ जाती है और समय पर पुनर्मेलन दिखता है।
3) व्यवस्थियों के बीच प्रेम और एकता की प्रार्थना—हित्तपूर्वक रिश्तों की मरम्मत और एकता के लिए सकारात्मक कदम उठाने का संदेश।
संक्षेप
यह verse एक चेतावनी और प्रेरणा दोनों है: एकता से शक्ति मिलती है और विभाजन से विनाश। रहूबाम के संदेश के पीछे स्पष्ट उद्देश्य यह है कि दक्षिणी और उत्तरी इस्राएल एक साथ रहें और परमेश्वर के कहे अनुसार चले जाएँ।
महत्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित समकालीन टिप्पणीकारों से):
मैथ्यू हेन्री (Matthew Henry) के अनुसार, एकता की महत्ता व्यवस्था के उचित संचालन पर निर्भर है।
एल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) के अनुसार, नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे धर्म और राजनीति को एक समन्वय में चलाएँ ताकि विरोध और क्रोध खत्म हो।
आदम क्लार्क (Adam Clarke) के अनुसार, यह संदेश समुदाय को एक करना चाहता है ताकि परमेश्वर की कृपा बनी रहे।
नोट
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