Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 7:5— immediate setting
इस पद में कहा गया है कि युवाओं को बहकाने वाली चुगली भरी बातों से दूर रहने के लिए एक नज़र, एक सतर्कता और एक जागरूक दृष्टि चाहिए। संदिग्ध बातों के प्रति लोभ न बने, इसी के विरुद्ध सुचित करने के लिए यह चेतावनी दी गई है कि वह स्त्री जो चिकनी-चुपड़ी बातें बोलती है, उसे पहचानना और उससे बचना आवश्यक है। यह पाठ व्यवहारिक बुद्धिमत्ता की मांग करता है, परंतु संदर्भ में यह भी दिखाता है कि परीक्षा के समय में कौन से रास्ते जीवन की ओर जाते हैं।
ईश्वर या विश्वास के संदर्भ में पाठ की दृष्टि
नीतिवचन के इस अंश में 삶 के फिसलन वाले क्षणों के बीच ईश्वर के सत्यनिष्ठ पथ और वाचा के प्रति आस्था की सुरक्षा प्रमुख है। जहाँ व्यक्ति पथभ्रष्टियों से दूर रहने के नियमों को मानकर ईश्वर के प्रति श्रद्धा और भय बनाए रखे, वहीं वह जीवन की वास्तविक समृद्धि और शांति पाता है। यह अंश हर प्रकार की भयावह दुष्कार्यों से बचने के लिए विवेक और धर्मसंगत निर्णय की एक नैतिक सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर करता है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
अन्य प्रासंगिक संदर्भ
यह चेतावनी पथ-चयनों के विरुद्ध सावधान रहने की शिक्षा देती है। अन्य संदर्भ जहाँ इन्द्रिय-प्रवृत्ति के विरुद्ध विवेक की महत्ता पर बल है, वे भी संकेत देते हैं:
पायाभाविक व्याख्या और उपयोगी उद्धरण
यहां विवाहयोग्य-निष्ठा की सुरक्षा और सामाजिक नैतिकता पर बल है—कथित आकर्षण के क्षणों में विवेक बनाए रखना। मैथेयू हार्नी (Matthew Henry) और अॅल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) के टिप्पणीय संकेतक यह साझा करते हैं कि इस प्रकार के संकेतक तत्काल सावधानी की आवश्यकता बताते हैं ताकि आत्मिक गिरावट न हो।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
कथन-उद्धरण: सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचार
यदि उपलब्ध हो, नीचे दिए गए पंक्तियाँ सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से संक्षेप में उद्धृत की जा सकती हैं:
“चिकनी बातें कभी-कभी सबसे गहरी फँसाव बन जाती हैं; विवेक और ईश्वरीय भय ही रास्ते को स्पष्ट करते हैं।”
उद्धरण नोट: मैथेयू हार्नी, अलबर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के पूर्ण पाठ से संकलित छोटे पंक्तियाँ उपलब्ध हो सकने पर सीधे उद्धृत की जा सकती हैं, परन्तु यहाँ संक्षेप में विचार दिए गए हैं।
शीघ्र संदर्भ
नीतिवचन 7:5 का संदर्भ-सम्बन्धित अन्य पंक्तियाँ— नीचे एक-दो सरल cross-references: