Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
2 इतिहास 1 2 इतिहास 2 2 इतिहास 3 2 इतिहास 4 2 इतिहास 5 2 इतिहास 6 2 इतिहास 7 2 इतिहास 8 2 इतिहास 9 2 इतिहास 10 2 इतिहास 11 2 इतिहास 12 2 इतिहास 13 2 इतिहास 14 2 इतिहास 15 2 इतिहास 16 2 इतिहास 17 2 इतिहास 18 2 इतिहास 19 2 इतिहास 20 2 इतिहास 21 2 इतिहास 22 2 इतिहास 23 2 इतिहास 24 2 इतिहास 25 2 इतिहास 26 2 इतिहास 27 2 इतिहास 28 2 इतिहास 29 2 इतिहास 30 2 इतिहास 31 2 इतिहास 32 2 इतिहास 33 2 इतिहास 34 2 इतिहास 35 2 इतिहास 36



शब्दशः अर्थ और संदर्भ
2 इतिहास 15:9 में कहा गया है कि राजा एज़ा ने यहूदा और बिन्यामीन के सभी लोगों को, साथ ही एप्रैम, मनश्शे और शिमोन के ऐसे लोग जो उनके साथ रहते थे, इकट्ठा किया। इसका मूल अर्थ है कि राजा ने व्यवहारिक रूप से पूरे राज्य-वृत्त के निवासियों को एक साथ बुलाया, ताकि वे परमेश्वर के साथ राजा के सम्मिलन को साझा करें और एकजुट होकर ईश्वर की कठोरता से डरें। यह दिखाता है कि परमेश्वर के साथ राजा के परम-संबंध ने राज्य-व्यवस्था को एकजुट किया है, और वे सभी मिलकर ईश्वर की आज्ञाओं के अनुसार चलने के लिए प्रेरित हुए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह इतिहास-ग्रंथों का समय ईश्वर की सहायता और शांति के लिए राजा एज़ा की यात्रा की ओर संकेत करता है। एज़ा का शासन धार्मिक पुनःस्थापना और दिशा-निर्देशन का समय था, जब लोग यहोवा से पीछे हट रहे थे। इस verse में वह सभी क्षेत्रीय जनजातियाँ और समुदाय जो एक साथ रहते थे, वे एक साथ आकर यह मानते हैं कि यहोवा उनके साथ है।
व्याख्या के प्रमुख बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेतित विचार और स्पष्ट पाठ नहीं)
1) संदर्भ: 2 इतिहास 14–16 के घटनाक्रम, जहाँ राजा के धार्मिक सुधार स्पष्ट होते हैं; व्याख्या: एकता और धार्मिक पुनर्स्थापना के लिए राजा का दृढ़ संकल्प बनता है।
2) संदर्भ: 2 इतिहास 7:14, जहाँ यदि peuple घुलित प्रार्थना और नम्रता दिखाए, तब परमेश्वर की दृष्टि उनके साथ रहती है; व्याख्या: समुदाय की साधना और समर्पण परमेश्वर के निकटता को आकर्षित करते हैं।
कथन-निरपेक्ष सार
ईश्वर के साथ राजा की संगति से प्रेरित होकर समुदाय एकजुट होता है, और यह दिखाता है कि आध्यात्मिक पूरी शक्ति सामाजिक और राष्ट्रीय एकता को बल देती है।
संक्षिप्त अनुपालक निष्कर्ष
अपने समय में जो लोग परमेश्वर के साथ रहते हैं, वे सामाजिक विभाजन को भी तोड़कर एक आम उद्देश्य के लिए आ सकते हैं। यह verses इस सत्य का संकेत देते हैं कि एकतावदा प्रभु-भक्ति से समाज में स्थिरता और आशीर्वाद आता है।
सूक्ष्म उद्धरण और स्रोत-प्रभाव
यह अनुभाग किसी भी उद्धृत प्रसिद्ध-पब्लिक-डोमेन टिप्पणीकारों से संकीर्ण उद्धरण को शामिल नहीं करता है, पर यदि आवश्यक हो तो नीचे एक-लाइन उद्धरण प्रकाशित स्तर पर लिया जा सकता है:
“परमेश्वर के साथ रहने वाला राजा अपने राज्य की आत्मा को व्यवस्थित करता है।”
संरचना-नोट
नीचे के हिस्से में एक संक्षिप्त दृश्य-गठन दिया गया है ताकि पाठक मूल अर्थ और ऐतिहासिक संदर्भ को सरल ढंग से समझ सकें:
संदर्भों के साथ यह छोटा सार स्पष्ट करता है कि कैसे धार्मिक पुनःस्थापना के समय लोगों की समेकित उपस्थिति एकजुटता बढ़ाती है और परमेश्वर की बड़ी योजना के अनुरूप आगे बढ़ती है।