Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
नीतिवचन 6:1 नीतिवचन 6:2 नीतिवचन 6:3 नीतिवचन 6:4 नीतिवचन 6:5 नीतिवचन 6:6 नीतिवचन 6:7 नीतिवचन 6:8 नीतिवचन 6:9 नीतिवचन 6:10 नीतिवचन 6:11 नीतिवचन 6:12 नीतिवचन 6:13 नीतिवचन 6:14 नीतिवचन 6:15 नीतिवचन 6:16 नीतिवचन 6:17 नीतिवचन 6:18 नीतिवचन 6:19 नीतिवचन 6:20 नीतिवचन 6:21 नीतिवचन 6:22 नीतिवचन 6:23 नीतिवचन 6:24 नीतिवचन 6:25 नीतिवचन 6:26 नीतिवचन 6:27 नीतिवचन 6:28 नीतिवचन 6:29 नीतिवचन 6:30 नीतिवचन 6:31 नीतिवचन 6:32 नीतिवचन 6:33 नीतिवचन 6:34 नीतिवचन 6:35



नीतिवचन 6:1 का तत्काल संदर्भ और पाठ का अर्थ
हे मेरे पुत्र, यदि तू अपने पड़ोसी के जमानत का उत्तरदायी हुआ हो, अथवा परदेशी के लिये शपथ खाकर उत्तरदायी हुआ हो,
पाठ का सेटिंग और विषय-वस्तु
यहुक्त वाक्य एक युवक को चेतावनी देता है कि तयशुदा दायित्वों के बींधन से बचना चाहिए। जमानत लेना और दूसरों के ऋण-उत्तरदायित्व को अपने ऊपर ले लेना अवसर पर अवसर पर फूले-फले विवाद और उधारदारी के जाल में डाल सकता है। लेखक एक पिता-समरूपी मार्गदर्शक के रूप में अपने पुत्र को व्यवहारिक सतर्कता सीखाने की कोशिश कर रहा है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो स्पष्ट होता है
इस पाठ में ईश्वर की जिम्मेदारी और मनुष्य की धारणाओं के बीच एक नैतिक संतुलन उभरता है: जीवन में दायित्व निभाने की शुद्धता और दूसरों के लिए बाध्यता के बोझ से बचना सत्य के अनुरूप है। यह दायित्व-सम्बन्धी चेतावनी ईश्वर के कर्म-तथ्य के अनुरूप है, जहाँ न केवल व्यक्तिगत शान्ति है बल्कि समाज की न्याय-पूर्णता भी सुरक्षित रहती है।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संबद्ध और संदर्भित बाइबल पवित्र ग्रंथ
नीतिवचन में दायित्व के प्रति विवेचनात्मक चेतावनी अन्य स्थानों में भी मिलती है—जैसे सम्वैधानिक कर्तव्य निभाने, धोखाधड़ी से बचने, तथा किसी के कर्ज के बोझ से स्वयं को मुक्त रखने के बारे में निर्देश दिए गए हैं। संबंधित आयतन अध्यायों में न्याय, ईमानदारी और सामाजिक सहअस्तित्व पर बल रहता है।
क्रॉस-रेफरेंसे
1) नीतिवचन 22:26-27 — कभी-कभी अनजाने दायित्व उठाने से बचना चाहिए ताकि अपने घर को जोखिम में न डालें।
2) प्रस्थान 22:25 — किसी के ऋण-उद्धार में बिना उचित तैयारी के नहीं कूदना चाहिए; यह आर्थिक विवेक की बात है।
3) मत्ती 5:37 — अपनी बात पर सत्य बोलना और अति-प्रतिज्ञाओं से बचना धर्म के अनुरूप है।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
संक्षिप्त एकीकृत निष्कर्ष
यह अंश पुत्र-सी शिक्षा देता है कि बिना उचित कारण और व्यवस्था के जमानत लेना या दूसरों के कर्ज को अपने ऊपर उठाना हानिकारक है। उचित योजना, विवेकपूर्ण निर्णय और ईमानदार व्यवहार ही वास्तविक स्वतंत्रता और समाज की स्थिरता के लिए प्रेरक हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकलन-आधारित विचार यहाँ एकीकृत होते हैं; आवश्यक स्थानों पर उनके सीधे शब्द नहीं दोहराए गए हैं, बल्कि उनके विचारों के संकलन से पाठ का मार्गदर्शन किया गया है।