Old Testament
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यथार्थ अर्थ (सार): Genesis 39:10
इस वाक्य का सीधा अर्थ है कि इसहाकी-यूसुफ को जेल से बाहर कर पाताल की सत्ता के विरोध में भुलाकर भी, पुराने मिस्रपति के पुत्र जो अरीफ से जुड़ा था, वह बार-बार उसके साथ लेने की इच्छा प्रकट करती रहीं; पर यूसुफ ने उसकी न मानी और न उसके साथ खुद घुसा।
संदर्भ पाठभूमि
यूसुफ की कहानी काशी में अपने भाइयों के दुष्कृत्य के बाद मिस्र में गिरेरुखी को पाँव जमाने की है। Potiphar के घर में काम करने के दौरान उसकी नैतिकता और ईश्वर-भरोसा प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इसVerse में पृष्ठभूमि यह है कि मिस्र की रानी/निगरानी के रूप में पत्नी Potiphar, जो परिशुष्य और सत्ता से परिपूर्ण, यूसुफ पर आकर्षित होती है। वह प्रतिदिन उसे अपने पास बुलाती है, पर यूसुफ दृढ़ रहता है और उसकी इच्छा के अनुसार नहीं जता।
मुख्य विचार
अनुशीलन विचार (संकेतक निष्कर्ष)
संबद्ध पदानुक्रम (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
निष्कर्षात्मक प्रेरणा
यूसुफ का उदाहरण बताता है कि प्रतिकूल दबाव में भी ईश्वर-आज्ञा को पहले रखना चाहिए, ताकि वस्तुनिष्ठ नैतिकता और ईश्वर-विश्वास दूरगामी परिणाम दे सके। हमारे दैनिक निर्णय, भले छोटे हों, सत्य, विश्वास और पवित्रता के आधार पर होने चाहिए।
नोट: इस पथ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे प्रकाशकों के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संयोग से उठे संकेतों को संतुलित तरीके से समाहित किया गया है। यदि आप इन टिप्पणीकारों के स्पष्ट उद्धरणों के लिए पूछेंगे, तो मैं छोटे-छोटे उद्धरणों को संदर्भानुसार दे सकता हूँ।