उत्पत्ति 39:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है। (प्रेरि. 7:9)

पिछला पद
« उत्पत्ति 39:2

उत्पत्ति 39:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 39:3 — संदर्भित हालात और ईश्वर की उपस्थिती

परिवेश: यूसुफ के जीवन में मिस्र के दासत्व का समय है, जब वह Potiphar के घर में दास के रूप में बिकता है। इस परिच्छेद में वही दृश्य दिखता है कि कैसे प्रभु Yahweh उसकी सीधी-सीधी विश्वासयोग्यता और परम कृपा के कारण उसे अपने उद्देश्य में आगे बढ़ाते हैं। verse के आरंभिक पंक्तियाँ Potiphar के घर में यूसुफ के प्रभाव को दर्शाती हैं, जहां यहोवा उसकी संगति में है और हर कर्म जो वह करता है, उसे सफलता मिलती है।

पाठ से क्या स्पष्ट होता है

यह वाक्य यह सिद्ध करता है कि परमेश्वर की उपस्थिति और आश्रय एक दास के दैनिक कार्यों में भी स्पष्ट रूप से अनुभव किया जा सकता है। यूसुफ के प्रति God's favor निजी नहीं बल्किouti उसके कामों के परिणामस्वरूप प्रकटीत होता है—जो भी वह हाथ से करता है, ईश्वर उसे सफल बना देते हैं। यह ‘यहोवा उसके हाथ से सफलता कर देता है’ का मूल विचार है कि एक विश्वासी का दैनिक सेवा-कार्य, यदि ईश्वर के निर्देशानुसार हो, तो परिणामस्वरूप प्रतिफल मिलता है।

ईश्वर और विश्वास का संदेश

यहां ईश्वर की उपस्थिति का तात्पर्य है कि विश्वासी का जीवन किसी एकल घटना तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हर दिन की मेहनत, हर निर्णय और हर कर्तव्य में उसकी दिशा रहती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सच्ची सफलता पृथक्-परिश्रम से नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा और आशीष से मिलती है जब मन दृढ़, विश्वास मजबूत और सेवक-भावना में हो।

शब्दों/चित्रों की स्पष्टता

- “यहोवा उसके साथ रहता है”—यह यहूदी-नैतिक दुनिया में एक निश्चय है: परमेश्वर का साथ एक व्यक्ति के जीवन-चरित्र का अभिन्न हिस्सा है।
- “जो काम वह करता है उसे यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है”—यह किसी कड़ी मेहनत की कमी नहीं दिखाता, बल्कि ईश्वर की सहायता और मार्गदर्शन द्वारा क्रिया-परिणामों में उत्कृष्टता का संकेत देता है।

संबद्ध पदों के संकेत

1) प्रेरित दर्शन के संकेत: प्रेरित-उद्धरण में यह विचार कि एक विश्वास-जीवन में ईश्वर का साथ और कृपा कितनी गहरी प्रभाव डालती है, अन्य कथा-उद्धरणों से मेल खाता है कि किस प्रकार आत्म-समर्पण और परमेश्वर-जीवनिकता से सफलता मिलती है।
2) प्रेरितियों की चर्चा: जीवन के दैनिक कार्यों में ईश्वर के साथ साथ चलना, जैसे कि यूसुफ के अनुभव में है, विश्वसनीय आशीष का स्रोत बनता है।

आधुनिक अनुप्रयोग

  • व्यवसाय और रोजगार: कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर का आशीष साथ होने पर उद्योग-धंधे में स्थिरता और सफलता मिलती है; नीति यही हो कि हर कार्य में ईमानदारी और कर्तव्य-निष्ठा बनाए रखें।
  • नैतिक प्रतिनिधित्व: कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा और नैतिक निर्णयों के साथ ईश्वर की उपस्थिति को मानना चाहिए; इससे परिवार और समाज दोनों में विश्वास बनता है।
  • आत्म-विश्वास का स्रोत: कठिनाइयों के बीच आत्म-विश्वास बनाए रखना—क्योंकि परमेश्वर साथ है—यह याकूब की चरम परीक्षा में भी मिला प्रमाण बढ़ाता है।

क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षेप प्रयोग

1) व्यवस्थाओं के विश्वास: यहोवा के साथ रहते हुए सफलता का इनकार नहीं होता; अन्य स्थानों में भी विश्वास-जीवन यह दर्शाता है कि केवल कर्म से नहीं, परमेश्वर की कृपा से भी सफलता मिलती है।

2) प्रेरिती सूत्र: प्रेरित-पत्रों में भी विश्वास और परमेश्वर की उपस्थिति यहोवा के साथ सहभागिता का संकेत दें।

3) मार्गदर्शक उदाहरण: जो दासत्व के समय भी ईश्वर के साथ रहता है, उसका कार्य-फल के रूप में सम्मानित होता है, यह दिखाता है कि ईश्वर हर परिस्थिति में विश्वास को सुदृढ़ बनाते हैं।

अनुसंधान नोट

यद्यपि यह पाठ एक निष्ठुर परिस्थिति का संकेत देता है, पर यह प्रेरित करता है कि ईश्वर की उपस्थिति और मार्गदर्शन से ही जीवन की दिशा बनती है।

संक्षिप्त सार

उत्पत्ति 39:3 मेंPotiphar के घर में यूसुफ इस बात का प्रमाण देते हैं कि परमेश्वर के साथ एक विश्वासी का जीवन सामान्य, दैनिक कार्यों में भी सफल और प्रभावशाली रहता है। यह पाठ हमें यह सिखाता है कि ईश्वर की उपस्थिति सचमुच हमारी हर नयी शुरुआत में साथ देती है और कर्म-फल उसी के अनुसार होता है।

उद्धरण स्रोत संकेत: यदि आवश्यक हो, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पुराने टिप्पणियाँ से यह विचार पंक्तियों के साथ संक्षेप में मिलते हैं; परन्तु संप्रेषण में मूल टेक्स्ट के प्रति सम्मान बनाए रखा गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 39:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 1:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 1:3 (HINIRV) »
वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती पानी की धाराओं के किनारे लगाया गया है* और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। और जो कुछ वह पुरुष करे वह सफल होता है।

उत्पत्ति 30:27 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 30:27 (HINIRV) »
लाबान ने उससे कहा, “यदि तेरी दृष्टि में मैंने अनुग्रह पाया है, तो यहीं रह जा; क्योंकि मैंने अनुभव से जान लिया है कि यहोवा ने तेरे कारण से मुझे आशीष दी है।”

उत्पत्ति 21:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 21:22 (HINIRV) »
उन दिनों में ऐसा हुआ कि अबीमेलेक अपने सेनापति पीकोल को संग लेकर अब्राहम से कहने लगा, “जो कुछ तू करता है उसमें परमेश्‍वर तेरे संग रहता है;

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें