Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 6:28 का संदर्भ और समझ
यह पद एक दुष्ट की कहानी में एक सामान्य दुराचारी प्रथापित सतर्कता को दर्शाता है: किसी ने अंगारों पर चलने का प्रयास किया, पर उसके पाँव जलते ही रहते हैं। यह नीतिवचन उन बातों की चेतावनी देता है जो दिखने में आकर्षक या आकर्षक लग सकती हैं, परन्तु उनके परिणाम व्यावहारिक रूप से हानिकारक होते हैं। पाठक को यह समझाने हेतु कहा गया है कि बुद्धि और आत्म-नियंयत्रण के बिना जोखिम उठाने से नुकसान ही मिलता है।
केंद्रीय मतलब
कथन यह नहीं कि अंगारे पर चलना वास्तविक विकल्प है, बल्कि यह एक उक्ति-रचना है जो जोखिम भरी प्रेम-प्रथा, लालच या अन्य धूर्त योजनाओं के अनुष्ठान की प्रवृत्ति को उदाहरणसहित दिखाती है। जैसे ठगी या बेमेल निर्णय तुरंत लाभ जैसा दिख सकता है, पर उसका परिणाम बुरा होता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति ऐसी बातों से दूरी बनाता है और अपनी चाल को समझदारी से चलाता है।
तीन प्रमुख विषय
संबंधित बाइबिल passages
पहचान प्रदान करने हेतु कुछ अन्य उद्धरण जो समान ध्वनि या सुरक्षा के सिद्धांत को प्रकट करते हैं:
व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम अपने दैनिक जीवन में उन "अंगारों" से सावधान रहें जो दिखने में उत्साहजनक लगते हैं—खासकर आर्थिक जोखिम, असुरक्षित संबंध, या ऐसी शर्तें जिन्हें तुरंत लाभ कहते हैं पर दीर्घकालिक हानि पहुँचाते हैं। निर्णय लेने से पहले सत्यापन करें, संदिग्ध योजनाओं में निवेश न करें, और अगर सहज मिल रहा है तो भी सतर्क रहें।
संक्षेप
नीतिवचन 6:28 हमें याद दिलाता है कि आकर्षक मार्गों के पीछे छिपे नुकसान को नहीं भूलना चाहिए। विवेक, योजना और आत्म-नियंत्रण से ही हम नहीं तोड़ते, बल्कि सुरक्षित और न्यायपूर्ण रास्ते को चुनते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस
नीतिवचन 3:5-6 — भरोसे के साथ प्रभु के मार्ग पर चलना चाहिए; अपने समझ की जगह उनके निर्देशन को प्राथमिकता दें।
1 कुरिन्थियों 10:13 — तुम्हारे सामने ऐसी परीक्षा आई है जो मानवीय है, पर परमेश्वर कृपालु है; वह तुम्हें सुरक्षित मार्ग दिखाएगा।
हालाँकि ये संदर्भ पूर्ण वाक्य नहीं देते, पर उनका उद्देश्य इस विचार को जोड़ना है कि आत्म-निर्णय के साथ परमेश्वर के मार्ग पर चलना हितकर है।
उद्धरण-नोट
इस पंक्ति में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि के सार्वजनिक-डायाम-ग्रंथों से जो स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हैं, वे संक्षेप में यहाँ बताए गए हैं; यदि आपके पांडुलिपि में उनके शब्द सीधे उद्धृत हैं, उन्हें नीचे सूचीबद्ध किया जा सकता है ताकि पाठक उनके प्राथमिक में पढ़ सकें।