नीतिवचन 17:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

चैन के साथ सूखा टुकड़ा, उस घर की अपेक्षा उत्तम है, जो मेलबलि-पशुओं से भरा हो, परन्तु उसमें झगड़े रगड़े हों।

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नीतिवचन 17:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 17:1 पर एक नज़र: शांति और सत्कार के घर की महत्ता

यह पद एक स्पष्ट मूल्य-सूत्र देता है: आंतरिक शांति और सादगी, भले ही भोजन की मात्रा कम हो, एक असली सुख की कुंजी है—जबकि बड़े भोजन-समारोहों के बावजूद पारिवारिक कलह और अशांति हो। नीतिवचनहमेशा व्यवहारिक जीवन पर केंद्रित है; यहाँ भी சிறு-छोटे वास्तविकीन के बीचूशल शांति को महत्त्व दिया गया है।

पद का पाठ और उसका Chap­ter-के संदर्भ

“चिन के साथ सूखा टुकड़ा, उस घर की अपेक्षा उत्तम है, जो मेलबलि-पशुओं से भरा हो, परन्तु उसमें झगड़े रगड़े हों।”

यहाँ एक साधारण किन्तु गूढ़ तुलना है: भोजन की मात्रा से अधिक, घर का वातावरण—जहाँ शांति और सद्भाव है—अधिक मूल्यवान है। नरम शांति, कम असंतोष, और परिवारिक एकता—ये सब मिलकर स्थिर आंतरिक खुशी बनाते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

1) शांतिपूर्ण वातावरण बनाये रखना—परिवार के भीतर झगड़े और क्लेश से बचना एक मत्वपूर्ण आचरण है, क्योंकि शांति परमेश्वर की ओर से आशीर्वाद है।

2) आवश्यक-सीमाओं के भीतर साधन-सामग्री का महत्त्व—भोजन की कमी हो तो भी यदि प्रेम और एकता है, तब भी घर धन्य रहता है।

3) आत्म-नियंत्रण और विनम्रता—कठोर मतभेदों के बीच भी व्यवहार मधुर रखना एक जीवन-शक्ति है जो परिवार को टिकाए रखती है।

अन्य बाइबल अंशों से तुलना

- देवत्व-वाणी में, यशायाह 32:17 दिखाता है कि सद्गुणों का शांति से परिणाम होता है, और रोमियों 12:18 कहता है कि यदि कभी सम्भव हो तो अपने पुर्न-संतोष में बने रहें और सभी के साथ सुख-शांति चाहते रहें।

- स्तोत्र 4:8 में कहा गया है कि प्रभु का संरक्षण मन को शांति देता है—जो परिवारिक जीवन के भीतर आंतरिक शांति का आधार बनता है।

व्यावहारिक आवेदन

  • घरेलू संघर्ष के समय sabr और क्षमा को प्राथमिकता दें; छोटी-छोटी असहमति को बड़े कलह में नहीं बदलने दें।
  • परिवारिक समय में एक दूसरे की बात सुनें, आवश्यकता पड़ने पर सहानुभूति दिखाएँ।
  • आर्थिक तंगी के समय भी सम्मान और प्रेम बनाए रखें—भोजन कम हो सकता है, पर दिलों का मेल कभी कम नहीं होना चाहिए।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेप में) और उनके संकेत

1) यशायाह 32:17—नैतिकता और शांति का संयोजन लाभदायक परिणाम देता है।

2) रोमियों 12:18—जहाँ संभव हो, शांति के लिए प्रयत्न करें; यदि द्वार खुला हो।

3) स्तोत्र 4:8—भीतर की शांति बाहरी स्थितियों से अधिक महत्वपूर्ण है।

सार—संश्लेषण

नीतिवचन 17:1 एक सरल, पर गहरा सिद्धांत देता है: परिवार का वास्तविक सुख समय के साथ आता है जब घर में शांतिपूर्ण, प्रेमपूर्ण और परिशुद्ध वातावरण बना रहे। कितनी भी भौतिक समृद्धि क्यों न हो, अगर घर में कलह और झगड़े हों, तब वह समृद्धि खो जाती है। इस संदेश कोध्यान में रखते हुए, आज का पाठ हम चाहते हैं कि हम अपने घरों में दयालुता, विनम्रता और समाधान-केन्द्रित सोच को बढ़ावा दें—ताकि उपहार स्वरूप मिलती शांति, मेल-जोल और सुरक्षा का अनुभव सभी को हो।

नोट: ऊपर उद्धृत विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणी-उद्धरणों के संक्षिप्त प्रेरणा-आधार पर समेकित हैं; यदि उपलब्ध हो तो उनके छोटे शब्दों के सीधे उद्धरण इस पंक्ति में इस्तेमाल हुए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 17:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

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