2 इतिहास 12:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब इस्राएल के हाकिम और राजा दीन हो गए, और कहा, “यहोवा धर्मी है*।”

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2 इतिहास 12:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 इतिहास 12:6 — तत्कालीन घटनाक्रम का संदर्भ और प्रमाण

घटना का परिवेश यह बताता है कि राजा Roboam के शासन के समय इश्राएल ने परमेश्वर के विरुद्ध कठोर दबाव झेला और उसकी नीति-निर्णयों से देश निर्भीक नहीं रहा। यह वचन बताता है कि जब रोमान से शासन होता है और लोग किसी प्रभु के निर्देशों से भटक जाते हैं, तब यहूदा और इस्राएली राजा दबाव सहते हैं और तब परमेश्वर के विश्वासपात्र अपने दायित्वों को फिर से पहचानते हैं।

पद का मूलार्थ और प्रभु के बारे में दृश्य

पद कहता है कि तब इस्राएल के हाकिम और राजा दीन हो गए, और कहा, “यहोवा धर्मी है।” यह कथन धर्मपरक जागृति की प्रस्तुति है। प्रभु के सामने गिरना और उसकी पवित्र सत्ता को मानना इस समय के नेताओं के भीतर एक परिवर्तन की गवाही देता है। परमेश्वर के प्रति विश्वास की यह पुनःस्थापना यह स्पष्ट करती है कि सत्यता में केवल वही टिकाऊ है जो ईश्वर के न्याय के अनुसार संचालित हो।

महत्वपूर्ण शब्द और imagery के स्पष्टीकरण

  • दीन हो गए: नेतृत्व में कमजोरी और निर्बलता का व्यक्त होना—जो आत्म-निर्भरता और विश्वासघात को दर्शाता है, परंतु पवित्रता के सामने ये पात्र अंततः पाप की सचेतना में आते हैं।
  • यहोवा धर्मी है: परमेश्वर के चरित्र का संकल्पना-पूर्ण उद्घोष। न्यायी, सच्चा, माफ करने वाला—ये गुण यहां स्पष्ट होते हैं, और यह राजकीय निर्णयों में धर्मसत्य की स्पष्टता की गवाई देता है।

अनुक्रमित cross-references और उनका संक्षिप्त अर्थ

  • — दावीद के पवित्र वचन और मंदिर के पवित्र पाठ के संदर्भ में परमेश्वर की सच्चाई का स्मरण।
  • — समय के साथ मनुष्यों की धर्म-चेतना में जागृति की आवश्यकता और प्रभु के प्रति परिवर्तन की मांग।
  • — प्रकाश के सामने अंधकार की स्वीकृति और धर्म-चेतना की आलोचना का दृश्य।

इन सहायकारी क्रॉस-रेफरेंसेज़ से यह स्पष्ट होता है कि प्रभु के न्याय और दया के साथ आस्था की जड़ें गहरी होनी चाहिए ताकि संकट के समय भी ईमानदार निर्णय बन सकें।

आज के परिवेश में अनुप्रयोग

आज के नेताओं और समुदायों के लिए यह चिता-भरी सीख है: संकट के समय में भी परमेश्वर की सच्चाई को पहचाने रखना और उसकी धर्म-न्याय के अनुसार निर्णय लेना आवश्यक है। दीन-हृदयता से उभरकर, हम अपने जीवन में ईश्वर के मार्ग को पुनः ग्रहण करें, क्योंकि वही धर्मी है और हमारे उद्धार का स्रोत है।

छोटा सार

यह वचन यह संकेत देता है कि जब लोग अपने स्वार्थ और राजनीतिक दबावों के कारण भटकते हैं, तब भी ईश्वर की धर्मसत्यता स्थिर रहती है। नीति-निर्णयों में उसकी righteousness पर टिके रहने से ही समाज में स्थिरता और विश्वास का निर्माण संभव है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 12:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तब फ़िरौन ने मूसा और हारून को बुलवा भेजा और उनसे कहा, “इस बार मैंने पाप किया है; यहोवा धर्मी है, और मैं और मेरी प्रजा अधर्मी हैं।

दानिय्येल 9:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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इस कारण यहोवा ने सोच विचार कर हम पर विपत्ति डाली है; क्योंकि हमारा परमेश्‍वर यहोवा जितने काम करता है उन सभी में धर्मी ठहरता है*; परन्तु हमने उसकी नहीं सुनी।

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तब मूसा और हारून ने फ़िरौन के पास जाकर कहा, “इब्रियों का परमेश्‍वर यहोवा तुझसे इस प्रकार कहता है, कि तू कब तक मेरे सामने दीन होने से संकोच करता रहेगा? मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे कि वे मेरी उपासना करें।

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